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Showing posts from April 24, 2020

Review of fact history four बुक|किरण प्रकाशन|आर्य कॉप्टिशन| ज्ञान पुस्तक|महेश बरनवाल

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  Review of fact history four बुक: ज्ञान पुस्तक,महेश बरनवाल किरण प्रकाशन,आर्य कॉप्टिशन विषय प्रवेश--  यदि कोई छात्र इंटरमीडिट के एग्जाम पास करने के बाद कॉम्पटीशन लाइन में प्रवेश करता है तो उसे पुस्तको के चयन में बहुत कंफ्यूज़न होता है। इस review से इतिहास की सही बुक लेने में मदद मिलेगी। Review of four books  आज हम बाज़ार में उपलब्ध चार फैक्ट आधारित बुक्स का रिव्यु करता हूँ ।  क्योंकि ज़्यादातर वनडे एग्जाम रेलवे,एस एस सी, लेखपाल या पटवारी का एग्जाम ग्राम विकास अधिकारी ,कांस्टेबल का एग्जाम,SI का एग्जाम,असिस्टेन्स टीचर्स,DSSB आदि के एग्जाम में इतिहास के फैक्चुअल प्रश्न पूंछे जाते हैं हालांकि वो GS पर आधारित हैं पर उन प्रश्नों हल करने के लिए भी कुछ डीप स्टडी जरूरी है। इसके लिए आप या तो आप ख़ुद नोट्स तैयार करें या फ़िर इन बुक्स की मदद लेकर विभिन्न वनडे एग्जाम में हिस्ट्री के प्रश्नों को आसानी से सही कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।  पहली पुस्तक की बात करते है जो इतिहास के फैक्ट पर आधारित है। ज्ञान इतिहास की । इस पुस्तक का संंपादन ज्ञान चंद यादव ने किया है।    इस बुक में इतिहास के बिन्दुओं को क्रमब

मेसोपोटामिया की सभ्यता सुमेरियन,बेबिलोनिया की सभ्यता

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मेसोपोटामिया की सभ्यता- --      विश्व की प्राचीन सभ्यताए जो लगभग एक समय विकसित हुई  ये सभ्यताएं नदी घाटी के उर्वर प्रदेशों में पनपीं , ये सभ्यताए इस प्रकार हैं------ 1 -दजला फरात नदी -मेसोपोटामिया की सभ्यता (3300 ईसा पूर्व से 2000 ईसा पूर्व तक) 2-नील नदी घाटी -मिस्र की सभ्यता (3200 ईसा पूर्व से 1000 ईसा पूर्व) 3-सिंधु नदी के तट पर- हड़प्पन सभ्यता (3200 ईसा पूर्व से 1300 ईसा पूर्व) 4-पीली नदी के किनारे चीन की सभ्यता (2000 ईसा पूर्व-200 ईसा पूर्व)    यदि हम मेसोपोटामिया सभ्यता का वर्णन करते हैं तो जानना जरुरी होगा कि पश्चिम एशिया का मध्यवर्ती भाग उर्वर अर्धचन्द्र (fertile Cresent) के अंतर्गत आधुनिक इसराइल के क्षेत्र से लेकर लेबनान का क्षेत्र ,सीरिया ,दक्षिणी टर्की से लेकर इराक की जाग्रोस पहाड़ियों के पास फ़ारस की खाड़ी तक का क्षेत्र सम्मिलित था ,इस क्षेत्र में नवपाषाण कालीन संस्कृति ( 8000 ईसा पूर्व) के बाद जब बड़ी बस्तियां बसीं और आखेटक  संस्कृति ने खाद्य संकट से निपटने के लिए कृषि कार्यों के तरफ़  बढे ।           यदि हम इन सभ्यताओं के पूर्व की नवपाषाणिक सभ्यता जो इन्ही क्षेत्र मे