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Showing posts from September 1, 2019

अजंता की चित्रकला ..मेरी अजंता यात्रा और उनके गुफाओं के चित्र

अजंता की यात्रा ::
अजंता की चित्रकला
अजंता भ्रमण और अजंता की गुफाओं के विश्व प्रसिद्ध चित्र.
 सह्याद्रि पर्वतों के उत्तुंग शिखर जो आज भी हरियाली को समेटे है , चारो तरफ पहाड़ ही पहाड़ दिखाई देते है इस मनोरम स्थल को देखते निहारते हुए जब मैं टैक्सी में बैठे बैठे सोंच रहा था इस रमणीक स्थल में 2000 पहले से मौर्य,सातवाहन, वाकाटक ,राष्ट्रकूट जैसे राजवंशों ने अपनी शौर्य  गाथाएं लिखीं ,  मध्य काल में छत्रपति शिवाजी  के पराक्रम और शौर्य की ये वादियां गवाह है ,  एक नाथ तुकाराम और रामदेव जैसे महान संतो के भजन जिनसे समाज में नई चेतना मिली , मेरा मन प्रफुल्लित था इस वीर भूमि और  शांत भूमि में आकर प्रकृति के साथ अठखेलियां खेलते खेलते औरंगाबाद जिले के गांव फरदारपुर में अजंता के पास पहुंचा, टैक्सी वाले ने मुझे एक होटल में पहुँचाया वो बहुत सुविधाजनक तो नही था पर मैंने एक रात बिताने के लिए ठीक ही समझा , अगले दिन हमने एक टैक्सी ली जिसने दो घण्टे के बाद हमे उस तलहटी में पहुँचाया जहां से ऊपर जाना था अजंता गुफ़ा देखने के लिए ,  टैक्सी के ड्राईवर हमे ऊपर तो ले गए पर   चार किलोमीटर पहले ही छोड़ दिया क्योंकि महाराष…

Why Wild animals attack increased in human area

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Why Wild animals attack increased in human area
जंगली जन्तु खेतों में क्यों आ रहे हैं- हमने विकास की रफ़्तार पकड़ने के कारण हरे भरे जंगल काट डाले,और अपने रहने के लिए कंक्रीट के मकान बना डाले,इन पेंड़ो के कटते ही हमने अपने आवास बनाने के लिए जगह तो तलाश ली परन्तु इन पेंड़ो पर आवास बना कर रहने वाले जीवों गिलहरी ,पक्षी, बन्दर के आवास छीन लिए हम लोंगों ने, यदि कुछ जीव हमारे बस्ती में घुस रहे है, हमारे  स्कूल में घुस जा रहे है तो इसके जम्मेदार हम ही सब है?
जीव का सहचर्य- 
  पृथ्वी में उपस्थित   सारी  वस्तुओं चाहे वो जीव हो या निर्जीव आपस में  गहरा सम्बन्ध है,   जीव एक  दूसरे से जुड़े  हुए है , पृथ्वी की सभी जीव वनस्पतियां एक दूसरे के पूरक हैं, पृथ्वी में हर जीव का जीवन अपने आप में अद्वितिय(unique)है, प्रकृति के लिए यदि किसी एक जीव का जीवन संकट में पड़ता है तो दूसरे जीव का जीवन भी संकट में पड़ जाता है,उदाहरण के लिए प्रकृति में संतुलन के लिए पेंड़ पौधे,घास  होने चाहिए, इन पेंड़ पौधों को खाने के लिये हिरण आदि  शाकाहारी जीव भी होने चाहिए ,और इन शाकाहारी  जीवों पर आस्रित मांसाहारी जीव भी प्रकृति में उसी …