Posts

Showing posts from October 11, 2021

Review of fact history four बुक|किरण प्रकाशन|आर्य कॉप्टिशन| ज्ञान पुस्तक|महेश बरनवाल

Image
  Review of fact history four बुक: ज्ञान पुस्तक,महेश बरनवाल किरण प्रकाशन,आर्य कॉप्टिशन विषय प्रवेश--  यदि कोई छात्र इंटरमीडिट के एग्जाम पास करने के बाद कॉम्पटीशन लाइन में प्रवेश करता है तो उसे पुस्तको के चयन में बहुत कंफ्यूज़न होता है। इस review से इतिहास की सही बुक लेने में मदद मिलेगी। Review of four books  आज हम बाज़ार में उपलब्ध चार फैक्ट आधारित बुक्स का रिव्यु करता हूँ ।  क्योंकि ज़्यादातर वनडे एग्जाम रेलवे,एस एस सी, लेखपाल या पटवारी का एग्जाम ग्राम विकास अधिकारी ,कांस्टेबल का एग्जाम,SI का एग्जाम,असिस्टेन्स टीचर्स,DSSB आदि के एग्जाम में इतिहास के फैक्चुअल प्रश्न पूंछे जाते हैं हालांकि वो GS पर आधारित हैं पर उन प्रश्नों हल करने के लिए भी कुछ डीप स्टडी जरूरी है। इसके लिए आप या तो आप ख़ुद नोट्स तैयार करें या फ़िर इन बुक्स की मदद लेकर विभिन्न वनडे एग्जाम में हिस्ट्री के प्रश्नों को आसानी से सही कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।  पहली पुस्तक की बात करते है जो इतिहास के फैक्ट पर आधारित है। ज्ञान इतिहास की । इस पुस्तक का संंपादन ज्ञान चंद यादव ने किया है।    इस बुक में इतिहास के बिन्दुओं को क्रमब

Ramkumar रामकुमार artist की जीवनी

Image
  राम कुमार का जन्म 23 सितंबर 1924 को शिमला में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था।रामकुमार के पिता पंजाब के शहर पटियाला में ब्रिटिश सरकार में एक सरकारी प्रशानिक पद में कार्यरत थे,रामकुमार के सात भाई और बहने थीं। रामकुमार ने दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज  से अर्थशास्त्र विषय मे M. A. किया ।      उनका कला के प्रति रुझान तब प्रारम्भ हुआ जब एक बार वह अपने मित्र के साथ अपने कॉलेज  सेंट स्टीफ़न से घर लौट रहे थे ,उस समय उन्होंने रास्ते मे कनॉट प्लेस पर लगी एक कला प्रदर्शनी में घूमने का अवसर मिला।वह उस कला प्रदर्शनी से अत्यधिक आकृष्ट हुए और अपने अंदर छिपी कला प्रतिभा को भी निखारने का निर्णय लिया। [रामकुमार आर्टिस्ट]       उन्होंने शारदा उकील स्कूल ऑफ आर्ट दिल्ली में कला शिक्षा प्राप्ति के लिए एडमिशन लिया ,यहाँ पर कला शिक्षा शैलोज मुखर्जी के निर्देशन में ग्रहण की और कला को बारीकी से जाना। इस दौरान उन्होंने कला की पूर्ण दक्षता प्राप्ति में बाधक अपने बैंक की  नौकरी से स्तीफा दे दिया। कला के उच्च पिपासा को शांत करने के लिए  उन्होंने पेरिस लजाने का निर्णय लिया और इसके लिए उन्होंने अपने पिता को रजामंद

आनंद कुमार स्वामी|कला समीक्षक| की जीवनी

Image
  आनंद कुमार स्वामी इंडियन आर्टिस्ट,कला समीक्षक की जीवनी--   जन्म - आनंद कुमार स्वामी का जन्म कोलंबो में 22 अगस्त सन1877 इसवी को हुआ था इनके पिता का नाम सर मुथुकुमार स्वामी था जो तमिल वंश के एक प्रसिद्ध न्यायाधीश थे।उनके पिता ने इंग्लैंड में जाकर बैरिस्टरी परीक्षा पास की ,इस परीक्षा को पास करने वाले वह पहले हिन्दू थे,इंग्लैंड में मुतुकुमार स्वामी ने एक अंग्रेज महिला एलिजाबेथ क्ले से विवाह कर लिया,   विवाहोपरांत आनंद कुमार स्वामी का जन्म हुआ।  विवाह के मात्र चार वर्ष  बाद ही मुतु कुमार स्वामी का देहांत हो गया। उस समय आनंद कुमार स्वामी केवल दो साल के थे।इसलिए  आनंद कुमार स्वामी का पालन पोषण उनकी माता ने ही किया और वहीं ब्रिटेन में आनंद कुमार स्वामी का बचपन बीता। प्रारंभिक शिक्षा-- आनंद कुमार स्वामी ने सन 1903 ईस्वी में लंदन से  भुगर्भविज्ञान(जियोलॉजी) में डॉक्टरेट की उपाधि अर्जित की इन्होंने सन 1903 से लेकर सन 1906 तक श्रीलंका सरकार के खनिज विभाग में निदेशक का पद भी संभाला इस दौरान उन्होंने खनिज पदार्थों के देशी समूह के आधार पर परिभाषित शब्दों का नया संग्रह बनाया,उन्होंने अंतरराष्ट्रीय श