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Showing posts from June 16, 2019

Full form of GIF ,GIF का full form क्या है

G I F का full form होता है  Graphics Interchange Format यानि graphics का ऐसा फॉर्मेट जो interchange होता रहता है आप उन इमेजेज को GIF image भी कह सकते हो जो animated IMAGE हैं।

GIF का फुल फॉर्म ग्राफिक्स इंटरचेंज फॉर्मेट है। जीआईएफ एक बिटमैप छवि प्रारूप है जिसे 15 जून, 1987 को अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक स्टीव विल्हाइट के नेतृत्व में बुलेटिन बोर्ड सेवा (बीबीएस) प्रदाता कम्पयू सर्व( compuserve) में एक टीम द्वारा विकसित किया गया था। एक एनिमेटेड तस्वीर बनाने के लिए जीआईएफ विभिन्न बिटमैप फ़ाइलों की एक श्रृंखला है। । यह एक 8 बिट प्रारूप है जिसका अर्थ है कि प्रारूप द्वारा समर्थित रंगों की अधिकतम संख्या 256 है। दो GIF मानक, 87a और 89a हैं।GIF 89 update   वर्जन है ,  प्रत्येक पिक्सेल में, यह GIF छवि में दो सौ और छप्पन में से एक रंग शामिल करता है। जीआईएफ आकार में छोटे और कॉम्पैक्ट हैं और आप उन्हें किसी भी प्लेटफॉर्म पर आसानी से साझा कर सकते हैं। जीआईएफ एक गतिशील छवि है जो बिना किसी ध्वनि के वीडियो की तरह है। यह एक iPhone की लाइव तस्वीर की तरह है। यह एक छोटी सी वीडियो क्लिप है जो खुद को तब तक रिप्…

Social Reform IN india at19th century।

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सामाजिक सुधार 19वीं सदी में:पृष्ठभूमि और कानूनी उपाय          पिछली शताब्दी में सुधार केवल  धर्म तक सीमित नही था बल्कि सामाजिक उपाय भी साथ मे किये गए,भारतीय समाज मे कई ऐसी मान्यताएं एवं प्रथाएं थीं जिनका आधार अन्धविश्वाश और अज्ञान था,जिनमे कई प्रथाएं अति क्रूर थीं,सती प्रथा,बॉल विवाह,बाल हत्या जातीय भेदभाव आदि कुरीतियां थी,समाज मे अशिक्षा और घोर अंधविश्वास,सामाजिक ढांचा चरमरा गया था।                           कुछ भारतीय इन बुराइयों को समझ और उनको खत्म करने के लिए नेतृत्व दिया, इनमें भला नाम बंगाल के धर्म सुधारक राजा राम मोहन रायऔर उनका  ब्रम्ह समाज था,सामाजिक सुधार धार्मिक सुधारों के साथ चले, ऐसे सामाजिक दोषों को बिना धार्मिक सुधारों के दूर नही किया जा सकता था।                       अधिकांश सुधारक ये मानते थे कि  ये बुराइयां वैदिक समाज मे नही थी ,वैदिक काल मे जाती व्यवस्था नही थी ,अस्पृश्यता ,पर्दा प्रथा ,बाल विवाह ,नारी अशिक्षा ,नारी अपमान,विधवा जैसी समस्याएं नही थीं,वेद के बाद के 2हजार साल में धीरे धीरे बुराइयां आई है,स्मृति काल ,पुराण काल के समय को बिल्कुल ही हटाना चा…