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Showing posts from May 20, 2021

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

कोरोना दूसरी लहर |एक आर्टिकल

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      कोरोना की दूसरी लहर -एक लेख भारत मे कोरोना की दूसरी लहर का आगाज़  साल 2021  में होली के समय  मार्च महीने  से होना शुरु को हुआ सबसे पहले पूरे महाराष्ट्र को गिरफ़्त में ले लिया,फिर धीरे धीरे  दिल्ली ,मध्यप्रदेश,गुजरात बंगाल ,उत्तरप्रदेश, बिहार ,कर्नाटक आदि में कोरोना ने अपना विस्तार कर लिया,दिल्ली में तो चौथी लहर है ,वहां पर रोज एक 800 रोगी मरने लगे। शहर में हाहाकर मच गया ,अस्पताल में जगह नहीं थी, लोग बाहर ही मर रहे थे अस्पताल जाते जाते या अस्पताल में ऑक्सीजन के आभाव में या फिर एक दो दिन भर्ती होने के बाद सारे ऑर्गन फेल होने पर  रोगी की मृत्यु हो जा रही थी ,लोगों के मरने के बाद रत्ती भर जगह नहीं बच रही थी श्मशान घरों में मृतक के शरीर को जलाने के लिए । एक चिता ठंढी नहीं हो पाती थी कि दूसरे डेड बॉडी को भी उसी जगह जला दिया जाता था , लगातार जलती चिताओं को देख कर सारी दिल्ली और सारा देश कांप उठा था कि हे भगवान! कैसी विपदा आ गई इस देश में।  दिल्ली के आसपास सैकड़ों गांव हैं जो समृद्धिशाली हैं  जहां अस्पतालों के आभाव है वहां के लोगों ने खुद को घरों में बंद कर लिया। इन दिल्ली के गांव की तस्वीर