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Showing posts from June 14, 2019

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

Sir Saiyad Ahmad khan first muslim social reformer In india

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        सर सैयद अहमद खान social reformer की जीवनी हिंदी में|         : सर सैयद अहमद खान:            #Sir saiyad ahmad khan# भारत के मुस्लिम सुधारकों की बात करें तो सबसे पहला नाम सर  सैयद अहमद खान को जाता है ।                   मुगल  शासन के अंत के बाद ब्रिटिश हुक़ूमत का उदय हुआ,मुसलमान अपने अतीत गौरव और प्रभुत्व को स्थापित करने में अंतिम रूप से असफल हो गए,अंग्रेजी प्रभुत्व की स्थापना से मुगलों  और उनके नवाबों का राज्य उनके हाँथ से निकल गया,मुसलमान दरबारी जो मुग़ल दरबार मे नौकर थे उनकी रोजी रोटी चली गई,उनके विशेषाधिकार छीन गए,।            1857  ग़दर के बाद अंग्रेजों ने मुग़ल सल्तनत के बचे हुए सम्राट बहादुर शाह जफ़र के सम्मिलित होने,पकड़े जाने के बाद उन्हें रंगून  निष्कासित कर दिया, उसके बाद ब्रिटिश हुक़ूमत ने ये माना कि मुस्लिम्स को भी कुचला जाय भविष्य में विद्रोह से बचाने के लिए।अंग्रेजों की मुसलमान विरोधी नीति और मुसलमानो के आधुनिक पाश्चात्य शिक्षा के प्रति पूर्वाग्रह मुसलमानों   को सरकारी नौकरीयों से अलग कर दिया,जिससे मुसलमानों में बेरोजगारी बढ़ गई,।                 इन्ही परिस्