दस चीजें दिमाग़ की ताकत के लिए-10 Best Foods and Habits to Boost Your Brain Power
व्यक्ति कभी कभी अपनी रखी हुई चीजें खुद भूल जाता है की उन्हें कहाँ रखा है, बाइक और कार की चाभी कहाँ रख दिया ,अपने चश्मे को उतारने के बाद भूल जाते हैं कि कहाँ रखा है , बिजली और पानी का बिल, फोन की फीस जमा करने की तारीख भूल जाते हो ,अपने मित्रों के जन्मदिन की बधाइयाँ देना भूल जाते हो , वो व्यक्ति बेतरतीब इधर उधर हर अलमारी में हर कोने में खोजता फिरता है व्यक्ति कभी कभी अपने भूलने के कारण झल्ला जाता है । ये सब बातें दिमाग से संबंध रखतीं हैं।
कुछ सामान्य उपाय करें जैसे--
सोने से पहले दोहराएं---
सोने से पहले यदि किसी पाठ या चीज को याद रखने के लिए सोने से पहले दोहराना चाहिए,सोने से पहले मस्तिष्क पढ़ी हुई चीज को तेजी से ग्रहण करता है,इस समय पढ़ी अथवा याद की गई बात किसी और समय की अपेक्षा तेजी से स्थिर हो जाती है।
सही समय पर सोएं---
रात में देर से सोने और मोबाइल फ़ोन में अधिक व्यस्त होने के कारण आँखों के नीचे काले धब्बे पड़ जाते हैं और शारीरिक स्वास्थ्य में गिरावट आ जाती है,बल्कि मस्तिष्क की क्षमता भी न्यून हो जाती है ,ये कहावत फिट है अर्ली टू बेड एंड अर्ली टू राइज ,मेक्स ए मैन हेल्थी वाइज "" फिट है ।एक सर्वेक्षण के अनुसार देर रात सोने वाले व्यक्तियों में सामान्य व्यक्तियों की तुलना में स्मृति लोप का प्रतिशत 28 गुणा अधिक होता है। देर तक जागकर पार्टियों में रहने वाले देर रात तक स्मार्टफोन में व्यस्त रखने देर रात तक चैटिंग करते हैं उन लोंगो की मस्तिष्क की कोशिकाओं के निर्माण में कमी आने लगती है और धीरे धीरे कार्यक्षमता भी कम हो जाती है।
सकारात्मक वातावरण-----
स्मृति को सुदृढ़ रखने के लिए सात्विक जीवन और सकारात्मक वातावरण बहुत जरुरी है ,घर और दफ़्तर में तनाव बना रहने पर अच्छा खासा व्यक्ति भी भी भुलक्कड़ हो जायेगा ,जीवन में संतोष की भावना ,सबसे अच्छा व्यवहार कर्म को अपना कर्तव्य मानकर करने से मन मस्तिष्क शांत रहता है।डायरी की सहायता लें-----
स्मृति लोप या भूलने की समस्या ज़्यादा बढ़ जाने पर डायरी लेकर चलें ,हर चीज जो करना है उसको डायरी में लेखबद्ध करने की शुरुआत करें,डायरी में अगले दिन का कार्यक्रम बना लें और और सोने से पहले उस देख लें,इस डायरी में महत्वपूर्ण तारीखों को लिखें ,और उनको देखतें रहे जिससे वो भूला नही जा सकेगा।
आहार और जीवन शैली बदलें----
लैक्टिक अम्ल अधिक बनने के कारण मांसाहारी व्यक्तियों का दिमाग़ जल्द थक जाता है ,इसी प्रकार किसी भी प्रकार नशा करना मस्तिष्क के लिए घातक है ,शाकाहार मस्तिष्क के लिए फ़ायदेमन्द है ,भोजन में अंकुरित दाने ,बीटा कैरोटीन से युक्त फल और सब्जियों जैसे गाज़र ,सोयाबीन, हरी सब्जियों और और ढेर सारा पानी शामिल करने से शरीर और मस्तिष्क दोनों स्वस्थ रहते हैं। जंक फूड़ का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, भारतीय जीवन पद्धति के सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग हैं उपासना ,ध्यान, योग, ये स्मृति को सुदृढ़ करने में सहायक है, मानसिक शांति के लिए पूरे विश्व में सर्वोत्तम उपाय के लिए मान्यता मिली हुई है।
अब आते हैं उन दस चीजों पर जो मस्तिष्क को सक्रिय रखने में सहायक हैं।
1-- कद्दू के बीज--
कद्दू के बीज में पाये जाने वाले पोषक तत्व मैग्नीशियम ,आयरन ,जिंक, कॉपर आदि पोषक तत्व काफी मात्रा में पाये जाते है जिंक की कमी से मस्तिष्क में कई प्रकार की समस्याएं पैदा होती हैं ,ब्रेन में यदि जिंक की मात्र संतुलित स्थिति में पाई जाती है तो डिप्रेशन की समस्या नहीं आती ,इसी प्रकार कद्दू के बीज में मैग्नीशियम नामक तत्व पाया मैग्नीशियम की मात्रा कम होने पर मनुष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं उत्पन्न होती हैं,मैग्नीशियम याददाश्त बढ़ाने में बहुत सहायक है , दिमाग़ में मैग्नीशियम की मात्रा कम होने पर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकतीं है,इनमे पाये जाने वाला कॉपर नर्व सिंग्नल को कण्ट्रोल करने का काम करता है,कॉपर की मात्रा कम होने पर दिमाग़ में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं,इनमें पाये जाने वाला आयरन दिमाग़ को सही तरीक़े से कार्य करने में मदद करता है,अमेरिकी वैज्ञानिको के कद्दू में मिक्रोन्यूट्रिएंट पाये जाते है जो मस्तिष्क की क्षमता को मजबूती प्रदान करते हैं ,इनका किसी भी रूप में सेवन करना सेहत के लिए फ़ायदेमन्द ही रहता है।2-लहसुन--
3- कॉफी-----
4-खट्टे फल-----
5-ग्रीन टी--
ग्रीन टी में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट याददाश्त को बढ़ाने तथा चीजों को फोकस करने में क्षमता प्रदान करते हैं,अमेरिकी वैज्ञानिको के शोध से निकले निष्कर्ष के अनुसार ग्रीन टी में एल थियनिन नामक एमिनो एसिड पाया जाता है,यह एसिड न्यूरोट्रांस मीटर्स को सक्रिय रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है,वैज्ञानिको का कहना है इसके कारण चिंता और तनाव से छुटकारा मिलता है, ग्रीन टी के कारण दिमाग़ में अल्फ़ा वेव्स की सक्रियता बढ़ाने में मदद मिलती है इसके कारण जल्दी थकावट का अहसास नहीं होता, ग्रीन टी में पाये जाने वाला पोषक तत्व पालीफेनल्स सेहत सही रखने और दिमाग को सुरक्षित रखने में मदद करता है।6-ब्लैकबेरी---
7-चॉकलेट---
8-दूध----
9-पालक---
10-अखरोट--
अखरोट दिमाग के लिए गुणकारी होता है,अखरोट का आकार दिमाग के अंदर की संरचना की तरह ही दीखता है , हाल में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने 26 हजार युवा लोंगो पर रिसर्च किया और निष्कर्षनिकाला कि अखरोट के सेवन से अवसाद कम किया जा सकता है,इसमें पाये जाने वाला ओमेगा थ्री फैटी एसिड मस्तिष्क को स्वस्थ रखता है साथ में इसमें पाये जाने वाला मोनो सैचुरेटेड एसिड एकाग्रता बढ़ाने में मददगार होता है।
दिमागी ताकत के लिए दिनचर्या--
इन पोषक तत्वों को लेंने के साथ दिमाग़ को सेहतमंद बनाये रखने के लिए अपना वजन नियंत्रित रखें, नियमित रूप से व्यायाम करें, अपने पसंदीदा खेल खेलें,आउटडोर गतिविधियों में जिसमे आपकी रूचि हो वो करते रहें, इसके अलावा कुछ पजल्स हल करें,जैसे सुडुको रोज सॉल्व करें ,चेस भी कभी कभी खेलते रहें,दिमाग़ दुरुस्त करने के लिए योगा ,मैडिटेशन बहुत जरुरी है, क्योंकि तनाव के कारण मेमोरी लॉस तेजी से होता है जो सिर्फ योग प्राणायाम से ही कम किया जा सकता है। विभिन्न प्रकार के प्रदूषण से बचें,एक निश्चित समय पर ही लंच और डिनर लें,सुबह का ब्रेकफास्ट जरूर लें,दिमाग दुरुस्त करने के लिए सुबह जल्दी जगना बहुत जरुरी है।मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाने के लिए कुछ विशेष हेल्थ टिप्स
1. 'डिजिटल डिटॉक्स' का अभ्यास करें
आजकल हमारी याददाश्त कमजोर होने का एक बड़ा कारण 'इन्फॉर्मेशन ओवरलोड' है। दिन भर मोबाइल और सोशल मीडिया से चिपके रहने के कारण दिमाग को विश्राम नहीं मिलता।
- टिप: सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल बंद कर दें। हफ्ते में एक दिन (जैसे रविवार) 'नो गैजेट डे' मनाएं। इससे न्यूरॉन्स को खुद को रीसेट करने का समय मिलता है।
2. आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ (ब्रह्मी और शंखपुष्पी)
भारतीय आयुर्वेद में कुछ ऐसी औषधियां हैं जिन्हें 'मेध्य रसायन' कहा जाता है, जो सीधे मस्तिष्क की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करती हैं।
- ब्रह्मी: यह एकाग्रता बढ़ाती है।
- शंखपुष्पी: यह मानसिक तनाव को कम कर याददाश्त को पुख्ता करती है।
- टिप: रात को बादाम भिगोकर सुबह उनका सेवन करना भी स्मृति के लिए रामबाण है।
3. 'नॉन-डोमिनेंट' हाथ का प्रयोग करें
दिमाग को चुनौती देने के लिए कभी-कभी वह काम करें जो आप सामान्यतः नहीं करते।
- अभ्यास: यदि आप दाएं हाथ (Right hand) से ब्रश करते हैं, तो कभी-कभी बाएं हाथ से करने की कोशिश करें। यह मस्तिष्क के दूसरे हिस्से (Hemisphere) को सक्रिय करता है और नए न्यूरल पाथवे बनाता है।
4. पानी की पर्याप्त मात्रा
मस्तिष्क का लगभग 75% हिस्सा पानी है। निर्जलीकरण (Dehydration) से ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और अल्पकालिक स्मृति हानि (Short-term memory loss) हो सकती है।
- टिप: दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
याददाश्त बढ़ाने के लिए 3 प्रभावी योगासन
लेख में योग का जिक्र है, पाठक विशिष्ट आसनों के बारे में जानना चाहेंगे:
- भ्रामरी प्राणायाम: यह मस्तिष्क की नसों को शांत करता है और एकाग्रता बढ़ाता है।
- शीर्षासन या सर्वांगासन: इससे मस्तिष्क की ओर रक्त का प्रवाह बढ़ता है।
- त्राटक क्रिया: किसी एक बिंदु पर ध्यान केंद्रित करने से याद रखने की शक्ति अद्भुत रूप से बढ़ती है।
जीवनशैली में एक छोटा बदलाव: 'चेकलिस्ट' की आदत
जैसा कि आपने डायरी की बात की, उसे डिजिटल युग में 'टू-डू लिस्ट' ऐप के रूप में भी अपनाया जा सकता है। अपनी चाभियों या चश्मे के लिए घर में एक 'निश्चित स्थान' तय करें। जब आप कोई चीज रखें, तो उसे मन में जोर से बोलें— "मैंने चाभी मेज पर रखी है।" यह सुनने की क्रिया दिमाग में उस स्मृति को गहरा कर देती है।


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