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Showing posts from July 5, 2019

Squat व्यायाम क्या है,SQUAT पांच फ़ायदे।

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 SQUAT व्यायाम क्या है -  आप squat व्यायाम से शरीर को फिट रख सकतें हैं वैसे तो शरीर को फिट रखने के लिए बहुत सी exercise करते है , जो आपको चुस्त दुरुस्त रखतीं है, आपकी मसल्स को मजबूती प्रदान करता है ,परंतु सारी एक्सरसाइज के बाद भी आपने अपने दैनिक अभ्यास में squat को सम्मिलित नहीं किया तो आप बहुत कुछ छोड़ रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि आप आज से ही sqaut को अपने रोज के एक्सरसाइज में सम्मिलित करें । यह अभ्यास महिला और पुरुष दोनों के लिए फायदेमंद है। इस एक्सरसाइज में प्रारम्भ में आपको समस्या आ सकती है परंतु धीरे धीरे रोज़ाना अभ्यास से ये बहुत सरल लगने लगता है। प्रारम्भ में आप इसको करने में किसी चीज का सहारा लेकर कर सकते हैं ,परंतु बाद में आप धीरे धीरे बिना सहारे का अभ्यास कर सकते हैं। इस एक्सरसाइज की विशेषता यह है कि इसे कहीं भी बिना इक्विपमेंट के  भी किया जा सकता है। यह एक्सरसाइज केवल  शरीर के एक भाग को ही मजबूत नही करता बल्कि पूरे शरीर को संतुलित रूप से मजबूत करता है,साधारण तौर पर ऐसा लगता है कि इस एक्सरसाइज से केवल टाँगों(legs)को मज़बूती मिलती है परंतु ऐसी बात नहीं है इस एक्सरसाइज से पूरा शर

Sardaar vallabh bhai patel, lauh purush

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     । सरदार वल्लभ भाई पटेल लौह पुरुष ।  सरदार पटेल भारत के वो दृढ इच्छाशक्ति वाले लौह पुरुष थे जिन्होंने न केवल गांधी जी के साथ स्वतंत्रता की लड़ाई में भाग लिया बल्कि देश की आज़ादी के बाद देश को टूटने से बचाने के लिए देशी रियासतों ,रजवाड़ों को न  सिर्फ़ बहला फ़ुसला कर ,प्रलोभन देकर भारत संघ में में विलय के लिए लिए राजी किया बल्कि जो रियासतें ख़ुद को आज़ाद बनाये रखने तथा पाकिस्तान में मिलने की तैयारी में लगे थे उनके साथ रक्त और लौह की नीति अपनाई उन पर बलपूर्वक सेना भेजकर भारत में मिला लिया।इस प्रकार आज के बृहद् भारत के मानचित्र जो हम देखतें है उसे आदरणीय  सरदार पटेल जी ने ही हम सब को उपहार में दिया , वरना भारत को कई टुकडों में बाँटने की पालिसी में अंग्रेज सफ़ल हो जाते।                सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म  31   अक्टूबर1875  को  गुजरात के खेड़ा जिले के नाडियाड क़स्बे में उनके ननिहाल में हुआ था,इनके पिता  झावेड़ भाई पटेल पेशे से किसान थे,पांच भाइयों और एक बहन के बीच पिता पटेल चौथे नंबर पर थे,उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में अनेक संघर्ष करने पड़े प्राथमिक शिक्षा अपने गांव करमसद से