Posts

Showing posts from July 5, 2019

अंध भक्ति किसे कहते हैं जानिए कौन होते हैं अंधभक्त

Image
  अंधभक्त किसे कहते हैं? अंध भक्त का शाब्दिक अर्थ- अंधभक्त का तात्पर्य हिन्दी शब्दावली के अनुसार वो भक्त जो आंख बंद कर दुसरों का अनुसरण करें। अनुयायी जो अपने नेता पर अधिक भरोसा करे । और  अपने विवेक का इस्तेमाल बिल्कुल न करे।     अन्ध शब्द के अन्य मिश्रित शब्द अंध प्रेम-Blind love अंध भक्त-Blind supporter अंध विश्वास-  Superstition ,Blind Faith अंध राष्ट्रवाद -Blind Patriotism अंध-Blind भक्त- Worshiper भक्ति शब्द  का प्रयोग ईश्वर भक्ति ,मातृ भक्ति,पितृ भक्ति ,राष्ट्र भक्ति ,  आदि भक्त वो हैं जो   जो भक्ति करते है जो  किसी में श्रद्धा और आस्था और  विश्वास रखतें हैं।  जैसे -शिव भक्त , कृष्ण भक्त ,देवी भक्त ,राष्ट्र भक्त आदि हैं। जो भक्ति करते है अंधभक्त का तात्पर्य किसी भी व्यक्ति पर ऑंखमूँदकर विश्वास करने वाला अनुयायी। जिसमें व्यक्ति अपने विवर्क और तर्क का प्रयोग न करे। निरीश्वरवादी बौद्ध अन्य धर्म अनुयाइयों के धर्म ग्रंथ में अकल्पनीय बातों का खंडन करते है ,वो हिन्दू ,मुस्लिम ,ईसाइयों के धर्म ग्रथों में दिए गए कई कथानकों का खंडन करते है और कपोल कल्पित कहते हैं  और इन धर्मों में आस्था रख

Sardaar vallabh bhai patel, lauh purush

Image
     । सरदार वल्लभ भाई पटेल लौह पुरुष ।  सरदार पटेल भारत के वो दृढ इच्छाशक्ति वाले लौह पुरुष थे जिन्होंने न केवल गांधी जी के साथ स्वतंत्रता की लड़ाई में भाग लिया बल्कि देश की आज़ादी के बाद देश को टूटने से बचाने के लिए देशी रियासतों ,रजवाड़ों को न  सिर्फ़ बहला फ़ुसला कर ,प्रलोभन देकर भारत संघ में में विलय के लिए लिए राजी किया बल्कि जो रियासतें ख़ुद को आज़ाद बनाये रखने तथा पाकिस्तान में मिलने की तैयारी में लगे थे उनके साथ रक्त और लौह की नीति अपनाई उन पर बलपूर्वक सेना भेजकर भारत में मिला लिया।इस प्रकार आज के बृहद् भारत के मानचित्र जो हम देखतें है उसे आदरणीय  सरदार पटेल जी ने ही हम सब को उपहार में दिया , वरना भारत को कई टुकडों में बाँटने की पालिसी में अंग्रेज सफ़ल हो जाते।                सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म  31   अक्टूबर1875  को  गुजरात के खेड़ा जिले के नाडियाड क़स्बे में उनके ननिहाल में हुआ था,इनके पिता  झावेड़ भाई पटेल पेशे से किसान थे,पांच भाइयों और एक बहन के बीच पिता पटेल चौथे नंबर पर थे,उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में अनेक संघर्ष करने पड़े प्राथमिक शिक्षा अपने गांव करमसद से