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बुढापा कम करने के छः उपाय--
बुढ़ापा हमारे सभी जीवन का अनिवार्य हिस्सा है। हम इसे लड़ने की कोशिश कर सकते हैं, यह अंत में हम में से हर एक को होगा। परंतु यदि हम जल्द शारीरिक रूप से कमजोर न हों। इसके लिए कुछ उपाय करें , जिससे बुढ़ापा जल्द न आये।
1-सकारात्मक दृष्टिकोण रखें (Positive Attitude)
उम्र बढ़ने का एक गंभीर रूप से कम किया गया घटक वास्तव में इसके प्रति आपका दृष्टिकोण है! जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार, जो लोग उम्र बढ़ने के साधन के रूप में उम्र बढ़ने को बेकार या असहायता के एक साधन के रूप में देखते हैं, विकलांगता के माध्यम से 40% अधिक होने की संभावना है। जितना हो सके, सकारात्मक बने रहें! यदि आप सकारात्मक सोचते हैं तो आपके शरीर में कोर्टिसोल नामक हार्मोन का स्तर कम रहता है जिससे दिल की बीमारियां और मानसिक थकान दूर हो जाता है।
यदि आप बुढ़ापे को बुढ़ापा मत माने सोचें के क्या कुछ नया कर सकते हैं जो अभी तक की इच्छा थी नहीं किया जैसे आप यदि किसी प्रोफेशन में थे तो समय का आभाव था अब क्या कोई कविता कहानी लिखने की हॉबी थी अभी तक पूरी नहीं की तो कर सकते हैं क्या चित्रकला के प्रति रुचि रही थी संगीत के प्रति रुचि थी जैसे कभी बचपन में तबला , ढोलक , सितार, गिटार हारमोनियम में संगीत में हाथ आजमाया था तो अब फिर शौकिया तौर पर शुरू कर सकते हो, चित्रकारी एक बहुत बढ़िया मन आनंदित करने वाली एक्टिविटी है क्या उसे बुढ़ापे में नाती पोती, पोते के साथ रंग ब्रश कुची के साथ शुरू कर सकते हो ,क्या कभी लेख लिखे है विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में लोग आपके आर्टिकल खूब पढ़ते थे पर बीच में जॉब व्यवसाय के कारण छूट गया तो फिर से ब्लॉगिंग करो ,फ्री ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध है वहां पर कुछ लिखो ,यदि अध्यात्म में रुचि है तो रोज भक्ति संगीत सुनो ,आओ कुछ न लिखें तो सिर्फ राम नाम लिखे अयोध्या के राम नाम बैंक से ऑनलाइन खाली कॉपी मिलती हैं उन्हें लिखें रोज राम नाम लिखे कॉपियां भर जाएं तो वापस डाक से या चित्रकूट या अयोध्या राम नाम बैंक है वहीं भेज दें।
आप सनातनी हो रेिटायर हो चुके है तो पुराण पढ़िए क्योंकि अठारह पुराण ज्ञान और भक्ति का खजाना है , आप हिंदी में उपलब्ध पुराणों को एक एक कर गीता प्रेस गोरखपुर से ऑनलाइन मंगाए , मेरी माता जी बतातीं है कि उनके पिता जो आयुर्वेदाचार्य थे मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में उनको और मेरी नानी को हर पुराण पढ़कर रोज सुनाते थे ,इसी तरह आप पढ़िए और सुनाइए बच्चों को इससे छोटे बच्चे न सिर्फ संस्कार वान होंगे अपनी भारतीय संस्कृति को पहचानेंगे बल्कि जब आप बच्चों से रोज संवाद करेंगे तो आपका स्ट्रेस ऑटोमैटिक कम होगा। आप चाहे तो अखंड ज्योति या कल्याण जैसे पत्रिकाओं के मासिक सदस्य बन सकते हो।
पॉलिटिकल मुद्दों में खुद को न उलझाकर धार्मिक पुस्तकों में खुद को डुबोने से आप तनाव रहित और आध्यात्मिक आनंद के पास रहोगे ,लगेगा कि भगवान कृष्ण या भगवान राम भी आपके बगल में बाल रूप में बैठकर विभिन्न पुराणों की कथाएं सुन रहे।मोक्ष प्राप्ति के लिए भगवद ध्यान,भगवद भजन आपको आनंदित करेंगे आप सदैव सकारात्मक रहोगे।
हॉल में हुए विभिन्न साइंटिफिक रिसर्च के विभिन्न डेटा ये बताते है कि जितना ज़्यादा आप आशा वादी होंगे और आपके कोशिका के अंडर उपस्थित DNA में क्रोमोसोम के सीरे जिन्हें Telomeres कहते है वह सुरक्षित रहते है और आपकी जैविक उम्र या अंग्रेजी में कहे तो Biological Age (बायोलॉजिकल उम्र) धीरे हो जाती है और बुढ़ापा धीरे धीरे आता है।
इसके बारे में कोई संदेह नहीं है: आपका पोषण आपके स्वास्थ्य का निर्धारण करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है और बदले में, आपकी उम्र कितनी अच्छी है। कैसर परमानेंट प्राइमरी केयर में हेल्थकेयर ट्रांसफॉर्मेशन के फिजिशियन डायरेक्टर डॉ जेफरी बेनाबियो के अनुसार। "नवीनतम शोध से पता चलता है कि ताजे फल और सब्जियों, साबुत अनाज, और दुबला प्रोटीन में उच्च ग्लाइसेमिक आहार स्वास्थ्यप्रद है।" आहार के बाद जैसे कि भूमध्य आहार जो पौष्टिक खाद्य पदार्थों से समृद्ध है। वास्तव में, बेनाबियो का यह भी दावा है कि "ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे कि अखरोट, सामन, और अलसी, आपकी त्वचा को आवश्यक तेलों के निर्माण में मदद करते हैं जो इसे स्वयं की रक्षा करने की आवश्यकता होती है और त्वचा को युवा दिखने में मदद कर सकती है।"
- एंटी-ऑक्सीडेंट्स की भूमिका: अपने भोजन में रंग-बिरंगे फल और सब्जियां (जैसे- अनार, टमाटर, ब्रोकली, पालक) शामिल करें। इनमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाने वाले 'फ्री रेडिकल्स' से लड़ते हैं। आप मौसमी फल खाए ,जैसे बरसात में नाशपाती आ रहा तो आप उसे भी ले जामुन आ रहा तो जरूर लें ।
- हड्डियों की मजबूती: उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, इसलिए आहार में कैल्शियम (दूध, दही, पनीर, रागी) और विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करें।आप की हड्डियों में पचपन साल के बाद घुटने मोड़ने उड़ने बैठने में कट कट की आवाज आती है ये प्रदर्शित करता है कि आपकी हड्डियों में डेंसिटी कम हो रही है आप बोन डेंसिटी टेस्ट करवा सकते है एक शोध में ये निष्कर्ष निकला है कि पचास साल के बाद विटामिन डी और कैल्शियम की कमी होने से ज्यादा बुढ़ापे में ओस्टियोपोरोसिस रोग हो जाता है यानी इस रोग में हड्डियां एक चाक या खड़िया की तरह कमजोर हो जाती है। यदि आप पनीर दूध का नियमित सेवन नहीं कर पाते और पचास साल के ऊपर ही तो डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन डी3 60, 000 IU का एक महीने का कोर्स कर सकते हो जिसने एक महीने तक हर सप्ताह एक पैकेट पाउडर को दूध के साथ लिया जाता है।
- पर्याप्त जल सेवन: पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए रोजाना 8-10 गिलास पानी या तरल पदार्थ (जैसे नारियल पानी, छाछ) जरूर लें। छाछ या मट्ठा बहुत ही फायदेमंद है यदि आपको नारियल पानी सप्ताह में एक दो दिन भी मिल जाए तो इम्युनिटी बूस्ट अप होगी और वृद्धावस्था को कंट्रोल किया जा सकता है रोगों से लड़ने की क्षमता डेवलप होती है।
3-नियमित व्यायाम (Regular Exercise)
यह एक स्पष्ट भी लग सकता है, लेकिन हम केवल इस बात पर जोर नहीं दे सकते हैं कि हमारे शरीर को बनाए रखने और अच्छी तरह से उम्र बढ़ने के लिए नियमित रूप से सक्रिय और व्यायाम करना कितना महत्वपूर्ण है। हम उम्र के रूप में, हम अपनी मांसपेशियों को अधिक तेज दर से खो देते हैं। हालांकि, हमारे दिनचर्या में नियमित व्यायाम को शामिल करना हमारी ताकत और मांसपेशियों को बढ़ाने में मदद कर सकता है ।
दूसरी बात, फ्रंटियर्स द्वारा एजिंग न्यूरोसाइंस जर्नल में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि मस्तिष्क को सक्रिय रखने से उम्र से संबंधित स्मृति हानि को कम करने में मदद मिलती है, इस तथ्य के कारण कि व्यायाम हिप्पोकैम्पस को मजबूत रखने में मदद करता है - जो कि हमारे दिमाग का हिस्सा है जो सीखने से जुड़ा हुआ है।
4-सामाजिक घुलना मिलना--(Social Maintaining)
बेहतर उम्र बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण घटक वह है जो बहुत आश्चर्यजनक है: परिवार और दोस्तों के साथ सामूहीकरण। पीएलओएस मेडिसिन जर्नल में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, मजबूत बॉन्ड होने से उन लोगों की तुलना में लगभग 50% लंबे समय तक जीने की संभावना होती है जिनके पास कोई करीबी रिश्ता नहीं है। इसलिए अपने अच्छे मित्रों के संपर्क में रहें ,अपने रिश्तेदारों और नातेदारों से सुमधुर संबंध रखें ।
5-अपने त्वचा की रक्षा करें---(Care your skin)
हम जानते हैं - समुद्र तट पर जाने से पहले सनस्क्रीन लगानेे
में परेशानी होती है और सनस्क्रीन लगाने
की चिंता करना वास्तव में कष्टप्रद है, इसलिए इसे अपनी दिनचर्या का एक नियमित, दैनिक हिस्सा बनाने के बारे में भूल जाइए! लेकिन हम पर विश्वास करें, यदि आप अपनी त्वचा को अधिक तेज गति से उम्र बढ़ने से रोकना चाहते हैं, उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में खिंचाव कम हो जाता है उसमें सिकुड़न भी आ जाती है।
तो त्वचा की हिफाज़त के लिए आपको धूप में अधिक समय बिताने से बचना चाहिये हैं। यू. एस .के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ बजेफरी बेनाबियो कहते हैं: "सूरज के कुछ मिनटों के बाद, आपकी त्वचा विटामिन डी बनाना बंद कर देती है ... और त्वचा कैंसर बनाना शुरू कर देती है।"
6-पर्याप्त नींद लो----
पर्याप्त नींद लेना स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है, और हमारी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी लाभ पहुंचा सकता है। नींद की आदर्श मात्रा प्रति रात लगभग सात से नौ घंटे तक होती है। अब पर्याप्त नींद लेने पर विचार करते हैं, पर्याप्त नींद नहीं लेने से मोटापे, मधुमेह और हृदय रोग जैसे स्वास्थ्य के मुद्दों का अधिक खतरा होता है। इसके अतिरिक्त, अध्ययनों से पता चला है कि अनिद्रा हमारे मस्तिष्क को तेजी से उम्र में ले जाती है।
निष्कर्ष--
इस तरह इन छह उपायों को युवा अवस्था से ही अपनाना चाहिए जिससे बुढ़ापा दूर रख सकें।

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