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Showing posts from August 1, 2019

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

इटली का एकीकरण |Unification Of Itli

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     | इटली का एकीकरण|             इटली  की भौगोलिक स्थिति में उसके उत्तर में  आल्पस  पर्वत था वहीं इटली प्रायद्वीप तीन ओर से समुद्र  से  घिरी थी ,इस सब के कारण पूरे इटली के निवासी ख़ुद को एक  ही महसूस करते थे ;क्योंकि उनकी संस्कृति एक थी ;वैसे भी प्राचीन रोमन एम्पायर का गौरव मय  इतिहास इटली वासियों के मस्तिष्क में घूमता रहता था  । यदि हम इटली के एकीकरण के मुख्य कर्णधार कौन कौन थे?, इनके जानने का प्रयास करेंगे तो हमें मेजनी,गैरीबाल्डी,काउंट कावूर का दिखाई देता है।       मेजिनी का योगदान-         मेजनी कौन था इसका इटली के एकीकरण में क्या योगदान था?     वैसे   इटली के नवजवानों में क्रांति के बीज मेजिनी ने बोए थे ;मेजिनी ने अपनी शिक्षा के बाद क्रांति का रास्ता अपनाया ,  वह कार्बोनरी नामक संगठन से जुड़ा जो देशभक्त नवजवानों का संगठन था;उसके  क्रांतिकारी  गतिविधियों के कारण उसे अपना देश छोड़ना पड़ा क्योंकि इसके देश में ऑस्ट्रिया  के तानाशाह राजा मेटरनिख का प्रभाव था ;और मेटरनिख नही चाहता था कि पूरे यूरोप में कहीं भी क्रांति हो क्योंकि मेटरनिख फार्मूला के अनुसार  क्रांति  किसी समस्या क