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Showing posts from January 10, 2021

राम वी. सुतार मूर्तिकार की जीवनी

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 राम वी सुतार मूर्तिकार की जीवनी---- राम वी सुतार का प्रारंभिक जीवन ---राम वी सुतार का जन्म 19 फरवरी 1925 को जिला धूलिया  ग्राम गुंदूर महाराष्ट्र में हुआ था राम जी सुतार भारत के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार है इनका पूरा नाम राम वन जी सुतार है ,इनके पिता गाँव मे ग़रीब परिवार से थे ,इनका विवाह 1957 में प्रमिला से हुआ ,इनके पुत्र का नाम अनिल रामसुतार है जो पेशे से वास्तुकार हैं और नोयडा में रहते हैं।   शिक्षा -- इनकी शिक्षा इनके गुरु रामकृष्ण जोशी से प्रेरणा लेकर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट में हुआ,1953 में इनको इसी कॉलेज से मोडलिंग विधा में गोल्ड मेडल मिला। कार्य - 1958 में आप सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के दृश्य श्रव्य विभाग में तकनीकी सहायक भी रहे 1959 में आपने स्वेच्छा से सरकारी नौकरी त्याग दी और पेशेवर मूर्तिकार बन गए  मोडलर के रूप में औरंगाबाद  आर्कियोलॉजी मे  रहते हुए 1954 से 1958 तक आपने अजंता और एलोरा की प्राचीन  मूर्तियों की पुनर्स्थापन का काम किया।   आप द्वारा निर्मित कुछ मूर्तियां इस प्रकार है -- आपने 150 से अधिक देशों में गांधी जी की मूर्तियां को बनाया --आपने 45 फुट ऊंची चंबल नदी मूर्

Jogen chaudhari kalakar ki jivni

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    जोगेन  चौधरी कलाकार की जीवनी : जोगेन चौधरी का बचपन---   jogen chaudhari (जोगेन चौधरी)  केे जन्म 19 फरवरी 1939 को पूर्वी बंगाल  (आज का बांग्लादेश)  के फरीदपुर क़स्बे मे हुआ था , इनके पिता प्रमथ नाथ चौधरी  ब्राह्मण जमींदार थे , इनके पिता ने गांव  में होने  वाले नाटकों  में   कई  पौराणिक आख्यानों को  दीवार में  पेंट किया था और बहुत से हिंदू आईकॉन  के चित्र भी बनाए थे ,जोगेंन चौधरी की माता अल्पना ड्राइंग करने में दक्ष थीं।       1947 तक  जोगेन  चौधरी गांव के परिवेश  मेंं  ही रहे  1947 में  भारत विभाजन के ठीक पहले  जोगेन और उनके पिता कोलकाता शिफ्ट हो   गए  और 1948 के बाद पूरा परिवार कोलकाता में आकर के बस गया  1951 तक उनका पूरा परिवार अपने चाचा के पुलिस डिपार्टमेंट के क्वार्टर में ही रहता रहा ; इसी मकान में   जोगेन ने दीवारों पर अपनी पहली पेंटिंग बनाई  ,1951 में  जोगेन चौधरी का परिवार  शहीद नगर कॉलोनी ढाकुरिया कोलकाता के दूसरे घर में शिफ्ट हो गया         जोगेन चौधरी  शिक्षा और नौकरी   -- 1962 में  जोगेन चौधरी हैंडलूम बोर्ड कोलकाता में डिजाइनर की नौकरी पा गए  1967 में 5 महीने के लिए लंद