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Showing posts from April 4, 2021

Review of fact history four बुक|किरण प्रकाशन|आर्य कॉप्टिशन| ज्ञान पुस्तक|महेश बरनवाल

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  Review of fact history four बुक: ज्ञान पुस्तक,महेश बरनवाल किरण प्रकाशन,आर्य कॉप्टिशन विषय प्रवेश--  यदि कोई छात्र इंटरमीडिट के एग्जाम पास करने के बाद कॉम्पटीशन लाइन में प्रवेश करता है तो उसे पुस्तको के चयन में बहुत कंफ्यूज़न होता है। इस review से इतिहास की सही बुक लेने में मदद मिलेगी। Review of four books  आज हम बाज़ार में उपलब्ध चार फैक्ट आधारित बुक्स का रिव्यु करता हूँ ।  क्योंकि ज़्यादातर वनडे एग्जाम रेलवे,एस एस सी, लेखपाल या पटवारी का एग्जाम ग्राम विकास अधिकारी ,कांस्टेबल का एग्जाम,SI का एग्जाम,असिस्टेन्स टीचर्स,DSSB आदि के एग्जाम में इतिहास के फैक्चुअल प्रश्न पूंछे जाते हैं हालांकि वो GS पर आधारित हैं पर उन प्रश्नों हल करने के लिए भी कुछ डीप स्टडी जरूरी है। इसके लिए आप या तो आप ख़ुद नोट्स तैयार करें या फ़िर इन बुक्स की मदद लेकर विभिन्न वनडे एग्जाम में हिस्ट्री के प्रश्नों को आसानी से सही कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।  पहली पुस्तक की बात करते है जो इतिहास के फैक्ट पर आधारित है। ज्ञान इतिहास की । इस पुस्तक का संंपादन ज्ञान चंद यादव ने किया है।    इस बुक में इतिहास के बिन्दुओं को क्रमब

K. S. kulkarni artist ki jivni

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 K. S. kulkarni artist ki jivni जीवनी के. एस. कुलकर्णी के एस कुलकर्णी K. S. kulkarni artist ki jivni K S kulkarni  जन्म--1918 मृत्यु--1994  7 अप्रैल 1918 को बेलगांव कर्नाटक में जन्मे कृष्ण श्यामराव कुलकर्णी की प्रारंभिक शिक्षा पूना में हुई थी । के एस कुलकर्णी की कला शिक्षा के लिए 1935 में जे जे स्कूल ऑफ आर्ट्स मुम्बई से प्रवेश लिया और 1940 में कला का डिप्लोमा प्राप्त किया।  बाद में एक वर्ष का भित्ति चित्रण का एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम का डिप्लोमा प्राप्त किया। 1943 में वो एक टेक्सटाइल फर्म में टेक्सटाइल डिज़ाइनर का काम करने लगे,1945 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और स्वतंत्र होकर  युवक युवतियों को कला की शिक्षा देने का काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने आल इंडिया फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट में भी अवैतनिक कार्य किया जहां पर देश भर के कलाकार एकत्र होते थे ,1945 में उन्होंने AIFA में प्रथम प्रदर्शनी आयोजित की।1950 से 1955 तक दिल्ली उन्होंने दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर में कार्य किया।     कुलकर्णी  ने अपनी कला की शुरुआत एक म्यूरलिस्ट के रूप में की ,उन्होंने अपना जीवन साइन बोर्ड