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अनिल कपूर: भारतीय सिनेमा के 'एवरग्रीन' नायक की संपूर्ण जीवनी/Biography of Actor nil Kapoor
अनिल कपूर: भारतीय सिनेमा के 'एवरग्रीन' नायक की संपूर्ण जीवनी
अनिल कपूर केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म जगत की एक ऐसी संस्था हैं जिन्होंने समय के साथ खुद को हर सांचे में ढाला है। 24 दिसंबर 1956 को मुंबई के चेंबूर की तंग गलियों से निकलकर हॉलीवुड तक का सफर तय करने वाले अनिल कपूर की कहानी संघर्ष, लगन और कभी न खत्म होने वाली ऊर्जा की मिसाल है।आज भी अनिल कपूर जब टीवी में किसी प्रोडक्ट के विज्ञापन करते दिखते है तो वो वैसे ही लगते है जैसे वह 1990 में फिल्मों में लगते थे।यानी उनके साथ के सारे एक्टर के चेहरे में कहीं न कहीं बुढ़ापे की लकीरें खींची दिख जाती हैं परंतु आज भी अनिल कपूर की वहीं स्टाइल और वही भोलापन दिख जाता है जैसे बेटा फिल्म में दिखा था । अनिल कपूर आज भी सूटिंग के लिए सेट पर जाते हैं तो उसी ऊर्जा से लबरेज़ रहते हैं जिस ऊर्जा से वह अस्सी के दशक में शूटिंग करते थे।
1. जन्म, परिवार और कठिन बचपन
अनिल कपूर का जन्म एक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ था। उनके पिता सुरिंदर कपूर एक फिल्म निर्माता थे, लेकिन शुरुआती दिनों में परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी।अनिल कपूर का बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा। उनके पिता सुरेंद्र कपूर शुरुआत में प्रसिद्ध अभिनेता शम्मी कपूर के सेक्रेटरी के रूप में काम करते थे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत साधारण थी। शुरुआत में इनका परिवार राजकपूर के गैरेज में रहता था बाद में वह एक कमरे के घर यानी मुंबई में जिन्हें चाल कहा जाता था उसमें शिफ्ट हुए, सुरेंद्र कपूर तब फिल्मों लाइन में आए ही थे और लगातार संघर्ष कर रहे थे और एक स्वतंत्र निर्माता बनने के प्रयास में सतत् संघर्षशील थे। उनकी इस आर्थिक आभाव वाले जीवन में उनकी माता निर्मला कपूर ने कम संसाधनों में ही पर्वत को संभाला। अनिल कपूर की माता भी एक फिल्मी पृष्ठभूमि से थीं।
सुरेन्द्र कपूर जब फिल्में बना रहे थे कई फिल्म असफल हो गईं जिससे उनके ऊपर बहुत अधिक कर्ज़ हो गए। अनिल कपूर खुद बताते है कि उनका जीवन बहुत तंगहाली में गुजरा जब वह बारह तेरह साल के किशोर थे तब उन्होंने देखा कि वह उन बस्तियों में रह रहे जहां बिल्कुल सकरी गलियां थीं और उन्होंने उस समय एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए टैक्सी और सरकारी बसों में यात्रा की और पुराने कपड़ों में कई साल गुजारा।
बाद में जब पिता की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ तब अनिल कपूर का परिवार मध्यम वर्गीय इलाके की बस्तियों में रहने लगा।उन्होंने अपनी हाई स्कूल की शिक्षा ' अवर लेडी ऑफ परपेचुएल सुकर हाइस्कूल' से पढ़ाई की फ़िर मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज में एडमिशन लिया।लेकिन जब वह इस कॉलेज की शिक्षा प्राप्त कर रहे थे और स्कूल के विभिन्न नाटकों में अभिनय किया तो उनकी रुचि फिल्मों में एक्टिंग के लिए बढ़ी।
अनिल कपूर के बड़े भाई का नाम बोनी कपूर है वह एक फिल्म निर्माता है और छोटे भाई का नाम संजय कपूर है और यह फिल्मों के एक्टर है ।परंतु इन दोनों भाइयों की ख्याति अनिल कपूर से कहीं कम है।
परंतु अनिल कपूर की इस गरीब जीवन का मतलब ये नहीं कि उनका परिवार कमजोर खानदान से था तो ऐसा कदापि नहीं अनिल कपूर के पिता जी सुरिंदर कपूर पृथ्वी राज कपूर के चचेरे भाई थे। और दोनों का नाता पेशावर से था।जब सुरिंदर कपूर मुंबई आए तो पृथ्वीराज कपूर ने उन्हें अपना सेक्रेटरी बनाया और राजकपूर ने उन्हें अपने गैराज में बने एक क्वार्टर में रहने की जगह दी ,इस तरह आज की करीना कपूर या रणवीर कपूर और अनिल कपूर एक ही खानदान से नाता रखते है।
इसी तरह आज के एक्टर रणवीर सिंह भी कपूर खानदान से एक नाता रखते हैं।रणवीर सिंह और अनिल कपूर आपस में दूर के रिश्तेदार हैं। रणवीर सिंह की दादी (चांद बुर्के) और अनिल कपूर के पिता (सुरिंदर कपूर) आपस में भाई-बहन थे। इस नाते रणवीर और सोनम कपूर कजिन भाई-बहन हैं। रणवीर सिंह की दादी (चांद बुर्के) और अनिल कपूर के पिता (सुरिंदर कपूर) आपस में भाई-बहन थे। इस नाते रणवीर और सोनम कपूर कजिन भाई-बहन हैं। रणवीर सिंह का पूरा नाम रणवीर सिंह भावनानी है और रणवीर सिंह के दादा सुंदर सिंह भावनानी विभाजन के बाद कराची से मुंबई आए थे। इस तरह रणवीर सिंह के पिता जिनका नाम जगजीत सिंह भावनानी था वो कपूर खानदान यानी पृथ्वीराज कपूर के वंश से नाता नहीं रखते थे बल्कि उनका रिश्ता अनिल कपूर के परिवार से माता पक्ष से जुड़े थे।
2. फिल्मी सफर: 'वो सात दिन' से 'मिस्टर इंडिया' तक
अनिल कपूर ने अभिनय की शुरुआत 1979 में 'हमारे तुम्हारे' में एक छोटी भूमिका से की। लेकिन उन्हें असली पहचान दिलाने के लिए दक्षिण भारतीय फिल्मों का सहारा लेना पड़ा।
- शुरुआती सफलता: 1980 में उन्होंने तेलुगु फिल्म 'वंशवृक्षम' और 1983 में मणिरत्नम की कन्नड़ फिल्म 'पल्लवी अनु पल्लवी' में काम किया।
- बॉलीवुड में उदय: 1983 में आई फिल्म 'वो सात दिन' ने उन्हें एक संवेदनशील अभिनेता के रूप में स्थापित किया। इसके बाद 1984 की फिल्म 'मशाल' में दिलीप कुमार के सामने उनके अभिनय ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया और उन्हें पहला फिल्मफेयर पुरस्कार (सहायक अभिनेता) मिला।
- अभिनय की विविधता: वे गंभीर भूमिकाओं में भी उतने ही माहिर थे जितने कि कमर्शियल सिनेमा में।'मशाल' और 'मेरी जंग' अनिल कपूर के करियर की वे फिल्में थीं जिन्होंने उन्हें एक बहुमुखी अभिनेता के रूप में स्थापित किया। 'मशाल' (1984) में उन्होंने एक आवारा युवक से पत्रकार बनने वाले राजा की भूमिका निभाई, जबकि 'मेरी जंग' (1985) में उन्होंने एक उग्र और न्यायप्रिय वकील की भूमिका निभाकर अपनी एक्टिंग रेंज दिखाई।
- सुपरस्टारडम: 1987 में आई 'मिस्टर इंडिया' ने उन्हें बच्चों और बड़ों दोनों का चहेता बना दिया। 'तेजाब' (1988) में मुन्ना के किरदार और 'एक दो तीन' गाने की सफलता ने उन्हें बॉलीवुड का शीर्ष अभिनेता बना दिया। विधु विनोद चोपड़ा के निर्देशन में बनी परिंदा फिल्म जिसे भारतीय फिल्म के बेहतरीन गैंगस्टर फिल्मों में गिना जाता है ,इस फिल्म में अनिल कपूर ने कारण की भूमिका निभाई थी और नाना पाटेकर ने अन्ना सेठ की भूमिका निभाई थी ।फिल्म परिंदा (1989) बड़ी हिट रही थी।
3. प्रमुख फिल्में और वर्सेटाइल अभिनय
अनिल कपूर ने कभी भी खुद को एक ही इमेज में कैद नहीं होने दिया।
- 90 का दशक: 'बेटा' (1992) के लिए उन्हें 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' का फिल्मफेयर मिला। इसके बाद 'विरासत', 'ताल', 'पुकार' और 'नायक' जैसी फिल्मों ने यह साबित कर दिया कि वे गंभीर किरदारों में भी माहिर हैं।
- कॉमेडी में महारत: 'बीवी नंबर 1', 'नो एंट्री', और 'वेलकम' जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग का परिचय दिया। और भाइयों मैंने खुद वेलकम फिल्म जो पहले आई उसमें अनिल कपूर का रोल हंसाकर लोटपोट करने वाला था फिल्म में अनिल कपूर मजनू भाई का रोल किया था वहीं बड़े भाई नाना पाटेकर उदय शेट्टी का रोल किया था ये दोनों यद्यपि अंडरवर्ड डॉन का रोल किया पर इनके उलजलूल के कार्यों में बहुत हंसी आती थी इसमें मजनू भाई को पेंटिंग करने का बहुत शौक था और पेंटिंग भी ऐसी बनाते थे जिसमें गधा के ऊपर दूसरा गधा चढ़ा होता था।
- हालिया दौर: 'दिल धड़कने दो', 'जुग जुग जियो' (2022)और 'एनिमल' (2023) में उनके प्रदर्शन ने दिखाया कि वे आज की पीढ़ी के अभिनेताओं को भी कड़ी टक्कर दे सकते हैं।इसमें उन्होंने बलवीर सिंह (रणबीर कपूर के पिता) का किरदार निभाया था। अनिल कपूर के इस रोल की दर्शकों ने बहुत प्रशंसा की थी ,उनका स्क्रीन प्रेजेंस और लुक को सराहा गया दर्शकों ने उनके कड़क पिता के रूप में की गई जबरदस्त एक्टिंग को बहुत पसंद किया। फाइटर (2024) में की गई एक्टिंग में दर्शकों का मन मोह लिया डिज़्नी हॉटस्टार की सीरीज "द नाइट मैनेजर " में उनकी एक्टिंग की बहुत ही सराहना की गई।
- 4. अंतरराष्ट्रीय ख्याति (हॉलीवुड सफर)अनिल कपूर भारत के उन चुनिंदा कलाकारों में से हैं जिन्होंने हॉलीवुड में भी अपनी छाप छोड़ी:स्लमडॉग मिलेनियर (2008): इस फिल्म की ऑस्कर जीत ने उन्हें वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई। (अमेरिकी सीरीज): उन्होंने अमेरिकी शो '24' के आठवें सीजन में काम किया और बाद में इसी नाम से भारत में इसका हिंदी रूपांतरण भी बनाया।मिशनइम्पॉसिबल: उन्होंने टॉम क्रूज के साथ 'मिशन इम्पॉसिबल: गोस्ट प्रोटोकॉल' में एक संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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5. व्यक्तिगत जीवन और 'झक्कास' लाइफस्टाइल
- प्रेम कहानी: अनिल कपूर ने 1984 में सुनीता भावनानी से शादी की। उनकी शादी की कहानी बेहद दिलचस्प है; अनिल ने सुनीता को तब प्रपोज किया था जब उन्हें पहली बड़ी फिल्म मिली थी।शादी से पहले सुनीता एक सफल Fashion Model थीं और वर्तमान में एक जानी-मानी Costume Designer हैं। सुनीता भावनानी के पिता सिंधी थे और सीनियर बैंक ऑफिसर थे।वास्तव में सुनीता भावनानी एक्टर रणवीर सिंह की माता की चचेरी बहन हैं।
- संतान: उनकी बड़ी बेटी सोनम कपूर (1985को जन्म लिया )एक प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं, छोटी बेटी रिया कपूर फिल्म निर्माता हैं, और बेटा हर्षवर्धन कपूर (1990 में जन्म लिया)भी अभिनेता है।
- फिटनेस का राज: 69 वर्ष की आयु में भी वे 40 के नजर आते हैं। वे सख्त डाइट, नियमित दौड़ और योग का पालन करते हैं। उनका सिग्नेचर शब्द 'झक्कास' आज भी उनकी पहचान बना हुआ है।
6. पुरस्कार और सम्मान
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: फिल्म 'पुकार' (सर्वश्रेष्ठ अभिनेता) और 'गांधी, माई फादर' (विशेष जूरी पुरस्कार) के लिए।
- फिल्मफेयर: उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में 6 से अधिक फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं।
- अन्य: उन्हें सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए अनगिनत लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स से नवाजा जा चुका है।
अनिल कपूर की जीवनी यह सिखाती है कि यदि आपके पास जुनून और अनुशासन है, तो उम्र केवल एक संख्या है। वे आज भी उसी ऊर्जा के साथ सेट पर जाते हैं जैसी ऊर्जा 1980 के दशक में थी।
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3. फिटनेस मंत्र और डाइट (प्रोटीन और अनुशासन)
69 साल की उम्र में भी अनिल कपूर किसी 30-35 साल के युवक की तरह दिखते हैं। इसका श्रेय उनकी कड़ी मेहनत और जीवनशैली को जाता है,अनिल कपूर के इस युवावस्था का राज है कि वह रोज सुबह दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी को लेकर करते हैं उसके बाद वह फलों का जूस पीते है।वह अपने ब्रेकफास्ट में प्रोटीन की मात्रा अधिक रखते हैं वह सुबह नाश्ते में अंडे की सफेद जर्दी और ऑमलेट लेना पसंद करते हैं वह दुपहरी और रात के भोजन में में दाल और उबली हुई सब्जियां कभी कभी चिकन और मछली शामिल करते हैं। वे चीनी और बाहर के भोजन से से पूरी तरह परहेज करते हैं।
4. शूटिंग के पीछे की अनसुनी कहानियां (Behind The Scenes)
अनिल कपूर की फिल्मों के पीछे कई ऐसे हैरान कर देने वाले किस्से हैं जिन्हें आप जानने को उत्सुक रहते हैं ।
- मिस्टर इंडिया: फिल्म के मशहूर 'कॉकक्रोच' वाले सीन के लिए अनिल कपूर को घंटों एक पुराने गोदाम की जमीन पर लेटना पड़ा था। वहां गंदगी और असल के कीड़े थे, लेकिन शॉट की वास्तविकता के लिए उन्होंने कोई नखरा नहीं किया। मिस्टर इंडिया फिल्म के दौरान ही मिस्टर इंडिया' का कोट: फिल्म में उन्होंने पूरी फिल्म के दौरान एक ही कोट और टोपी पहनी थी। फिल्म की निरंतरता (Continuity) बनाए रखने के लिए उन्होंने उस कोट को बहुत संभाल कर रखा था।
- नायक फिल्म की शूटिंग: फिल्म की शूटिंग के दौरान अनिल कपूर ने पूरे शरीर में कीचड़ की जगह मुल्तानी मिट्टी और विशेष तेलों के मिश्रण को पूरे शरीर में लपेटा थे जिसे सुखाने में कई घंटे लगते थे। अनिल कपूर ने उसी हालत में कई दिनों तक शूटिंग की।अनिल कपूर अपने काम के प्रति इतने समर्पित हैं कि वे किरदार में जान फूंकने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।नायक' फिल्म का वह मशहूर बस वाला स्टंट:अनिल कपूर ने फिल्म 'नायक' की शूटिंग के दौरान चलती बस के ऊपर दौड़ने वाला स्टंट खुद किया था। उस समय सुरक्षा के इतने पुख्ता इंतजाम नहीं होते थे जितने आज हैं, लेकिन उन्होंने बिना किसी 'बॉडी डबल' के उस खतरनाक दृश्य को अंजाम दिया।
- तेजाब: 'एक दो तीन' गाने की शूटिंग के दौरान अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित ने 15 दिनों तक लगातार रिहर्सल की थी। अनिल कपूर उस समय बीमार थे, फिर भी उन्होंने बिना रुके अपना डांस और एक्शन पूरा किया।
- पुकार: इस फिल्म के एक शूट के दौरान अनिल कपूर असल में आग की लपटों के बहुत करीब चले गए थे। उनके बाल थोड़े झुलस भी गए थे, लेकिन उन्होंने सीन पूरा होने तक हार नहीं मानी।
- दिल धड़कने दो: इसमें सफेद बालों वाले लुक के लिए उन्होंने 60 से ज्यादा हेयर शेड्स ट्राई किए थे। वे अपनी वैनिटी वैन में घंटों बैठकर सिर्फ परफेक्ट लुक का इंतजार करते थे।
- ताल फिल्म की शूटिंग: सुभाष घई की फिल्म ताल में विक्रांत कपूर के किरदार के लिए अनिल कपूर ने कई हफ्तों तक म्यूजिक डायरेक्टरों के है भाव का अध्ययन किया था।
- मधुर संबंध और व्यावसायिक ईमानदारी:अनिल कपूर बॉलीवुड के उन चंद अभिनेताओं में से हैं जिनका आज तक किसी के साथ बड़ा विवाद नहीं हुआ। वे समय के इतने पाबंद हैं कि अगर सुबह 7 बजे का शूट है, तो वे 6:45 पर तैयार मिलते हैं। यही 'वर्क एथिक्स' उन्हें आज भी डिमांड में रखता है।
- परोपकारी स्वभाव:कम ही लोग जानते हैं कि अनिल कपूर कई सामाजिक संस्थाओं (NGOs) से जुड़े हैं और बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए गुप्त रूप से काफी दान करते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
अनिल कपूर केवल एक नाम नहीं, बल्कि सिनेमा के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक हैं। चेंबूर की तंग गलियों से लेकर ऑस्कर के रेड कार्पेट तक का उनका सफर हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखता है। उनकी 'एवरग्रीन' पर्सनैलिटी का राज केवल अच्छी डाइट नहीं, बल्कि उनके मन का उत्साह और हर दिन कुछ नया सीखने की भूख है। आज भी जब वे स्क्रीन पर 'झक्कास' कहते हैं, तो दर्शकों की ऊर्जा दोगुनी हो जाती है। अनिल कपूर ने साबित कर दिया है कि यदि आपके पास अनुशासन है, तो उम्र आपके लिए सिर्फ एक संख्या (Number) बनकर रह जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Q&A)
प्रश्न 1: अनिल कपूर की पहली फिल्म कौन सी थी?
उत्तर: अनिल कपूर ने 1979 में फिल्म 'हमारे तुम्हारे' में एक छोटी भूमिका से शुरुआत की थी, लेकिन मुख्य अभिनेता के तौर पर उनकी पहली हिंदी फिल्म 'वो सात दिन' (1983) थी।
प्रश्न 2: अनिल कपूर को 'झक्कास' अभिनेता क्यों कहा जाता है?
उत्तर: यह शब्द उनकी फिल्म 'युद्ध' (1985) का एक मशहूर डायलॉग था, जो उनके बोलने के खास अंदाज की वजह से उनकी पहचान बन गया।
प्रश्न 3: क्या अनिल कपूर ने हॉलीवुड में भी काम किया है?
उत्तर: हाँ, उन्होंने 'स्लमडॉग मिलेनियर', 'मिशन इम्पॉसिबल: घोस्ट प्रोटोकॉल' जैसी फिल्मों और प्रसिद्ध अमेरिकी टीवी सीरीज '24' में मुख्य भूमिका निभाई है।
प्रश्न 4: अनिल कपूर के फिटनेस का सबसे बड़ा रहस्य क्या है?
उत्तर: उनका फिटनेस मंत्र है—नियमित व्यायाम, रात को जल्दी सोना, तनाव मुक्त रहना और बाहर के जंक फूड से पूरी तरह परहेज करना।
पढ़ें अमिताभ बच्चन महानायक की जीवनी हिंदी में
English Version of Anil Kapoor Story by Wikipedia
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