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Showing posts from March 9, 2021

नितिन नबीन की जीवनी: राजनीतिक करियर, उपलब्धियां और व्यक्तिगत जीवन​ (Nitin Nabin Biography: Political Career, Achievements, and Personal Life)

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  ​ नितिन नबीन की जीवनी: राजनीतिक करियर, उपलब्धियां और व्यक्तिगत जीवन (Nitin Nabin Biography: Political Career, Achievements, and Personal Life)   ​ राजनीतिक पृष्ठभूमि और करियर ​ पारिवारिक विरासत: इनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के दिग्गज नेता थे। 2006 में पिता के निधन के बाद नितिन ने 26 साल की उम्र में सक्रिय राजनीति में कदम रखा। ​ विधायक का सफर: उन्होंने 2006 में पटना पश्चिम से उपचुनाव जीता। इसके बाद वह बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार 5 बार (2010, 2015, 2020, 2025) विधायक चुने गए। ​ संगठनात्मक भूमिका: वह भाजयुमो (BJYM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ और सिक्किम के पार्टी प्रभारी के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ​ मंत्री पद: बिहार सरकार में उन्होंने पथ निर्माण , नगर विकास और कानून मंत्री जैसे अहम विभागों का कार्यभार संभाला। नितिन नबीन वर्तमान पद ​14 दिसंबर 2025 को उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वह इस पद पर पहुंचने वाले बिहार के पहले नेता हैं नितिन नबीन बांकीपुर विधानसभा से वि...

देवीप्रसाद रॉय चौधरी आर्टिस्ट D.P.Roy choudhury की जीवनी हिंदी में|

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  देवीप्रसाद रॉय चौधरी आर्टिस्ट की जीवनी हिंदी में Deviprasad Roy Choudhury Artist Biography in Hindi "कला किसी की बपौती नहीं कोई भी व्यक्ति इसे सीख सकता है" ये शब्द प्रसिद्ध कलाकार और मूर्तिकार देवीप्रसाद रायचौधरी के थे। (ट्राइंफ ऑफ लेबर) देवीप्रसाद राय चौधरी का बचपन व शिक्षा- देवीप्रसाद राय चौधरी का जन्म  14 जून1899 में जिला रंगपुर ताजहट  (आज बांग्लादेश में है)  में हुआ था।   देवीप्रसाद रॉय चौधरी का पालनपोषण जमींदार घराने में ठाठ बाट में हुआ ,जमींदार परिवार में जन्मे देवीप्रसाद  राय चौधरी का रुझान बचपन से ही कला की तरफ़ था,उनकी कला प्रतिभा को देखने पर उनके पिता उनको अवनींद्र नाथ टैगोर के पास ले गए।  आप कई कला विधाओं में दक्ष थे आप निशानेबाज, कुश्ती करने वाले पहलवान थे,संगीतज्ञ थे ,वंशीवादक थे,नाविक थे, कुशल शिल्पी भी थे  अवनींद्र नाथ टैगोर के मार्गदर्शन में उन्होंने हर विधा में कल दक्षता ग्रहण की,उन्होंने बंगाल शैली में ही खुद को नहीं बांध कर रखा बल्कि वो कला में नित नए प्रयोग करके अपनी एक अलग शैली प्रस्तुत की। देवी प्रसाद राय चौधरी के कला के प...