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Showing posts from June 14, 2019

Bitcoin क्या है|कैसे काम करता है| कैसे कमाया जा सकता है?

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  Bitcoin क्या है|कैसे काम करता हैऔर कैसे कमाया जा सकता है? बिटकॉइन एक आभासी मुद्रा है जिसे अंग्रेजी भाषा मे क्रिप्टो करेंसी कहते है क्रिप्टो करेंसी कई एक हैं उनमें से एक का नाम बिटकॉइन है , बिटकॉइन एक आभासी मुद्रा है  जिसे आप  छुकर या टटोल कर नहीं देख सकते हो। बिटकॉइन का न तो   नोटों के रूप में या सिक्कों के रूप में लेन देन होता है  न ही  आप  बिटकॉइन को अपने रुपये रखने वॉलेट या पर्स या बटुआ  में  रख सकते हो जैसे  दूसरे नोट और सिक्के को पर्स में रखते हो ।       Bitcoin सिर्फ कम्यूटर  नेटवर्किंग  से बने  एक  डिजिटल वॉलेट में रखे जा सकते हैं जिसमे बिटकॉइन मूल्यों के रूप में रखे जाते हैं जब बिटकॉइन को किसी दूसरे के पास भेजा जाता है तो भेजने जाने वाले व्यक्ति की अन्य जानकारी कोई चुरा नहीं पाता क्योंकि यह peer to peer ट्रांसेक्शन होता है हर लेन देन में एक नए ब्लॉक का निर्माण होता है जो पूरे कंप्यूटर नेटवर्क से जुड़े रहते है।  बिटकॉइन का कोई एक मालिक नहीं है।यानी किसी एक व्यक्ति का स्वामित्व नहीं है। बिटकॉइन को कंट्रोल करने के लिए कोई सेंट्रलाइज अथॉरिटी नहीं है। कई अर्थ शास्त्रियों ने त

Sir Saiyad Ahmad khan first muslim social reformer In india

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        सर सैयद अहमद खान social reformer की जीवनी हिंदी में|         : सर सैयद अहमद खान:            #Sir saiyad ahmad khan# भारत के मुस्लिम सुधारकों की बात करें तो सबसे पहला नाम सर  सैयद अहमद खान को जाता है ।                   मुगल  शासन के अंत के बाद ब्रिटिश हुक़ूमत का उदय हुआ,मुसलमान अपने अतीत गौरव और प्रभुत्व को स्थापित करने में अंतिम रूप से असफल हो गए,अंग्रेजी प्रभुत्व की स्थापना से मुगलों  और उनके नवाबों का राज्य उनके हाँथ से निकल गया,मुसलमान दरबारी जो मुग़ल दरबार मे नौकर थे उनकी रोजी रोटी चली गई,उनके विशेषाधिकार छीन गए,।            1857  ग़दर के बाद अंग्रेजों ने मुग़ल सल्तनत के बचे हुए सम्राट बहादुर शाह जफ़र के सम्मिलित होने,पकड़े जाने के बाद उन्हें रंगून  निष्कासित कर दिया, उसके बाद ब्रिटिश हुक़ूमत ने ये माना कि मुस्लिम्स को भी कुचला जाय भविष्य में विद्रोह से बचाने के लिए।अंग्रेजों की मुसलमान विरोधी नीति और मुसलमानो के आधुनिक पाश्चात्य शिक्षा के प्रति पूर्वाग्रह मुसलमानों   को सरकारी नौकरीयों से अलग कर दिया,जिससे मुसलमानों में बेरोजगारी बढ़ गई,।                 इन्ही परिस्