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Showing posts from August 23, 2021

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

लक्ष्मण पै आर्टिस्ट की जीवनी-

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   लक्ष्मण पै आर्टिस्ट की जीवनी- लक्ष्मण पै का प्रारंभिक जीवन और उनकी शिक्षा दीक्षा--   लक्ष्मण पै का जन्म सन 1926 ईसवी को गोवा में एक सारस्वत ब्राम्हण परिवार में  हुआ था,जब ये छोटे थे तो अपने मामा के स्टूडियो में लैब बॉय के रूप में कार्य करना शुरू किया ,वह यहां पर ब्लैक एंड व्हाइट फ़ोटो बनाया करते थे, यहीं से इनको कला में रुचि जागृति हुई । इनकी कला शैली में गोवा की हरीभरी सुंदर ज़मीन ने, गोवा के शांतिपूर्ण वातावरण ने, यहां की विशिष्ट संस्कृति और यहां के आनंदप्रिय लोगों ने प्रभाव छोड़ा। (लक्ष्मण पै)  इसी दौरान1940-42 में लक्ष्मण पै गोवा मुक्ति आंदोलन से भी जुड़े रहे इसके लिए इनको तीन बार जेल भी जाना पड़ा।   1943 से 1947 तक लक्ष्मण पै ने जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट  मुंबई से कला की शिक्षा प्राप्त की ।इनको यह पर अहिवासी, शंकर पलसीकर से शिक्षा प्राप्त हुई।  प्रारम्भ में लक्ष्मण पै की कला में अपने गुरु जनों का प्रभाव रहा ,उन्होंने भारतीय लघु चित्रण शैली में काम किया ,इनमें उन्होंने गोवा के सरल सीधे साधे धार्मिक  जीवन को चित्रित किया।इस समय के सभी चित्रों में पै ने बृक्षों को चित्रों में आधार बनाय