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Showing posts from May 1, 2020

असित कुमार हलदार आर्टिस्ट की biography

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 असित कुमार हाल्दार आर्टिस्ट की बायोग्राफी असित कुमार हाल्दार एक कल्पना शील, भावप्रवण चित्रकार के साथ साथ अच्छे साहित्यकार ,शिल्पकार, कला समालोचक,चिंतक,कवि,विचारक भी थे। असित कुमार हाल्दार का प्रारंभिक जीवन--- असित कुमार हलदार का जन्म सन 1890 पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको नामक स्थल में  स्थित टैगोर भवन  के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी नानी रवींद्र नाथ टैगोर की बहन थीं।   असित कुमार हलदार के बाबा  का नाम राखालदास हाल्दार था  जो उस समय लंदन विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय के प्राध्यापक थे, और पिता सुकुमार हाल्दार भी कला में निपुण थे  ,उनकी प्रेरणा से असित कुमार हलदार को भी कला में अभिरुचि जगी। साथ मे वो बचपन से ही ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी पटचित्र कला को गौर से देखा और समझा था।  15 वर्ष की आयु में हाल्दार को कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला मिल गया , यहां पर इनको गुरु के रूप में  अवनींद्र नाथ टैगोर का सानिध्य मिला। उनसे उन्होंने कला की बारीकियों को सीखा,  यहां पर इन्होंने जादू पाल और बकेश्वर पाल से मूर्तिकला सीखी।    यहां आपको पर असित कुमार हाल्दार को अपने कक्षा में अन्

इरफ़ान खान :एक अभिनेता की कहानी

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  इरफ़ान ख़ान :एक उम्दा अभिनेता इरफ़ान ख़ान का बचपन-  साहबजादे    इरफ़ान अली   ख़ान का जन्म 7 जनवरी 1967 को राजस्थान के टोंक जिले में हुआ था  इरफ़ान ख़ान जयपुर के पठान परिवार से ताल्लुक रखते थे , इरफ़ान ख़ान के पिता का जयपुर शहर में टायर का व्यापार था , इरफ़ान खान के पिता का नाम यास्मीन अली ख़ान था और माता का नाम सईदा बेगम था , इरफ़ान खान तीन भाई बहन थे , इरफ़ान खान का बचपन जयपुर में ही बीता उन्हें बचपन में स्कूल जाना बड़ा बोरियत भरा काम लगता था ,  यद्यपि उन्हें पढ़ना अच्छा लगता था ,पढ़ने में उनकी गिनती बहुत तेजतर्रार बच्चों में नही थी ,पर मध्यमदर्जे के स्टूडेंट थे।           इरफ़ान खान बचपन में अपने पिता के साथ जयपुर के जंगल में शिकार के लिए जाते थे ,उनको जंगल में रात बिताना अच्छा लगता था ,वो जंगल में पेंड पौधों और विभिन्न प्रकार के जीव जन्तुवों को गौर से देखते थे वो प्रकृति प्रेमी थे , पर उनको पिता के शिकार की बात समझ में नही आती थी परंतु उन्होंने अपने पिता से कभी ये पूंछने की हिम्मत नही जुटाई कि वो निर्दोष जानवरों को क्यों शिकार करते है पर उनकी माता ने बताया की शिकार का शौक उनको उनके बाबा