Posts

Showing posts from September 10, 2019

असित कुमार हलदार आर्टिस्ट की biography

Image
 असित कुमार हाल्दार आर्टिस्ट की बायोग्राफी असित कुमार हाल्दार एक कल्पना शील, भावप्रवण चित्रकार के साथ साथ अच्छे साहित्यकार ,शिल्पकार, कला समालोचक,चिंतक,कवि,विचारक भी थे। असित कुमार हाल्दार का प्रारंभिक जीवन--- असित कुमार हलदार का जन्म सन 1890 पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको नामक स्थल में  स्थित टैगोर भवन  के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी नानी रवींद्र नाथ टैगोर की बहन थीं।   असित कुमार हलदार के बाबा  का नाम राखालदास हाल्दार था  जो उस समय लंदन विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय के प्राध्यापक थे, और पिता सुकुमार हाल्दार भी कला में निपुण थे  ,उनकी प्रेरणा से असित कुमार हलदार को भी कला में अभिरुचि जगी। साथ मे वो बचपन से ही ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी पटचित्र कला को गौर से देखा और समझा था।  15 वर्ष की आयु में हाल्दार को कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला मिल गया , यहां पर इनको गुरु के रूप में  अवनींद्र नाथ टैगोर का सानिध्य मिला। उनसे उन्होंने कला की बारीकियों को सीखा,  यहां पर इन्होंने जादू पाल और बकेश्वर पाल से मूर्तिकला सीखी।    यहां आपको पर असित कुमार हाल्दार को अपने कक्षा में अन्

Rule under CrPC151//107/116 and IPC section 323, 324, 325,326, 504,506, लड़ाई झगड़े में होने वाले क़ानूनी मदद

Image
लड़ाई झगड़े में  होने वाले कानूनी मदद,151/107/116 Cr.p.c. की कार्यवाही Rule under  IPC section 323, 324, 325,326, 504,506 और   Cr.P.C  section 151/107/116 जब पुलिस को लगता है की दो पक्षों में कोई लड़ाई झगड़ा की आशंका है तो पुलिस 107/150 crpc के तहत कार्यवाही  करती है   इसमें  पुलिस दोनों पक्षों को  सिर्फ नोटिस भेजती है।  इस नोटिस में विवाद की शिकायत होती है साथ में मजिस्ट्रेट उससे विवाद के लिए अभियुक्त बनाये जाने की बात लिखी होती है , मजिस्ट्रेट के सामने अभियुक्त यदि अपना अपराध स्वीकार नही करता तो मजिस्ट्रेट उसे जमानत पर  छोड़ता है जमानत नही होने पर मजिस्ट्रेट अभियुक्त को जेल भेज सकता है        और 15 दिन के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने उपस्थित होकर एक बन्ध पत्र भरकर देना होता है कि  वो  एक  वर्ष तक    कोई शांति भंग नही करेगा शांति बनाये रखने को बांड भरकर देता है , चुनाव के समय तो पुलिस गांव में हर व्यक्ति जो  दो तीन साल पूर्व भी लड़ाई झगडे में लिप्त रहा है उसे नोटिस भेज देती है। जिनमे पुलिस को आशंका होती है।  जब किसी दो पक्षों में किसी कारण से विवाद मारपीट हो जाती है या दोनों पक्ष