Posts

Showing posts from July 6, 2025

योगी आदित्यनाथ की जीवनी: संन्यास से सत्ता तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का सफर

Image
योगी आदित्यनाथ की जीवनी: संन्यास से सत्ता तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का सफर योगी आदित्यनाथ को आज पूरा भारत जानता है क्योंकि उन्होंने उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री पद में रहते हुए सुशासन का ऐसा मॉडल दिया है जिसकी प्रशंसा उत्तरप्रदेश के निवासी तो करते ही है पूरे भारत के हर स्टेट में गुंडा गर्दी और माफिया राज में में नकेल कसने के लिए योगी मॉडल की जरूरत बताई जा रही है ,आज उत्तर प्रदेश में गुंडा माफिया या तो सरेंडर कर चुके हैं या दूसरे प्रदेश में जाकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे, क्या मजाल कि वह दुबारा उत्तरप्रदेश की तरफ रुख करें,आज उत्तर प्रदेश में महिलाएं बेटियां निश्चिंत होकर मार्केट में खरीददारी करती है, महिलाएं  जॉब कर रहीं है, लड़कियां शाम होने तक कोचिंग ट्यूशन पढ़ती हैं पर उनको गुंडों लफंगों का डर नहीं सताता।  योगी आदित्यनाथ   सात भाइयों बहनों के पांचवें नंबर के ये भैया उत्तराखंड  के पौड़ी गढ़वाल में 5 जून 1972 में फॉरेस्ट रेजर आनंद सिंह बिष्ट के यहां जन्में थे  वह भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता माने जाते हैं, उन्होंने सत्ता संभालते ही हिं...

बहज (डीग, राजस्थान) उत्खनन: वैदिक काल के भौतिक प्रमाणों की खोज और सरस्वती नदी से जुड़ी एक प्राचीन सभ्यता

Image
 राजस्थान के डीग जिले के बहज  गांव में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा 10 जनवरी 2024 से लगभग 5 महीने तक खुदाई की गई। क्योंकि बताया गया था पौराणिक आख्यानों के अनुसार यहां श्री कृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध के पुत्र वज्रनाथ ने पुनः एक व्रज नगरी बसाई थी और कई मंदिर और महल बनवाए थे। राजस्थान के डीग जिले के बहज गांव में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीक्षण पुरातत्वविद् विजय गुप्ता के निर्देशन में खुदाई का कार्य किया गया। बहज नामक ये स्थल डीग कस्बे से पांच किलोमीटर दूर है और भरतपुर शहर से 37 किलोमीटर दूर वहीं मथुरा शहर से 23किलोमीटर दूर है। डीग जिले के बहज गांव में हुए उत्खनन के निष्कर्ष भारतीय पुरातत्व के लिए निश्चित रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं, खासकर वैदिक काल के संदर्भ में।     डीग जिले के बहज गांव में हुए उत्खनन में 3500 से 1000 ईसा पूर्व की सभ्यता के अवशेष मिले हैं, जिनमें एक महिला का कंकाल, चांदी और तांबे के सिक्के, हड्डी के औजार, अर्ध-कीमती पत्थरों के मनके, शंख की चूड़ियाँ, मिट्टी के बर्तन, 15 यज्ञ कुंड, ब्राह्मी लिपि की मोहरें और शिव-पार्वती की मूर्तियाँ...