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Showing posts from April 24, 2020

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

मेसोपोटामिया की सभ्यता सुमेरियन,बेबिलोनिया की सभ्यता

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मेसोपोटामिया की सभ्यता- --      विश्व की प्राचीन सभ्यताए जो लगभग एक समय विकसित हुई  ये सभ्यताएं नदी घाटी के उर्वर प्रदेशों में पनपीं , ये सभ्यताए इस प्रकार हैं------ 1 - दजला फरात नदी -मेसोपोटामिया की सभ्यता (3300 ईसा पूर्व से 2000 ईसा पूर्व तक) 2-नील नदी घाटी -मिस्र की सभ्यता (3200 ईसा पूर्व से 1000 ईसा पूर्व) 3-सिंधु नदी के तट पर- हड़प्पन सभ्यता (3200 ईसा पूर्व से 1300 ईसा पूर्व) 4-पीली नदी के किनारे चीन की सभ्यता (2000 ईसा पूर्व-200 ईसा पूर्व)    यदि हम मेसोपोटामिया सभ्यता का वर्णन करते हैं तो जानना जरुरी होगा कि पश्चिम एशिया का मध्यवर्ती भाग उर्वर अर्धचन्द्र (fertile Cresent) के अंतर्गत आधुनिक इसराइल के क्षेत्र से लेकर लेबनान का क्षेत्र ,सीरिया ,दक्षिणी टर्की से लेकर इराक की जाग्रोस पहाड़ियों के पास फ़ारस की खाड़ी तक का क्षेत्र सम्मिलित था ,इस क्षेत्र में नवपाषाण कालीन संस्कृति ( 8000 ईसा पूर्व) के बाद जब बड़ी बस्तियां बसीं और आखेटक  संस्कृति ने खाद्य संकट से निपटने के लिए कृषि कार्यों के तरफ़  बढे ।           यदि हम इन सभ्यताओं के पूर्व की नवपाषाणिक सभ्यता जो इन्ही क्षेत्र