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Showing posts from May 1, 2020

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

इरफ़ान खान |एक अभिनेता की कहानी

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  इरफ़ान ख़ान|एक उम्दा अभिनेता इरफ़ान ख़ान का बचपन-  साहबजादे    इरफ़ान अली   ख़ान का जन्म 7 जनवरी 1967 को राजस्थान के टोंक जिले में हुआ था  इरफ़ान ख़ान जयपुर के पठान परिवार से ताल्लुक रखते थे , इरफ़ान ख़ान के पिता का जयपुर शहर में टायर का व्यापार था , इरफ़ान खान के पिता का नाम यास्मीन अली ख़ान था और माता का नाम सईदा बेगम था , इरफ़ान खान तीन भाई बहन थे , इरफ़ान खान का बचपन जयपुर में ही बीता उन्हें बचपन में स्कूल जाना बड़ा बोरियत भरा काम लगता था ,  यद्यपि उन्हें पढ़ना अच्छा लगता था ,पढ़ने में उनकी गिनती बहुत तेजतर्रार बच्चों में नही थी ,पर मध्यमदर्जे के स्टूडेंट थे।           इरफ़ान खान बचपन में अपने पिता के साथ जयपुर के जंगल में शिकार के लिए जाते थे ,उनको जंगल में रात बिताना अच्छा लगता था ,वो जंगल में पेंड पौधों और विभिन्न प्रकार के जीव जन्तुवों को गौर से देखते थे वो प्रकृति प्रेमी थे , पर उनको पिता के शिकार की बात समझ में नही आती थी परंतु उन्होंने अपने पिता से कभी ये पूंछने की हिम्मत नही जुटाई कि वो निर्दोष जानवरों को क्यों शिकार करते है पर उनकी माता ने बताया की शिकार का शौक उनको उनके बाबा