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Showing posts from September 10, 2019

Review of fact history four बुक|किरण प्रकाशन|आर्य कॉप्टिशन| ज्ञान पुस्तक|महेश बरनवाल

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  Review of fact history four बुक: ज्ञान पुस्तक,महेश बरनवाल किरण प्रकाशन,आर्य कॉप्टिशन विषय प्रवेश--  यदि कोई छात्र इंटरमीडिट के एग्जाम पास करने के बाद कॉम्पटीशन लाइन में प्रवेश करता है तो उसे पुस्तको के चयन में बहुत कंफ्यूज़न होता है। इस review से इतिहास की सही बुक लेने में मदद मिलेगी। Review of four books  आज हम बाज़ार में उपलब्ध चार फैक्ट आधारित बुक्स का रिव्यु करता हूँ ।  क्योंकि ज़्यादातर वनडे एग्जाम रेलवे,एस एस सी, लेखपाल या पटवारी का एग्जाम ग्राम विकास अधिकारी ,कांस्टेबल का एग्जाम,SI का एग्जाम,असिस्टेन्स टीचर्स,DSSB आदि के एग्जाम में इतिहास के फैक्चुअल प्रश्न पूंछे जाते हैं हालांकि वो GS पर आधारित हैं पर उन प्रश्नों हल करने के लिए भी कुछ डीप स्टडी जरूरी है। इसके लिए आप या तो आप ख़ुद नोट्स तैयार करें या फ़िर इन बुक्स की मदद लेकर विभिन्न वनडे एग्जाम में हिस्ट्री के प्रश्नों को आसानी से सही कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।  पहली पुस्तक की बात करते है जो इतिहास के फैक्ट पर आधारित है। ज्ञान इतिहास की । इस पुस्तक का संंपादन ज्ञान चंद यादव ने किया है।    इस बुक में इतिहास के बिन्दुओं को क्रमब

Rule under CrPC151//107/116 and IPC section 323, 324, 325,326, 504,506, लड़ाई झगड़े में होने वाले क़ानूनी मदद

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लड़ाई झगड़े में  होने वाले कानूनी मदद,151/107/116 Cr.p.c. की कार्यवाही Rule under  IPC section 323, 324, 325,326, 504,506 और   Cr.P.C  section 151/107/116 जब पुलिस को लगता है की दो पक्षों में कोई लड़ाई झगड़ा की आशंका है तो पुलिस 107/150 crpc के तहत कार्यवाही  करती है   इसमें  पुलिस दोनों पक्षों को  सिर्फ नोटिस भेजती है।  इस नोटिस में विवाद की शिकायत होती है साथ में मजिस्ट्रेट उससे विवाद के लिए अभियुक्त बनाये जाने की बात लिखी होती है , मजिस्ट्रेट के सामने अभियुक्त यदि अपना अपराध स्वीकार नही करता तो मजिस्ट्रेट उसे जमानत पर  छोड़ता है जमानत नही होने पर मजिस्ट्रेट अभियुक्त को जेल भेज सकता है        और 15 दिन के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने उपस्थित होकर एक बन्ध पत्र भरकर देना होता है कि  वो  एक  वर्ष तक    कोई शांति भंग नही करेगा शांति बनाये रखने को बांड भरकर देता है , चुनाव के समय तो पुलिस गांव में हर व्यक्ति जो  दो तीन साल पूर्व भी लड़ाई झगडे में लिप्त रहा है उसे नोटिस भेज देती है। जिनमे पुलिस को आशंका होती है।  जब किसी दो पक्षों में किसी कारण से विवाद मारपीट हो जाती है या दोनों पक्ष