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Showing posts from August 12, 2019

Review of fact history four बुक|किरण प्रकाशन|आर्य कॉप्टिशन| ज्ञान पुस्तक|महेश बरनवाल

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  Review of fact history four बुक: ज्ञान पुस्तक,महेश बरनवाल किरण प्रकाशन,आर्य कॉप्टिशन विषय प्रवेश--  यदि कोई छात्र इंटरमीडिट के एग्जाम पास करने के बाद कॉम्पटीशन लाइन में प्रवेश करता है तो उसे पुस्तको के चयन में बहुत कंफ्यूज़न होता है। इस review से इतिहास की सही बुक लेने में मदद मिलेगी। Review of four books  आज हम बाज़ार में उपलब्ध चार फैक्ट आधारित बुक्स का रिव्यु करता हूँ ।  क्योंकि ज़्यादातर वनडे एग्जाम रेलवे,एस एस सी, लेखपाल या पटवारी का एग्जाम ग्राम विकास अधिकारी ,कांस्टेबल का एग्जाम,SI का एग्जाम,असिस्टेन्स टीचर्स,DSSB आदि के एग्जाम में इतिहास के फैक्चुअल प्रश्न पूंछे जाते हैं हालांकि वो GS पर आधारित हैं पर उन प्रश्नों हल करने के लिए भी कुछ डीप स्टडी जरूरी है। इसके लिए आप या तो आप ख़ुद नोट्स तैयार करें या फ़िर इन बुक्स की मदद लेकर विभिन्न वनडे एग्जाम में हिस्ट्री के प्रश्नों को आसानी से सही कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।  पहली पुस्तक की बात करते है जो इतिहास के फैक्ट पर आधारित है। ज्ञान इतिहास की । इस पुस्तक का संंपादन ज्ञान चंद यादव ने किया है।    इस बुक में इतिहास के बिन्दुओं को क्रमब

Gupt kaleen sanskrit ,sahity, art -गुप्त काल की संस्कृति ,साहित्य, कला

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            [गुप्त कालीन संस्कृति] Gupt kaleen sanskrit ,sahitya, art  गुप्त काल की संस्कृति ,साहित्य, कला       गुप्त काल का समय  300 ईस्वी से 600 ईस्वी तक रहा है ,इस समय हिन्दू धर्म ग्रन्थो में ,ज्ञान विज्ञान ,कला साहित्य में अत्यधिक उन्नति हुई इसीलिए गुप्तकाल को स्वर्णयुग कहा जाता है।       गुप्त कालीन धर्म . .......  गुप्त काल में धार्मिक दृष्टीकोण से पुनुरुत्थान हुआ  ,इस समय मन्दिरों और मूर्तियॉ बनी, इसी समय पौराणिक धर्म  हिंदू धर्म की स्थापना हुई,इस समय वैष्णव धर्म प्रधान धर्म बन गया ,अधिकांश गुप्त सम्राटों ने इसी धर्म को अपनाया और स्वयं  स्वयं परम भागवत की उपाधि धारण की तथा अपने सिक्कों पर शंख ,चक्र ,गदा ,पद्म , गरुण और लक्ष्मी  की आकृतियां बनवाईं,    गुप्त शासकों  के संरक्षण  के कारण ही  वैष्णव धर्म  न  केवल भारत तक रहा बल्कि ये पूरे दक्षिण पूर्व एशिया , कंबोडिया ,इंडोनेशिया तक फ़ैल गया। विष्णु की अनेक मूर्तियां बनीं अनेक मन्दिर बनें , विष्णु को अनेक अवतारों के रूप में चित्रित किया , विष्णु के 24 अवतारों की मूर्तियां मन्दिरों में उकेरी गईं। विष्णु के अनेक मन्दिरों में वि