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Showing posts from March 6, 2025

Physics Wallah (PW) और अलख पाण्डेय की सफलता की कहानी: कम फीस में JEE-NEET की बेहतरीन तैयारी कैसे संभव हुई?

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  ​"सफलता रातों-रात नहीं मिलती, बल्कि यह सालों के कड़े संघर्ष और अटूट संकल्प का परिणाम होती है। आज जब हम भारतीय शिक्षा जगत में एक 'क्रांति' की बात करते हैं, तो हमारे सामने एक ऐसे शिक्षक का चेहरा आता है जिसने साइकिल से कोचिंग जाने से लेकर देश के सबसे बड़े एड-टेक (Ed-tech) साम्राज्य 'फिजिक्स वाला' के निर्माण तक का सफर तय किया। यह कहानी केवल एक शिक्षक की नहीं, बल्कि उस जिद की है जिसने शिक्षा को व्यापार से ऊपर उठाकर हर गरीब छात्र के लिए सुलभ बना दिया।यह महान कार्य इसलिए करने में सफल हुए क्योंकि अलखपांडेय ने गरीबी को नजदीक से देखा था।उन्होंने देखा कि कैसे एक गरीब और मध्यमवर्ग का बच्चा बड़े बड़े  कोचिंग संस्थाओं में एडमिशन उनकी ज्यादा फीस होने के कारण नहीं ले पाते वो होनहार मेधावी होते है पर कोचिंग करने के लिए उनके पास यथा अनुरूप पैसे नहीं होते।        अलख पांडे ने गरीब बच्चों को सस्ती और अच्छी शिक्षा देने के उद्देश्य से ही अपना सफर शुरू किया था। उन्होंने बी.टेक इसलिए छोड़ी क्योंकि उनका मन पढ़ाई से ज्यादा पढ़ाने (टीचिंग) में लगता था और वह कॉलेज की पढ़ाई से संतु...

अल्बर्ट आइंस्टीन: एक विलक्षण प्रतिभा की अद्भुत कहानी।Albert Einstein Story in hindi

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  अल्बर्ट आइंस्टीन: एक विलक्षण प्रतिभा की अद्भुत कहानी अल्बर्ट आइंस्टीन, आधुनिक भौतिकी के जनक और विज्ञान की दुनिया के सबसे महान विचारकों में से एक थे। उनकी खोजों ने विज्ञान की धारा ही बदल दी और उनकी सोचने की शैली ने यह साबित कर दिया कि ब्रह्मांड को समझने के लिए कल्पनाशीलता और जिज्ञासा कितनी महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम उनके जन्म से लेकर उनके वैज्ञानिक योगदान और समाज पर उनके प्रभाव तक की पूरी यात्रा को विस्तार से समझेंगे। 1. जन्म और प्रारंभिक जीवन अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च 1879 को जर्मनी के उल्म शहर में हुआ था। उनके पिता हरमन आइंस्टीन एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और व्यवसायी थे, उनके पिता और चाचा ने मिलकर  1880 में म्यूनिख शहर में एक  बिजली के उपकरण बनाने वाली कंपनी खोली ,जबकि उनकी माँ पाउलिन आइंस्टीन संगीत प्रेमी और एक कुशल पियानो वादक थीं।आइंस्टीन भी अपनी माता के कहने पर बचपन में सारंगी वादन का अभ्यास किया परंतु बाद में छोड़ दिया। आइंस्टीन का परिवार वैज्ञानिक या शैक्षिक क्षेत्र में विशेष रूप से नामी नहीं था, लेकिन उनके माता-पिता शिक्षा को बहुत महत्व देते थे। ...

बुलबुल पक्षी :स्वभाव ,जीवनचक्र,परिचय

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  बुलबुल पक्षी: स्वभाव, जीवनचक्र और महत्व परिचय बुलबुल एक सुंदर और चहकने वाला पक्षी है जो अपनी मधुर आवाज़ और चंचल स्वभाव के लिए जाना जाता है। यह पक्षी मुख्य रूप से एशिया और अफ्रीका में पाया जाता है और भारत में इसकी कई प्रजातियाँ देखने को मिलती हैं। बुलबुल का वैज्ञानिक नाम Pycnonotidae है। यह छोटे आकार का पक्षी होता है, जिसकी लंबाई लगभग 15 से 25 सेंटीमीटर होती है। इसकी विभिन्न प्रजातियों में रंग, आकार और चहचहाने की ध्वनि में अंतर हो सकता है। बुलबुल 1. बुलबुल पक्षी का स्वभाव बुलबुल एक सामाजिक और चंचल पक्षी होता है। यह ज्यादातर जोड़े में या छोटे समूहों में रहना पसंद करता है। इसकी आवाज़ बहुत मधुर होती है, जिससे यह प्रातः और संध्या के समय अपने सुंदर गीतों से वातावरण को संगीतमय बना देता है। बुलबुल आमतौर पर शर्मीला नहीं होता और मानव बस्तियों के आसपास भी देखा जा सकता है। यह बहुत ही सक्रिय और फुर्तीला पक्षी है जो लगातार इधर-उधर उड़ता रहता है और अपना भोजन खोजता है। 2. बुलबुल पक्षी का जीवनकाल (Life Span) बुलबुल पक्षी का औसतन जीवनकाल 5 से 8 वर्ष तक होता है, लेकिन यदि इसे उचित वातावरण ...