Posts

Showing posts from August 1, 2019

Review of fact history four बुक|किरण प्रकाशन|आर्य कॉप्टिशन| ज्ञान पुस्तक|महेश बरनवाल

Image
  Review of fact history four बुक: ज्ञान पुस्तक,महेश बरनवाल किरण प्रकाशन,आर्य कॉप्टिशन विषय प्रवेश--  यदि कोई छात्र इंटरमीडिट के एग्जाम पास करने के बाद कॉम्पटीशन लाइन में प्रवेश करता है तो उसे पुस्तको के चयन में बहुत कंफ्यूज़न होता है। इस review से इतिहास की सही बुक लेने में मदद मिलेगी। Review of four books  आज हम बाज़ार में उपलब्ध चार फैक्ट आधारित बुक्स का रिव्यु करता हूँ ।  क्योंकि ज़्यादातर वनडे एग्जाम रेलवे,एस एस सी, लेखपाल या पटवारी का एग्जाम ग्राम विकास अधिकारी ,कांस्टेबल का एग्जाम,SI का एग्जाम,असिस्टेन्स टीचर्स,DSSB आदि के एग्जाम में इतिहास के फैक्चुअल प्रश्न पूंछे जाते हैं हालांकि वो GS पर आधारित हैं पर उन प्रश्नों हल करने के लिए भी कुछ डीप स्टडी जरूरी है। इसके लिए आप या तो आप ख़ुद नोट्स तैयार करें या फ़िर इन बुक्स की मदद लेकर विभिन्न वनडे एग्जाम में हिस्ट्री के प्रश्नों को आसानी से सही कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।  पहली पुस्तक की बात करते है जो इतिहास के फैक्ट पर आधारित है। ज्ञान इतिहास की । इस पुस्तक का संंपादन ज्ञान चंद यादव ने किया है।    इस बुक में इतिहास के बिन्दुओं को क्रमब

इटली का एकीकरण |Unification Of Itli

Image
     | इटली का एकीकरण|             इटली  की भौगोलिक स्थिति में उसके उत्तर में  आल्पस  पर्वत था वहीं इटली प्रायद्वीप तीन ओर से समुद्र  से  घिरी थी ,इस सब के कारण पूरे इटली के निवासी ख़ुद को एक  ही महसूस करते थे ;क्योंकि उनकी संस्कृति एक थी ;वैसे भी प्राचीन रोमन एम्पायर का गौरव मय  इतिहास इटली वासियों के मस्तिष्क में घूमता रहता था  । यदि हम इटली के एकीकरण के मुख्य कर्णधार कौन कौन थे?, इनके जानने का प्रयास करेंगे तो हमें मेजनी,गैरीबाल्डी,काउंट कावूर का दिखाई देता है।       मेजिनी का योगदान-         मेजनी कौन था इसका इटली के एकीकरण में क्या योगदान था?     वैसे   इटली के नवजवानों में क्रांति के बीज मेजिनी ने बोए थे ;मेजिनी ने अपनी शिक्षा के बाद क्रांति का रास्ता अपनाया ,  वह कार्बोनरी नामक संगठन से जुड़ा जो देशभक्त नवजवानों का संगठन था;उसके  क्रांतिकारी  गतिविधियों के कारण उसे अपना देश छोड़ना पड़ा क्योंकि इसके देश में ऑस्ट्रिया  के तानाशाह राजा मेटरनिख का प्रभाव था ;और मेटरनिख नही चाहता था कि पूरे यूरोप में कहीं भी क्रांति हो क्योंकि मेटरनिख फार्मूला के अनुसार  क्रांति  किसी समस्या क