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अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।

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 अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।  अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी हिंदी में। अकबर पद्मसी को एस. एच. रजा ,F N सूजा, M.F. हुसैन की श्रेणी में रखा जाता है। इन्होंने कई विधाओं में कार्य किया , अकबर पद्मसी ने तैल रंग ,जल रंग ,स्कल्पचर और प्रिंटमेकिंग में , लिथोग्राफी,  में कंप्यूटर ग्राफ़िक्स में कार्य किया। अकबर पदमसी  अकबर पदमसी का प्रारंभिक जीवन -- अकबर पद्मसी का जन्म गुजरात के कच्छ क्षेत्र में एक मुस्लिम खोजा जाति में हुआ था ,इनके पूर्वज पहले राज दरबार मे कविता और गायन वादन किया करते थे जिन्हें चारण कहा जाता था। पद्मसी के बाबा काठियावाड़ क्षेत्र के गांव वघनगर के सरपंच थे तब लोंगों ने उनके अच्छे कार्यों के कारण पदमसी की उपाधि दी थी जो वास्तव में पद्मश्री का अपभ्रंश है।पद्मसी के पिता हसन पदमसी एक जाने माने व्यापारी थे जिनका फर्नीचर का व्यापार था वो बहुत धनी थे उनके दस मकान थे।परंतु इतना होने के बावजूद पदमसी परिवार में कोई पढ़ा लिखा व्यक्ति नहीं था ,तब अकबर पद्मसी जो सात भाइयों में से एक थे  ,इनके एक भाई एलिक पदमसी थे जिन्होंने थियेटर रंगमंच में नाट्यदक्षता से अपनी पहचान बनाई थी  वो थिएटर आर्टिस

I S O का full form क्या होता है

ISO का full form है -------- Intrnational organaization  for standarization   हिंदी में इस संगठन को अतर्राष्ट्रीय मानक संगठन कहते हैं।   संगठन की स्थापना --इस संगठन की स्थापना 20 फरवरी 1947 को की गई थी , इस संगठन का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में है। इस संगठन की आधिकारिक भाषाएं अंग्रेजी ,फ्रेंच,रुशी हैं।    संगठन के कार्य  --इस संगठन को ग्रीक के शब्द  "आईसोस" से  लिया गया है ,इसका अर्थ है समान ,यानी यदि कोई दो वस्तुएं यदि कोई समान मानक पूरा करता है तो तो उन दो वस्तुओं को  प्रदान किया जाएगा, इस प्रक्रिया से किसी वस्तु या उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती है कि वो वस्तु गुणवत्ता में बेहतर है ,और उन बाहरी देशों के मानक के अनुरूप है।   वर्तमान में इस संगठन से 164 देश लाभ ले रहे हैं। यानी किसी आई एस ओ उत्पाद की मोहर वाली वस्तु इन देशों में अपने बाज़ार को बना सकती है।     यह संगठन वर्तमान में प्रौद्योगिकी से लेकर खाद्य सुरक्षा कृषि और  स्वास्थ्य सेवा हर क्षेत्र में बीस हज़ार मानक तैयार किये हैं।