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Showing posts from January 10, 2021

Review of fact history four बुक|किरण प्रकाशन|आर्य कॉप्टिशन| ज्ञान पुस्तक|महेश बरनवाल

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  Review of fact history four बुक: ज्ञान पुस्तक,महेश बरनवाल किरण प्रकाशन,आर्य कॉप्टिशन विषय प्रवेश--  यदि कोई छात्र इंटरमीडिट के एग्जाम पास करने के बाद कॉम्पटीशन लाइन में प्रवेश करता है तो उसे पुस्तको के चयन में बहुत कंफ्यूज़न होता है। इस review से इतिहास की सही बुक लेने में मदद मिलेगी। Review of four books  आज हम बाज़ार में उपलब्ध चार फैक्ट आधारित बुक्स का रिव्यु करता हूँ ।  क्योंकि ज़्यादातर वनडे एग्जाम रेलवे,एस एस सी, लेखपाल या पटवारी का एग्जाम ग्राम विकास अधिकारी ,कांस्टेबल का एग्जाम,SI का एग्जाम,असिस्टेन्स टीचर्स,DSSB आदि के एग्जाम में इतिहास के फैक्चुअल प्रश्न पूंछे जाते हैं हालांकि वो GS पर आधारित हैं पर उन प्रश्नों हल करने के लिए भी कुछ डीप स्टडी जरूरी है। इसके लिए आप या तो आप ख़ुद नोट्स तैयार करें या फ़िर इन बुक्स की मदद लेकर विभिन्न वनडे एग्जाम में हिस्ट्री के प्रश्नों को आसानी से सही कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।  पहली पुस्तक की बात करते है जो इतिहास के फैक्ट पर आधारित है। ज्ञान इतिहास की । इस पुस्तक का संंपादन ज्ञान चंद यादव ने किया है।    इस बुक में इतिहास के बिन्दुओं को क्रमब

Jogen chaudhari kalakar ki jivni

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    जोगेन  चौधरी कलाकार की जीवनी : जोगेन चौधरी का बचपन---   Jogen Chaudhari (जोगेन चौधरी)  केे जन्म 19 फरवरी 1939 को पूर्वी बंगाल  (आज का बांग्लादेश)  के फरीदपुर क़स्बे मे हुआ था ,इनके पिता प्रमथ नाथ चौधरी  ब्राह्मण जमींदार थे ,इनके पिता ने गांव  में होने  वाले नाटकों  में   कई  पौराणिक आख्यानों को  दीवार में पेंट किया था और बहुत से हिंदू आईकॉन  के चित्र भी बनाए थे ,जोगेंन चौधरी की माता अल्पना ड्राइंग करने में दक्ष थीं।       1947 तक  जोगेन  चौधरी गांव के परिवेश  मेंं  ही रहे  1947 में  भारत विभाजन के ठीक पहले  जोगेन और उनके पिता कोलकाता शिफ्ट हो गए  और 1948 के बाद पूरा परिवार कोलकाता में आकर के बस गया  1951 तक उनका पूरा परिवार अपने चाचा के पुलिस डिपार्टमेंट के क्वार्टर में ही रहता रहा ; इसी मकान में  जोगेन ने दीवारों पर अपनी पहली पेंटिंग बनाई  ,1951 में  जोगेन चौधरी का परिवार  शहीद नगर कॉलोनी ढाकुरिया कोलकाता के दूसरे घर में शिफ्ट हो गया         जोगेन चौधरी  शिक्षा और नौकरी   -- 1962 में  जोगेन चौधरी हैंडलूम बोर्ड कोलकाता में डिजाइनर की नौकरी पा गए  1967 में 5 महीने के लिए लंदन में