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Showing posts from August 5, 2019

असित कुमार हलदार आर्टिस्ट की biography

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 असित कुमार हाल्दार आर्टिस्ट की बायोग्राफी असित कुमार हाल्दार एक कल्पना शील, भावप्रवण चित्रकार के साथ साथ अच्छे साहित्यकार ,शिल्पकार, कला समालोचक,चिंतक,कवि,विचारक भी थे। असित कुमार हाल्दार का प्रारंभिक जीवन--- असित कुमार हलदार का जन्म सन 1890 पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको नामक स्थल में  स्थित टैगोर भवन  के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी नानी रवींद्र नाथ टैगोर की बहन थीं।   असित कुमार हलदार के बाबा  का नाम राखालदास हाल्दार था  जो उस समय लंदन विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय के प्राध्यापक थे, और पिता सुकुमार हाल्दार भी कला में निपुण थे  ,उनकी प्रेरणा से असित कुमार हलदार को भी कला में अभिरुचि जगी। साथ मे वो बचपन से ही ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी पटचित्र कला को गौर से देखा और समझा था।  15 वर्ष की आयु में हाल्दार को कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला मिल गया , यहां पर इनको गुरु के रूप में  अवनींद्र नाथ टैगोर का सानिध्य मिला। उनसे उन्होंने कला की बारीकियों को सीखा,  यहां पर इन्होंने जादू पाल और बकेश्वर पाल से मूर्तिकला सीखी।    यहां आपको पर असित कुमार हाल्दार को अपने कक्षा में अन्

Jammu kashmir पुनर्गठन : 370 और 35(A) का समापन

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       ,    जम्मू कश्मीर में लगातार अर्धसैनिक बलों का भेजा जाना , अमरनाथ यात्रियों का वापस बुलाना , सारे कश्मीर में धारा 144 लागू करना , सारे नेता महबूबा मुफ़्ती, अमर अब्दुल्ला आदि को नजरबंद करना,  फ़ोन बन्द  ,  इंटरनेट के सेवाएं बन्द करने के बाद पूरे देश में ये अफवाह उड़ रही थी कि देश में कुछ बड़ा होने वाला है ,सारे कश्मीरी नेता हाहाकार मचाये थे की धारा 370 हटेगी तो कश्मीर में स्थिति गम्भीर हो जायेगी , कश्मीर भारत के हाँथ से निकल जायेगा।            इसका पटाक्षेप राज्यसभा में आज  सुबह 11 बजे  गृहमंत्री अमितशाह की इस उद्घोषणा के साथ हो गया जब अमित शाह में अनुच्छेद 370 को पूर्णतयः समाप्त करने की  घोंषणा कि ,इसके साथ ही  उसके साथ बाद में जोड़ी गई धारा 35-A भी ख़त्म हो गया । चूँकि ये धाराएं 1949 और 1954 में सिर्फ कैबिनेट की मीटिंग से निर्णय और राष्ट्रपति के मोहर के बाद बनी थी , इसलिए इस नियम को  सामान्य राष्ट्रपति के द्वारा ही हटाया जा सकता है।         जम्मू कश्मीर   में  370 व 35(A)  के हटने के बाद बदलाव ::          अब  वहां राज्यपाल के बजाए  उप राज्यपाल होगा , वहां विधानसभा का  कार