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Showing posts from August 23, 2021

Review of fact history four बुक|किरण प्रकाशन|आर्य कॉप्टिशन| ज्ञान पुस्तक|महेश बरनवाल

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  Review of fact history four बुक: ज्ञान पुस्तक,महेश बरनवाल किरण प्रकाशन,आर्य कॉप्टिशन विषय प्रवेश--  यदि कोई छात्र इंटरमीडिट के एग्जाम पास करने के बाद कॉम्पटीशन लाइन में प्रवेश करता है तो उसे पुस्तको के चयन में बहुत कंफ्यूज़न होता है। इस review से इतिहास की सही बुक लेने में मदद मिलेगी। Review of four books  आज हम बाज़ार में उपलब्ध चार फैक्ट आधारित बुक्स का रिव्यु करता हूँ ।  क्योंकि ज़्यादातर वनडे एग्जाम रेलवे,एस एस सी, लेखपाल या पटवारी का एग्जाम ग्राम विकास अधिकारी ,कांस्टेबल का एग्जाम,SI का एग्जाम,असिस्टेन्स टीचर्स,DSSB आदि के एग्जाम में इतिहास के फैक्चुअल प्रश्न पूंछे जाते हैं हालांकि वो GS पर आधारित हैं पर उन प्रश्नों हल करने के लिए भी कुछ डीप स्टडी जरूरी है। इसके लिए आप या तो आप ख़ुद नोट्स तैयार करें या फ़िर इन बुक्स की मदद लेकर विभिन्न वनडे एग्जाम में हिस्ट्री के प्रश्नों को आसानी से सही कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।  पहली पुस्तक की बात करते है जो इतिहास के फैक्ट पर आधारित है। ज्ञान इतिहास की । इस पुस्तक का संंपादन ज्ञान चंद यादव ने किया है।    इस बुक में इतिहास के बिन्दुओं को क्रमब

लक्ष्मण पै आर्टिस्ट की जीवनी-

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   लक्ष्मण पै आर्टिस्ट की जीवनी- लक्ष्मण पै का प्रारंभिक जीवन और उनकी शिक्षा दीक्षा--   लक्ष्मण पै का जन्म सन 1926 ईसवी को गोवा में एक सारस्वत ब्राम्हण परिवार में  हुआ था,जब ये छोटे थे तो अपने मामा के स्टूडियो में लैब बॉय के रूप में कार्य करना शुरू किया ,वह यहां पर ब्लैक एंड व्हाइट फ़ोटो बनाया करते थे, यहीं से इनको कला में रुचि जागृति हुई । इनकी कला शैली में गोवा की हरीभरी सुंदर ज़मीन ने, गोवा के शांतिपूर्ण वातावरण ने, यहां की विशिष्ट संस्कृति और यहां के आनंदप्रिय लोगों ने प्रभाव छोड़ा। (लक्ष्मण पै)  इसी दौरान1940-42 में लक्ष्मण पै गोवा मुक्ति आंदोलन से भी जुड़े रहे इसके लिए इनको तीन बार जेल भी जाना पड़ा।   1943 से 1947 तक लक्ष्मण पै ने जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट  मुंबई से कला की शिक्षा प्राप्त की ।इनको यह पर अहिवासी, शंकर पलसीकर से शिक्षा प्राप्त हुई।  प्रारम्भ में लक्ष्मण पै की कला में अपने गुरु जनों का प्रभाव रहा ,उन्होंने भारतीय लघु चित्रण शैली में काम किया ,इनमें उन्होंने गोवा के सरल सीधे साधे धार्मिक  जीवन को चित्रित किया।इस समय के सभी चित्रों में पै ने बृक्षों को चित्रों में आधार बनाय