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Showing posts from June 17, 2019

Full form of GIF ,GIF का full form क्या है

G I F का full form होता है  Graphics Interchange Format यानि graphics का ऐसा फॉर्मेट जो interchange होता रहता है आप उन इमेजेज को GIF image भी कह सकते हो जो animated IMAGE हैं।

GIF का फुल फॉर्म ग्राफिक्स इंटरचेंज फॉर्मेट है। जीआईएफ एक बिटमैप छवि प्रारूप है जिसे 15 जून, 1987 को अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक स्टीव विल्हाइट के नेतृत्व में बुलेटिन बोर्ड सेवा (बीबीएस) प्रदाता कम्पयू सर्व( compuserve) में एक टीम द्वारा विकसित किया गया था। एक एनिमेटेड तस्वीर बनाने के लिए जीआईएफ विभिन्न बिटमैप फ़ाइलों की एक श्रृंखला है। । यह एक 8 बिट प्रारूप है जिसका अर्थ है कि प्रारूप द्वारा समर्थित रंगों की अधिकतम संख्या 256 है। दो GIF मानक, 87a और 89a हैं।GIF 89 update   वर्जन है ,  प्रत्येक पिक्सेल में, यह GIF छवि में दो सौ और छप्पन में से एक रंग शामिल करता है। जीआईएफ आकार में छोटे और कॉम्पैक्ट हैं और आप उन्हें किसी भी प्लेटफॉर्म पर आसानी से साझा कर सकते हैं। जीआईएफ एक गतिशील छवि है जो बिना किसी ध्वनि के वीडियो की तरह है। यह एक iPhone की लाइव तस्वीर की तरह है। यह एक छोटी सी वीडियो क्लिप है जो खुद को तब तक रिप्…

Rabindranath tagore , poet and painter

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: रवींद्र नाथ टैगोर:   रवीन्द्र नाथ टैगोर ने कहा है  कि
"महीने के बजाए हम पल पल की गिनती करें ,तभी कुछ करने के लिए हमारे पास समय होगा।"


रवींद्र नाथ टैगोर का जन्म कलकत्ता नगर में 7 मई1861 को देवेंद्र नाथ टैगोर के घर मे हुआ, देवेंद्र नाथ टैगोर देश के एक माननीय धार्मिक ,सामाजिक नेता थे, उनके सभी भाई ऊंचे पदों में पदासीन थे, रवींद्र नाथ टैगोर की परवरिश में माता पिता अधिक ध्यान नहीं दे पाए क्योंकि माता हमेशा बीमार रहतीं थीं और पिता उनकी देखभाल के लिए इलाज के लिए बाहर रहते थे ,रवींद्र नाथ का बचपन का अधिकतर समय नौकरों के बीच बीता ,जो रवींद्र को घर मे बन्द कर बाजार चले जाते थे ,  ये अपनी माता पिता की चौदहवीं संतान थे और भाइयों में सबसे छोटे ,छोटे होने के कारण उनको दब कर रहना पड़ता था , इनकी माता का  नाम सारदा देवी था। 1875 में जब टैगोर मात्र 14 वर्ष के थे तभी उनकी माता का देहांत हो गया। इन्ही परिस्थितियों के बीच उनका स्वभाव अंतर्मुख होने लगा और कल्पनाओं में विचरित होने लगा ,उनके 14 वर्ष की आयु में  स्वदेश प्रेम पर लिखी गई  सुन्दर कविता को अमृत बाजार पत्रिका में प्रकाश…

Subhas Chandra Bose and Indian national army

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सुभाष चंद्र बोस (1897 -  1945)       भारत के इतिहास में कुछ क्रांतिकारी नेताओं में यदि यदि भगत सिंह , चंद्र शेखर आज़ाद को याद करते ही सिहरन हो जाती है , उसी तरह सुभाष  चंद्र बोस के नाम सुनते ही उनके तश्वीर को देखते ही अपने आप हाँथ माथे में पहुंचकर  सैल्यूट कर देता है हर भारत के बन्दे को सुभाष चंद्र बोस के लिए अंतरात्मा से सम्मान है  ,देश उन्हें "नेता जी "के नाम से जानता है।                                                  Subhas Chandra Bose and Indian national army           कुछ समय पूर्व गुमनामी बाबा के मृत्यु के बाद उनके पास सुभाष बाबू के चश्मे ,कुछ दस्ताबेज ,और परिवार के साथ मिली तश्वीर से लगता है कि वो सुभाष बाबू ही थे ,  जो  फैजाबाद में ' भगवानजी'    गुमनामी बाबा के नाम से जाने गए, पूरे जीवनकाल किसी से आमने सामने नही मिले,परंतु कुछ उनके परिचित गुप्त रूप से उनसे मिलने का दावा करते रहे,वो भी रहस्य था, ये रहस्य बना ही रहा ,सरकार के द्वारा बनाये गए कई आयोग में  भी कोई स्पष्ट जानकारी नही दे सके , कभी देश मे ये सूचना उपलब्ध कराई गई की सरकार द्वारा यदि कुछ गुप्त आंकड़े …