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Showing posts from December 31, 2019

विलियम मोरिस डेविस भूगोलविद की जीवनी

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 विलियम मोरिस डेविस भूगोलविद की जीवनी: मोरिस डेविस का प्रारंभिक जीवन विलियम मोरिस डेविस का जन्म फिलाडेल्फिया  यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका में हुआ था । डेविस ने हारवर्ड  से1869 में स्नातक की उपाधि ग्रहण की,सन 1870 से 1873 तक वह अर्जेंटीना के कार्डोबा के मौसम विज्ञान वेधशाला में सहायक के रूप में काम किया , हार्वर्ड से वापस लौटने के बाद इन्होंने वह भूगर्भीय व भूआकृति विज्ञान का अध्ययन किया,सन 1876 में उसे सहायक प्रोफेसर का शेलर का सहायक बना और उनके साथ रहकर भूगर्भ विज्ञान और भूआकृति विज्ञान का अध्ययन करने लगा 1878 में अस्सिटेंट प्रोफ़ेसर बने और 1899 में प्रोफ़ेसर नियुक्त हुए  1890  विलियम डेविस ने सार्वजनिक  स्कूलों में भूगोल के मानकों को निर्धारित किया उनके अनुसार प्राथमिक विद्यालयों ,माध्यमिक विद्यालयों में भूगोल को विज्ञान की तरह शिक्षा देना चाहिए ,डेविस ने भूगोल को विश्व विद्यालय स्तर पर पढ़ाये जाने के लिए उपयुक्त पाठ्यक्रम बनाने में सहायता प्रदान की। 1904 में वह अमेरिका के सारे प्रशिक्षित भूगोलवेत्ताओं से मुलाकात की ,और इन शिक्षाविदों का संगठन तैयार किया। 1904 में एसोसिएशन ऑफ अमेरिकन जिओग

बथुआ के फायदे importance of bhathua vegetable

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बथुआ को कुछ जगह चिल्लीशाक भी कहते है ,संस्कृत में भी इसे चिल्लिका कहते हैं। जो गेंहू के खेतों में खरपतवार के रूप में भी अपने आप उग जाता है ,पर इसके अत्यधिक लाभ के कारण किसान सीधे भी खेतों में लगाते हैं। बथुआ  एक पत्तेदार सब्जी है जो भारतीय थाली में जाड़े में बथुआ का रायता के रूप में और  स्वादिष्ट बथुआ के पराठे के रूप में हर घर में मिलता है, स्वास्थ्य के दृष्टीकोण के रूप में  भी  फायदेमंद होने के साथ ये औषधीय गुण से भरपूर होता है।  बिटामिन ए का स्रोत- -   बथुआ बिटामिन ए का महत्वपूर्ण स्रोत है,शोध से पता चला है की सबसे अधिक बिटामिन ए  बथुआ में ही पाया जाता है,इसके अलावा बिटामिन बी और बिटामिन सी भी बथुआ में पाया जाता है। इम्यून सिस्टम करे मजबूत --- रोग प्रतिरोधक तंत्र के कमजोर होने पर कई रोग उत्पन्न हो जाते हैं भथुआ की सब्जी में सेंधा नमक मिलाकर मट्ठा के साथ सेवन करना चाहिए जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। त्वचा रोग में लाभदायक-- -   बथुआ त्वचा रोग दूर करने में भी सहायक है, इसमें रक्तशोधक गुण होता है,रक्त शोधक गुणों के कारण इसको उबालकर पीने और इसकी सब्जी खाने स