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Showing posts from January 3, 2020

गणेश शंकर विद्यार्थी: कलम के सिपाही और सांप्रदायिक एकता के महानायक | हिंदी जीवनी

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  कलम के सिपाही और सांप्रदायिक एकता के महानायक: गणेश शंकर विद्यार्थी ​ प्रस्तावना ​भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में कई ऐसे योद्धा हुए जिन्होंने तलवार और बंदूकों से अंग्रेजों का मुकाबला किया, लेकिन एक ऐसा व्यक्तित्व भी था जिसने अपनी 'कलम' को सबसे शक्तिशाली हथियार बनाया। वह नाम है— गणेश शंकर विद्यार्थी । विद्यार्थी जी केवल एक पत्रकार नहीं थे, बल्कि वे एक संस्था, एक विचारधारा और निर्भीकता के साक्षात प्रतीक थे। कानपुर की धरती को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले इस महामानव ने न केवल ब्रिटिश हुकूमत की जड़ों को हिलाया, बल्कि मानवता और सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। आज के दौर में जब पत्रकारिता के मूल्यों पर सवाल उठते हैं, तब विद्यार्थी जी का जीवन और उनका 'प्रताप' एक मार्गदर्शक प्रकाश स्तंभ की तरह नजर आता है। “कलम को हथियार बनाकर अन्याय के विरुद्ध खड़े हुए गणेश शंकर विद्यार्थी—पत्रकारिता और मानवता का अमर प्रतीक।” ​जन्म, पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक संघर्ष ​गणेश शंकर विद्यार्थी का जन्म  26 अक्टूबर 1890  को अपने ननिहाल  प्रयागराज (इलाहाबाद) ...

महात्मा गाँधी और उनका जीवन दर्शन,Mahatma Gandhi and His Philoshphy

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महात्मा गाँधी और उनका जीवन दर्शन Mahatma Gandhi and His Philoshphy महात्मा गांधी का नाम आते ही हमारे मस्तिष्क में एक छवि का निर्माण हो जाता है वह है एक हाँथ में लाठी ह्रदय में सत्य अहिंसा का सम्बल लिए हुए परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़ी हुई भारत मां को  अंग्रेजों के अत्याचारों से मुक्त कराते हुए एक व्यक्ति की  तस्वीर उभरती है ,परंतु गांधी जी को किसी एक विधा से नहीं बाँधा जा सकता जहाँ उन्होंने देश को स्वतंत्र कराने के लिए राजनीतिक विचारधारा दी और संघर्ष किया ,वहीं उन्होंने  धर्म और नीति और आर्थिक दृष्टिकोण  भी प्रस्तुत करते हुए अपने सपनों के भारत का मार्ग प्रशस्त किया।  जीवन परिचय--- गांधी जी का पूरा नाम मोहन दास  करम चन्द गांधी था उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबन्दर गुजरात में  एक कुलीन घराने में हुआ था ,उनके पिता करम चन्द गांधी एक दीवान थे और माता पुतली बाई बहुत सीधी साधी धार्मिक विचारों वाली महिला थीं ,गांधी जी का 13 वर्ष की आयु में विवाह हुआ,19 वर्ष की आयु में 4 सितम्बर 1888 को गांधी जी बम्बई  से इंग्लैंड वकालत की शिक्षा ग्रहण करने को ग...