सुशांत सिंह राजपूत एक फ़िल्म अभिनेता- बायोग्राफी

 सुशांत सिंह राजपूत एक अभिनेता की जीवनी-

सुशांत सिंह राजपूत - बायोग्राफी



सुशांत सिंह राजपूत एक ऐसे अभिनेता थे जो बिना किसी  गॉड फादर के  फ़िल्म इंडस्ट्री में अपना मुक़ाम हासिल किया ,जबकि फ़िल्म इंडस्ट्री में सफलता के लिए कोई न कोई गॉडफ़ादर होना चाहिए या फ़िर इस इंडस्ट्री में भाई भतीजा वाद भी बहुत चलता है यदि कोई खास रिश्तेदार है तो सफ़लता जल्द  मिल सकती है वरना बिना किसी गॉड फादर के यहां पर प्रवेश करने के लिए लंबे समय तक पापड़ बेलने पड़ते हैं, इन सब के बावजूद सुशांत का एक भी रिश्तेदार फ़िल्म इंडस्ट्री में नहीं है उन्होंने मात्र सात सालों में ख़ुद को बुलन्दियों पर पहुंचाया ,उन्होंने 13 हिट फिल्म कीं और अपने अभिनय की ऐसी छाप छोड़ी की मात्र  34 साल की उम्र में ही दर्शकों के चहेते बन गए।

सुशांत सिंह का बचपन-

    का जन्म 21 जनवरी 1986 को पटना(बिहार) में हुआ था,इनके पिता के के सिंह  सरकारी अधिकारी थे,  माता उषा सिंह  गृहणी थीं इनकी चार बहनें भी थीं ,एक बहन मीतू सिंह बिहार रणजी क्रिकेट टीम में खिलाड़ी थी ,सन 2002 में  सुशांत सिंह राजपूत जब 16 वर्ष के थे तब इनकी माता का देहांत हो गया , उस समय सुशांत बहुत विचलित हुए क्योंकि वो अपनी माता को बहुत चाहते थे,इसी समय उनका परिवार  पटना से दिल्ली शिफ्ट हो गया।

 सुशांत सिंह राजपूत की शिक्षा---

 सुशांत सिंह राजपूत  केन्सर्न हाईस्कूल में पढ़ाई की और जब  माता की मृत्यु के बाद दिल्ली पहुंचे तब वो दिल्ली के कुलाची  हंसराज मॉडल स्कूल में शिक्षा ग्रहण की वह AIEEE में सातवीं रैंक हासिल की,दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए दाखिल लिया। वो बहुत मेधावी छात्र थे उन्होंने कई परीक्षाएं पास कीं ।सुशांत सिंह राजपूत को खगोल विज्ञान में बहुत रुचि थी।
       दिलचस्प बात यह है कि वह एकमात्र भारतीय अभिनेता हैं जिन्होंने चांद पर जमीन का एक टुकड़ा खरीदा था। दिलचस्प बात यह है कि उनसे पहले अभिनेता शाहरुख खान को एक प्रशंसक द्वारा चांद पर जमीन का एक टुकड़ा उपहार में दिया गया था। सुशांत ने चन्द्रमा के सुदूर किनारे पर, मूस मस्कोविएन या 'सी ऑफ मस्कॉवी' नामक क्षेत्र में एक भूमि खरीदी। उन्होंने इंटरनेशनल लूनर लैंड्स रजिस्ट्री से संपत्ति खरीदी थी।

सुशांत सिंह राजपूत का करियर-

               इसी इंजीनियरिंग के पढ़ाई के दौरान उन्होने श्यामक डावर के डांस क्लासेज में दाखिला लिया,इस डांस क्लास के दौरान उन्होंने एक्टिंग में करियर बनाने का निर्णय लिया,उन्होंने दिल्ली में ही बैरी जान के एक्टिंग क्लासेज में हिस्सेदारी लेना प्रारम्भ किया।
       सुशांत डांस सीखने के बाद उन्होंने इस प्रतिभा का  प्रदर्शन   सन 2005 में 51 वें फ़िल्म पुरस्कार बैकग्राउंड डांसर के रूप में हिस्सा लिया था ,2006 में ऑस्ट्रेलिया में हुए कॉमनवेल्थ गेम के सांस्कृतिक कार्यक्रम में  आयोजित होने वाले डांस कर्यक्रम में हिस्सा लिया था। ये सभी कार्यक्रम इंजीनियरिंग शिक्षा के दौरान ही हुई ,डांस और ड्रामा कार्यक्रम में लगातार सम्मिलित होने से उनकी शिक्षा में रुचि कम हो गई और वो  इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष में फेल हो गए,तब उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़कर  पूरी तरह एक्टिंग में जाने का फ़ैसला किया।
          और फ़िल्म में अपना करियर बनाने के लिए मुम्बई आये,यहां पर इन्होंने नादिरा बब्बर के थिएटर ग्रुप "एकजुट" में काम करना शुरू किया , ढाई साल  तक लगातार  इस थिएटर में काम करते रहे , इस दौरान इन्होंने नेस्ले के विज्ञापन में काम किया।
      मुम्बई में इन्होंने ख़ुद की  एक्टिंग में धार देने के लिए इन्होंने एश्ले लोबो से डांस सीखा औऱ अल्लाह अमीन से मार्शल आर्ट सीखी और राज-2 में डायरेक्टर   मोहित सूरी के साथ सहायक  रहे।
        एक बार जब सुशांत एक NGO द्वारा आयोजित होने वाले नाटक में  भाग ले रहे थे तब उनकी एक्टिंग को सराहा गया तब  बालाजी टेली फ़िल्म ने उनके  लाजवाब एक्टिंग को देखते हुए  सीरियल "जिस देश में है मेरा दिल" के लिए  "प्रीत जुनेजा " का रोल मिला इसके बाद "पवित्र रिश्ता" के लिए 'मानव देशमुख' का रोल मिला ,  इस रोल में वह घर घर मे जाने जाने  लगे इन्होंने" जरा नच के दिखा" के सीज़न 2 तथा" झलक दिखला जा "के सीज़न चार में भाग लिया।इन्होंने पवित्र रिश्ता  टी वी सीरियल में मानव देशमुख का रोल किया इसमें बढ़िया एक्टिंग से सभी का मन मोह लिया,  उनको इस सीरियल में मानव देशमुख के रोल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवार्ड मिला था।
       वो करीब ढाई वर्ष तक टी वी सीरियल्स से जुड़े रहे परंतु  अपनी एक्टिंग में निखार लाने के लिए उन्होंने अमेरिका का रुख किया वहां से    ट्रेनिंग लेकर लौटने के बाद  सन 2013 में उनकी फ़िल्म में एंट्री हुई  और पहली फ़िल्म  में इनको "काय पो छे "में काम मिला  यह फ़िल्म चेतन भगत की बुक" थ्री मिस्टेक इन लाइफ " पर आधारित थी। इस फ़िल्म में इनके साथ राजकुमार राव और अमित साध ने भी काम किया है।
इस तरह उनकी फिल्मों में काम का सिलसिला सुरु हुआ और कुल 12 फिल्में की जिनमे कई फ़िल्म हिट रहीं, इन्होंने" छिछोरे" में अच्छी भूमिका निभाई,pk फ़िल्म की  बम्पर सफलता के बाद  उनकी भी पहचान बढ़ी यद्यपि इस फ़िल्म में उनका रोल सिर्फ़ दस मिनट का ही था पर इस रोल से उनकी ख्याति और बढ़ गई वह इस फ़िल्म में अनुष्का शर्मा के प्रेमी बने थे, केदारनाथ नाथ फ़िल्म उत्तराखंड में आई बाढ़ से प्रभावित कहानी मे बनी थी  जिसमे एक प्रेमी मंसूर की भूमिका निभाई जोड़ें केदारनाथ में आई बाढ़ आपदा से अपनी प्रेमिका को बचाता है ये बढ़िया  रोल था, "एम एस धोनी" बॉयोपिक में धोनी का किरदार निभाया । 
इसके अलावा अन्य फिल्में जैसे "सोन चिड़िया" और "शुद्ध देशी रोमांस" थी इस फ़िल्म का निर्माण यशराज बैनर से हुआ था ये फ़िल्म लिव इन रिश्तों पर आधारित थी , इसमे परिणीति चोपड़ा और वाणी कपूर ने भी अभिनय किया था।
 इनकी जल्द आने वाली फिल्म डिटेक्टिव व्योमकेश बक्शी थी इसमे इन्होंने जासूस व्योमकेश का रोल किया था इस फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले इसके ट्रेलर ने ही दर्शकों के बीच धूम मचा रखी थी।
 "दिल है बेचारा " उनकी आख़िरी फ़िल्म साबित होगी जो उनके मौत से पहले बन चुकी थी।
 
उनकी फिल्म "ड्राइव " को रिलीज़ नही किया गया ।
शेखर कपूर की "पानी " फ़िल्म  में भी वह काम करने वाले थे परंतु विभिन्न प्रोडक्शन  हाउसेस द्वारा उन पर बैन लगाने से फ़िल्म हाँथ से निकल गई।
      इन सब के बीच सुशांत के कई प्रेम प्रसंग भी रहे ,अंकिता लोखंडे जो इनके साथ टी वी सीरियल पवित्र 
 रिश्ता में  भूमिका निभाई थी उनके साथ छः वर्षों तक 
लिव इन मे रहे बाद में दोनों में ब्रेक अप भी  हो गया  , 
इसी तरह दो और प्रेम प्रसंग भी रहे।

          मृत्यु --

सुशांत अंतिम समय में डिप्रेसन के शिकार हो गए  और उन्होंने  14 जून 2020 को दोपहर एक बजे अपने डुप्लेक्स में   फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली ।क्योंकि कई फ़िल्म प्रोडक्शन हॉउस ने उनके फ़िल्म एंट्री में बैन लगा दिया था ,वो सिर्फ वेब सीरीज में ही काम कर रहे थे , उनको नींद कम आने की बीमारी थी ,कैच समय से उनको अजीब सी चीजें दिखने लगीं थीं , उनकी इस हालत के लिए फ़िल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म (भाई भतीजा वाद) को एक कारण बताया जा रहा है जिसके तहत किसी आउटसाइडर अभिनेता को अच्छे प्रोडक्शन हाउस में प्रवेश नही मिलता साथ मे कोई बड़ी अभिनेत्री उसके साथ काम नही कर सकती थी।
   आज भले ही ये अभिनेता हमारे बीच नहीं है पर हर व्यक्ति को एक संदेश दे गया कि मज़बूत हौसलों से कितनी भी ऊंचाई तक उड़ान भरी जा सकती है।
https://www.gyanipandit.com/sushant-singh-rajput-biography-in-hindi/

      

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