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Showing posts from April 24, 2020

अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।

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 अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।  अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी हिंदी में। अकबर पद्मसी को एस. एच. रजा ,F N सूजा, M.F. हुसैन की श्रेणी में रखा जाता है। इन्होंने कई विधाओं में कार्य किया , अकबर पद्मसी ने तैल रंग ,जल रंग ,स्कल्पचर और प्रिंटमेकिंग में , लिथोग्राफी,  में कंप्यूटर ग्राफ़िक्स में कार्य किया। अकबर पदमसी  अकबर पदमसी का प्रारंभिक जीवन -- अकबर पद्मसी का जन्म गुजरात के कच्छ क्षेत्र में एक मुस्लिम खोजा जाति में हुआ था ,इनके पूर्वज पहले राज दरबार मे कविता और गायन वादन किया करते थे जिन्हें चारण कहा जाता था। पद्मसी के बाबा काठियावाड़ क्षेत्र के गांव वघनगर के सरपंच थे तब लोंगों ने उनके अच्छे कार्यों के कारण पदमसी की उपाधि दी थी जो वास्तव में पद्मश्री का अपभ्रंश है।पद्मसी के पिता हसन पदमसी एक जाने माने व्यापारी थे जिनका फर्नीचर का व्यापार था वो बहुत धनी थे उनके दस मकान थे।परंतु इतना होने के बावजूद पदमसी परिवार में कोई पढ़ा लिखा व्यक्ति नहीं था ,तब अकबर पद्मसी जो सात भाइयों में से एक थे  ,इनके एक भाई एलिक पदमसी थे जिन्होंने थियेटर रंगमंच में नाट्यदक्षता से अपनी पहचान बनाई थी  वो थिएटर आर्टिस

मेसोपोटामिया की सभ्यता सुमेरियन,बेबिलोनिया की सभ्यता

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मेसोपोटामिया की सभ्यता- --         विश्व की प्राचीन सभ्यताए जो लगभग एक समय विकसित हुई , ये सभ्यताएं नदी घाटी के उर्वर प्रदेशों में पनपीं , ये सभ्यताए इस प्रकार हैं---- 1 -दजला फरात नदी -मेसोपोटामिया की सभ्यता (3300 ईसा पूर्व से 2000 ईसा पूर्व तक) 2-नील नदी घाटी -मिस्र की सभ्यता (3200 ईसा पूर्व से 1000 ईसा पूर्व) 3-सिंधु नदी के तट पर- हड़प्पन सभ्यता (3200 ईसा पूर्व से 1300 ईसा पूर्व) 4-पीली नदी के किनारे चीन की सभ्यता (2000 ईसा पूर्व-200 ईसा पूर्व)    यदि हम मेसोपोटामिया सभ्यता का वर्णन करते हैं तो जानना जरुरी होगा कि पश्चिम एशिया का मध्यवर्ती भाग उर्वर अर्धचन्द्र (fertile Cresent) के अंतर्गत आधुनिक इसराइल के क्षेत्र से लेकर लेबनान का क्षेत्र ,  सीरिया , दक्षिणी टर्की से लेकर इराक की जाग्रोस पहाड़ियों के पास फ़ारस की खाड़ी तक का क्षेत्र सम्मिलित था , इस क्षेत्र में नवपाषाण कालीन संस्कृति ( 8000 ईशा पूर्व) के बाद जब बड़ी बस्तियां  बसीं और आखेटक  संस्कृति ने खाद्य संकट से निपटने के लिए कृषि कार्यों के तरफ़  बढे ।         यदि हम इन सभ्यताओं के पूर्व की नवपाषाणिक      सभ्यता जो इन