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Showing posts from March 8, 2025

Sudarshan Shetty Instalation Artist Biography। सुदर्शन शेट्टी इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट

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  Sudarshan Shetty Instalation Artist Biography। सुदर्शन शेट्टी इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट   ​ 1. प्रारंभिक जीवन और शिक्षा (Early Life & Education) ​ जन्म: सुदर्शन शेट्टी का जन्म 1961 में मंगलौर, कर्नाटक में हुआ था। ​ शिक्षा: उन्होंने अपनी कला शिक्षा मुंबई के प्रसिद्ध सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट (Sir J.J. School of Art) से प्राप्त की। 1985 में उन्होंने 'पेंटिंग' में अपनी डिग्री पूरी की। ​ कलात्मक बदलाव: हालाँकि उन्होंने अपनी शुरुआत एक चित्रकार (Painter) के रूप में की थी, लेकिन 90 के दशक के मध्य तक वे पूरी तरह से स्थापना कला (Installation Art) और बहु-आयामी मूर्तिकला (Sculpture) की ओर मुड़ गए। ​ 2. कला की शैली और माध्यम (Artistic Style & Medium) ​सुदर्शन शेट्टी को 'कांसेप्चुअल आर्टिस्ट' (Conceptual Artist) माना जाता है। उनकी कला की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं: ​ काइनेटिक कला (Kinetic Art): वे अपनी मूर्तियों में मशीनों और मोटरों का प्रयोग करते हैं जिससे उनकी कलाकृतियां हिलती-डुलती या कोई क्रिया करती नजर आती हैं। ​ रोज़मर्रा की वस्तुएं: वे बाल्टी, मेज, ...

हेल्थ insurance क्या है?Health Insurance ki jankari hindi में

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हेल्थ इंश्योरेंस क्या है? हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे  प्रस्तावना :-     हैल्थ  इंश्योरेंस एक बीमा योजना है जो बीमा धारक को आकस्मिक गंभीर बीमारियों और अकस्मात दुर्घटनाओं से आर्थिक कवरेज प्रदान करता है।   हेल्थ इंश्योरेंस या स्वास्थ्य बीमा का चलन अभी भी भारत मे कम है क्योंकि सिर्फ 20 प्रतिशत लोग ही हेल्थ इंश्योरेंस करवा रहे है ,उसमें भी 18 प्रतिशत शहरी लोग हैं तो 14 प्रतिशत ग्रामीण लोग हेल्थ बीमा ले रहे हैं। हेल्थ इंश्योरेंस कराने पर बीमा कंपनी बीमा लेने वाले व्यक्ति के बीमार होने पर मुफ़्त चिकित्सकीय सहायता प्रदान करती है या इलाज के बाद हुए कुल ख़र्च का ब्योरा देने पर बीमा कंपनी बीमाकृत धनराशि के बराबर सहायता प्रदान करती है। हेल्थ इंश्योरेंस योजनाओं का महत्व--- हेल्थ इंश्योरंस योजना का प्रचलन भारत मे धीरे धीरे बढ़ रहा है , क्योंकि आज कल की भागदौड़ की जिंदगी,तनाव भरी जिंदगी तथा बाहरी खानपान से व्यक्ति के शरीर मे जल्द बीमारियां आ घेर रहीं हैं,तब उस दौरान जब व्यक्ति अचानक गंभीर बीमार हो जाता है तो वह आनन फानन में प्राइवेट हॉस्पिटल की तरफ रूख़ करता है क्योंकि वहां ...

विक्की कौशल: संघर्ष से स्टारडम तक का सफर Vikki Kaushal Struggle Story

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  विक्की कौशल: संघर्ष से स्टारडम तक का  सफर।Vikki Kaushal Struggle  Story प्रारंभिक जीवन और परिवार विक्की कौशल का जन्म 16 मई 1988 को मुंबई में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता, शाम कौशल, फिल्म इंडस्ट्री में बतौर एक्शन डायरेक्टर काम करते थे, जबकि उनकी माँ वीणा कौशल एक गृहिणी हैं। उनका परिवार मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर से है, लेकिन रोज़गार के लिए उनके पिता मुंबई आ गए थे। विक्की के बचपन के दिनों में उनका परिवार एक छोटे से घर में रहता था, जहाँ सुविधाओं की कमी थी। हालाँकि, उनके पिता का सपना था कि उनके बच्चे एक अच्छा जीवन जिएं और उन्होंने कड़ी मेहनत कर उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाई। विक्की कौशल के छोटे भाई सनी कौशल भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं। सनी ने बतौर सहायक निर्देशक करियर शुरू किया और बाद में एक अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। दोनों भाइयों ने एक साधारण बचपन जिया और मुंबई की चालों में बड़े हुए। विक्की का झुकाव बचपन से ही फिल्मों की ओर था, लेकिन उनके पिता चाहते थे कि वे एक स्थिर करियर चुनें। शिक्षा और पढ़ाई में रुचि विक्की कौशल की शुरुआती शिक्षा मुंबई के से...

सिन्धु सभ्यता में स्त्रियों और पुरुषों के श्रृंगार में प्रयुक्त आभूषण की जानकारी

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          सिन्धु सभ्यता में स्त्रियों और पुरुषों के श्रृंगार में प्रयुक्त आभूषण सिन्धु घाटी सभ्यता (3300-1300 ईसा पूर्व) एक उन्नत नगर सभ्यता थी, जिसमें न केवल सामाजिक और आर्थिक जीवन बल्कि फैशन और सौंदर्य-बोध भी विकसित थे। खुदाई में प्राप्त मूर्तियों, मुहरों और आभूषणों से यह स्पष्ट होता है कि इस सभ्यता में स्त्री और पुरुष दोनों ही सजने-संवरने में रुचि रखते थे। उनके श्रृंगार में हार, ब्रेसलेट, चूड़ियाँ, कंगन, अंगूठियाँ, कमरबंद, झुमके, मांगटीका, वज्र और अन्य आभूषणों का विशेष स्थान था। 1. हार (Necklaces) सिन्धु सभ्यता के लोगों द्वारा पहने जाने वाले हार विभिन्न प्रकार के धातुओं, पत्थरों और मनकों से बनाए जाते थे। सामग्री : सोना, चांदी, तांबा, कीमती और अर्द्ध-कीमती पत्थर (जैसे अगेट, लैपिस लाजुली, कारेलियन) आकार : छोटे-छोटे मनकों को एक धागे में पिरोकर लंबी माला बनाई जाती थी। कई बार बड़े मनकों का भी प्रयोग होता था। कला : मोहनजोदड़ो से मिली "नर्तकी की मूर्ति" (Dancing Girl) ने एक लंबी माला पहनी हुई है, जो इस समय हार पहनने की परंपरा को दर्शाती है। 2. ब्रेसलेट और चूड...

गगनेन्द्रनाथ टैगोर: भारतीय आधुनिक कला के अग्रदूत।Gagnendra Nath Tagore

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  गगनेन्द्रनाथ टैगोर: भारतीय आधुनिक कला के अग्रदूत(Gangnendra Nath Tagore) गगनेन्द्रनाथ टैगोर (1867-1938) भारतीय चित्रकला के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण नाम हैं। वे न केवल एक प्रख्यात कलाकार थे, बल्कि आधुनिक भारतीय चित्रकला के अग्रदूतों में से एक माने जाते हैं। उनका योगदान भारतीय कला को पश्चिमी प्रभावों से मुक्त करने और इसे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण रहा। वे प्रसिद्ध टैगोर परिवार से थे और रवीन्द्रनाथ टैगोर के भाई थे। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा गगनेन्द्रनाथ टैगोर का जन्म 18 सितंबर 1867 को कोलकाता के प्रतिष्ठित टैगोर परिवार में हुआ था। उनका पालन-पोषण एक सांस्कृतिक और बौद्धिक माहौल में हुआ, जिसने उनकी कला और दृष्टिकोण को आकार दिया। उन्होंने औपचारिक रूप से किसी कला विद्यालय में शिक्षा नहीं ली, बल्कि अपनी रुचि और अभ्यास के माध्यम से एक कुशल कलाकार बने।उन्होंने लगभग 38 वर्ष की उम्र में चित्रकला प्रारंभ की। कलात्मक शैली और विशेषताएँ गगनेन्द्रनाथ टैगोर की चित्रकला में भारतीय परंपराओं के साथ-साथ पश्चिमी प्रभावों का भी समावेश दिखता है। उन्होंने कार्टून और कैरिकेचर आर्ट...

बैंक से ऋण लेने की सम्पूर्ण प्रक्रिया: एक सामान्य व्यक्ति के लिए गाइड।Complete Process of Taking a Bank Loan: A Common Man's Guide

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  बैंक से ऋण लेने की सम्पूर्ण प्रक्रिया: एक  सामान्य व्यक्ति के लिए गाइड   Complete Process of Taking a Bank  Loan: A Common Man's Guide बैंक से ऋण लेना आजकल आम बात हो गई है। चाहे घर खरीदना हो, बिज़नेस शुरू करना हो, शिक्षा के लिए पैसा चाहिए हो या किसी अन्य व्यक्तिगत जरूरत के लिए, बैंक से लोन लेना एक सुविधाजनक विकल्प है। लेकिन इस प्रक्रिया को समझना जरूरी है ताकि बिना किसी परेशानी के सही तरीके से लोन लिया जा सके। इस लेख में हम बैंक से ऋण लेने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे, बंधक के रूप में क्या रखा जा सकता है, कितना ब्याज लगेगा, कितने समय में लोन वापस करना होगा और अधिकतम कितना ऋण बैंक दे सकते हैं। 1. बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया बैंक से ऋण लेने के लिए आपको कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे। यह प्रक्रिया आमतौर पर इस प्रकार होती है: (1) अपनी ज़रूरत को तय करें सबसे पहले यह तय करें कि आपको कितने पैसे की जरूरत है और किस उद्देश्य से लोन लेना है। विभिन्न प्रकार के लोन उपलब्ध होते हैं, जैसे: गृह ऋण (Home Loan) - मकान खरीदने या बनाने के लिए वाहन ऋण (Car Loan) - कार ...