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Showing posts from November 8, 2019

Full form of GIF ,GIF का full form क्या है

G I F का full form होता है  Graphics Interchange Format यानि graphics का ऐसा फॉर्मेट जो interchange होता रहता है आप उन इमेजेज को GIF image भी कह सकते हो जो animated IMAGE हैं।

GIF का फुल फॉर्म ग्राफिक्स इंटरचेंज फॉर्मेट है। जीआईएफ एक बिटमैप छवि प्रारूप है जिसे 15 जून, 1987 को अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक स्टीव विल्हाइट के नेतृत्व में बुलेटिन बोर्ड सेवा (बीबीएस) प्रदाता कम्पयू सर्व( compuserve) में एक टीम द्वारा विकसित किया गया था। एक एनिमेटेड तस्वीर बनाने के लिए जीआईएफ विभिन्न बिटमैप फ़ाइलों की एक श्रृंखला है। । यह एक 8 बिट प्रारूप है जिसका अर्थ है कि प्रारूप द्वारा समर्थित रंगों की अधिकतम संख्या 256 है। दो GIF मानक, 87a और 89a हैं।GIF 89 update   वर्जन है ,  प्रत्येक पिक्सेल में, यह GIF छवि में दो सौ और छप्पन में से एक रंग शामिल करता है। जीआईएफ आकार में छोटे और कॉम्पैक्ट हैं और आप उन्हें किसी भी प्लेटफॉर्म पर आसानी से साझा कर सकते हैं। जीआईएफ एक गतिशील छवि है जो बिना किसी ध्वनि के वीडियो की तरह है। यह एक iPhone की लाइव तस्वीर की तरह है। यह एक छोटी सी वीडियो क्लिप है जो खुद को तब तक रिप्…

Sindhu ghati sabhyata utpatti aur vistaar,सिंधु घाटी सभ्यता :उत्पत्ति और विस्तार

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सिन्धु घाटी सभ्यता :उत्पत्ति और विस्तार
विश्व की प्राचीन सभ्यताएं नदी घाटियों में विकसित हुईं, मिस्र की सभ्यता  जो नील नदी के किनारे थी ,मेसोपोटामिया की सभ्यता जो दजला फ़रात नदियों के संगम में थी,भारत मे विकसित नदी घाटी सभ्यता जो क़रीब ईशा पूर्व 3 हजार साल पहले पूर्णतया विकसित हुई थी , हालांकि   विद्वानों में  इसके समय काल के लेकर अलग अलग राय है  और रेडियो कार्बन  विधि द्वारा  इसकी  समय सीमा 2300-1750 ईसा पूर्व निर्धारित की गई है ,ये सभ्यता सिन्धु नदी के किनारे पल्लवित हुई सभ्यता पूर्णतयः मिट्टी में दबी थी , आम लोगों के प्रकाश में तब आई जब चार्ल्स मेस्सन ने 1826 इस ऊंचे टीले को का उल्लेख किया, इसी प्रकार रेल पथ निर्माण के समय जब इस जगह से कुछ प्राचीन सामाग्रियां मिलीं  , तब अलेक्जेंडर  कनिंघम जो पुरातत्व वेत्ता थे ,उनको 1875  में एक  लिपिबद्ध मुहर भी प्राप्त हुई  , इसके बाद भी ये क्षेत्र कई साल उपेक्षित रहा। 1921 में सर जान मार्शल जब पुरातत्व विभाग के महानिदेशक थे , राय बहादुर दयाराम साहनी ने इस स्थल का पुनः 1923-24 और 1924-25 के दौरान उत्खनन कार्य करवाया।
   मोहनजोदड़ो जिसका सिंधी भ…