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Showing posts from January 8, 2021

जीका वायरस रोग के लक्षण और बचाव

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 जीका वायरस रोग के लक्षण और बचाव--     एक साल पूर्व जीका वायरस का प्रकोप केरल और कुछ दक्षिणी भारत के राज्यों तक सुनने को मिल रहा था,आज 2021 में जीका वायरस के मरीज उत्तर भारत तक पैर पसार चुका है ,मध्यप्रदेश,गुजरात,राजस्थान  में कई जिलों में पैर पसार रहा है जीका वायरस  छोटे शहरों कस्बों तक भी फैल रहा है ,इस रोग के लक्षण वाले मरीज़ उत्तर प्रदेश के,इटावा ,कन्नौज,जालौन ,फतेहपुर में मिले हैं। उत्तर भारत और मध्य भारत तक इसके मरीज  बहुतायत में मिले हैं। कैसे फैलता है जीका वायरस-- जीका वायरस का संक्रमण मच्छरों के द्वारा होता है,वही मच्छर जिनसे डेंगू और चिकुनगुनिया होता है, यानी मच्छर काटने के बाद ही जीका वायरस फैलता है। थोड़ा सा अंतर भी है डेंगू वायरस और जीका वायरस में ,जीका वायरस  से यदि एक बार कोई संक्रमित हो जाता है ,और वह अपने साथी से शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे भी संक्रमित कर सकता है,साथ मे संक्रमित माता के पेट मे पल रहे गर्भस्थ शिशु भी संक्रमित हो सकता है, साथ मे  जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति यदि कहीं ब्लड डोनेट करता है ,तो उस  ब्लड में भी जीका वायरस होता है। इस प्रकार ये खून जिसके श

मीरा मुखर्जी आर्टिस्ट की जीवनी

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          मीरा मुखर्जी आर्टिस्ट की जीवनी :                       ◆   मीरा मुखर्जी  ◆                          ( 1923-1998) मीरा मुखर्जी एक प्रसिद्ध भारतीय मूर्तिकार और लेखिका थीं। जिन्होंने प्राचीन भारतीय लोककला में आधुनिकता कला का लेप लगाकर एक नवीन शैली को जन्म दिया   इन्होंने जनजातियों के मूर्तिनिर्माण कला "डोकरा" में लास्ट वैक्स पद्धति को मिलाकर अपने स्कल्पचर का निर्माण किया  , ,इन्होंने कांस्य मूर्तियों को भी बनाया  ,भारत सरकार ने इनको कला के नए रूप में योगदान के लिए 1992 में  पदम श्री पुरस्कार से नवाजा।         मीरा मुखर्जी का जन्म 1923 में द्विजेन्द्र मोहन मुखर्जी और मीरापति देवी के  यहाँ  कोलकाता में हुआ था।इन्होंने अपनी प्रारंभिक कला में प्रशिक्षण इंडियन सोसाइटी ऑफ ओरियंटल आर्ट में लिया , शांति निकेतन में ही इनको इंडोनेशिया के प्रसिद्ध पेंटर" एफेडी" के साथ काम करने का अवसर मिला। इनका विवाह 1941 में हुआ  ,परंतु दुर्भाग्य से कुछ ही समय बीतने के बाद इनका अपने पति से तलाक हो गया , परंतु मीरा मुखर्जी ने इतने संघर्ष के बाद भी खुद को आंतरिक रूप से मजबूत रखा,और अपन