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Showing posts from June 11, 2019

Bitcoin क्या है|कैसे काम करता है| कैसे कमाया जा सकता है?

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  Bitcoin क्या है|कैसे काम करता हैऔर कैसे कमाया जा सकता है? बिटकॉइन एक आभासी मुद्रा है जिसे अंग्रेजी भाषा मे क्रिप्टो करेंसी कहते है क्रिप्टो करेंसी कई एक हैं उनमें से एक का नाम बिटकॉइन है , बिटकॉइन एक आभासी मुद्रा है  जिसे आप  छुकर या टटोल कर नहीं देख सकते हो। बिटकॉइन का न तो   नोटों के रूप में या सिक्कों के रूप में लेन देन होता है  न ही  आप  बिटकॉइन को अपने रुपये रखने वॉलेट या पर्स या बटुआ  में  रख सकते हो जैसे  दूसरे नोट और सिक्के को पर्स में रखते हो ।       Bitcoin सिर्फ कम्यूटर  नेटवर्किंग  से बने  एक  डिजिटल वॉलेट में रखे जा सकते हैं जिसमे बिटकॉइन मूल्यों के रूप में रखे जाते हैं जब बिटकॉइन को किसी दूसरे के पास भेजा जाता है तो भेजने जाने वाले व्यक्ति की अन्य जानकारी कोई चुरा नहीं पाता क्योंकि यह peer to peer ट्रांसेक्शन होता है हर लेन देन में एक नए ब्लॉक का निर्माण होता है जो पूरे कंप्यूटर नेटवर्क से जुड़े रहते है।  बिटकॉइन का कोई एक मालिक नहीं है।यानी किसी एक व्यक्ति का स्वामित्व नहीं है। बिटकॉइन को कंट्रोल करने के लिए कोई सेंट्रलाइज अथॉरिटी नहीं है। कई अर्थ शास्त्रियों ने त

Raja Ram mohan ray :first indian social reformer

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 राजा राम मोहन राय-- Raja Ram Mohan Ray             मैं आज आपको राजा राम मोहन राय के बारे में बताता हूँ ----/--/----                 राजा राम मोहन राय (raja ram mohan Ray ) की कहानी ब्रिटिश काल की है , जब देश मे मुग़ल काल की संस्कृति ,भाषा,और कुछ प्रशासन भी चल रहा था, परंतु ब्रिटिश का बंगाल में आधिपत्य के बाद ,उन्होंने भारत के संस्कृति में अधिक हस्तक्षेप के बिना व्यापार करने में ही ध्यान लगाया । परंतु अंग्रेजों के आगमन से भारत के लोंगों के बीच आधुनिक उदारवादी विचारों का प्रसार हुआ ,भारत के लोंगों को अपने धर्म की कई बुराइयां दिखाई दीं जो समाज मे जनसामान्य में व्याप्त थी , जैसे स्त्रियों की स्थिति बहुत खराब थी , विधवा महिलाओं की स्थिति नारकीय थी।                    इसी समय राजा राम मोहन राय का जन्म 1774 में बंगाल के हुगली जिले के राधानगर कस्बे में   कुलीन ब्राम्हण  परिवार में  हुआ था , बंगाल के नवाबों ने इनके परिवार की सेवा के कारण इनके पूर्वजों को रामराय की उपाधि दी जो बाद में संक्षिप्त रूप से राय उपनाम से चलता रहा ।                  ये बचपन से ही तीक्ष्ण दिमाग़ के और स्वभाव

Young bangal movement at bengal, Henry vivan derozio

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      हेनरी विवियन डेरेज़िओ और उनका बचपन-    हेनरी विवियन डेरेजियो ,का जन्म अप्रैल 1809 में कलकत्ता में हुआ , इनके पिता फ्रांसिस डेरेजियो एक ऐंग्लो इंडियन परिवार से थे, हेनरी विवियन डेरेजीयो का बचपन कलकत्ता में ही बीता,  बचपन से ही तीक्ष्ण दिमाग के धनी थे डेरेजियो,सत्रह वर्ष की उम्र में डेरेजिओ हिन्दू कॉलेज में सहायक प्रधानाचार्य हो गए थे। 1831 से 1826 तक वो हिन्दू कॉलेज  में प्रधानाचार्य रहे , इन्होंने कुछ समय में ही मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपना अनुयायी बना लिया, ये ऐंग्लो इंडियन  जर्रूर थे ,परंतु इनको अपने देश भारत से बहुत अधिक प्रेम था , इन्होंने राष्ट्रभक्ति की कई कविताएं इंग्लिश में लिखीं , कह सकतें है कि वो एक राष्ट्रवादी कवि थे ।   हेनरी विवियन डेरेज़िओ का यंग बंगाल मूवमेंट---             डेरेजियो ने हिन्दू कॉलेज में शिक्षण कार्य के दौरान छात्रों को पश्चिमी तार्किक ज्ञान,और विज्ञान परक सोंच को बताया  उन्होंने किसी भी बात को आंख मूंद कर विश्वास करने से रोका हर उस बात पर विश्वास करने को कहा जो तर्क की कसौटी पर खरी उतरे, उन्होंने स्वतंत्रता, समानता, भातृत्व