Posts

Showing posts from June 15, 2019

असित कुमार हलदार आर्टिस्ट की biography

Image
 असित कुमार हाल्दार आर्टिस्ट की बायोग्राफी असित कुमार हाल्दार एक कल्पना शील, भावप्रवण चित्रकार के साथ साथ अच्छे साहित्यकार ,शिल्पकार, कला समालोचक,चिंतक,कवि,विचारक भी थे। असित कुमार हाल्दार का प्रारंभिक जीवन--- असित कुमार हलदार का जन्म सन 1890 पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको नामक स्थल में  स्थित टैगोर भवन  के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी नानी रवींद्र नाथ टैगोर की बहन थीं।   असित कुमार हलदार के बाबा  का नाम राखालदास हाल्दार था  जो उस समय लंदन विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय के प्राध्यापक थे, और पिता सुकुमार हाल्दार भी कला में निपुण थे  ,उनकी प्रेरणा से असित कुमार हलदार को भी कला में अभिरुचि जगी। साथ मे वो बचपन से ही ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी पटचित्र कला को गौर से देखा और समझा था।  15 वर्ष की आयु में हाल्दार को कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला मिल गया , यहां पर इनको गुरु के रूप में  अवनींद्र नाथ टैगोर का सानिध्य मिला। उनसे उन्होंने कला की बारीकियों को सीखा,  यहां पर इन्होंने जादू पाल और बकेश्वर पाल से मूर्तिकला सीखी।    यहां आपको पर असित कुमार हाल्दार को अपने कक्षा में अन्

Anie besant ::homerule movement &theoshofical society in india

Image
                                                                     :श्रीमती एनी बेसेंट: श्रीमती एनी बेसेंट का जन्म पश्चिमी लंदन में एक अक्टूबर1947 में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था, जब वह पांच साल की थीं तभी उनके पिता का देहांत हो गया,उनका लालन पालन उनकी माँ हैरो ने  किया था, अल्पायु में ही एनी बेसेंट को अपनी मां के साथ यूरोप भ्रमण के अवसर मिला।          सन् 1867 में  बीस वर्ष की आयु में एनी बेसेंट का विवाह  में 26 साल के पादरी फ्रैंक बेसेंट के साथ हो गया,उनसे दो संताने  आर्थर और मेम्बल एनी पैदा हुई,उनके पति रूढ़िवादी क्रिस्चियन थे ,परंतु एनी     बेसेंट वैश्विक खुले विचार की महिला थी , विचारों में अंतर्विरोध के कारण उनका पति से अलगाव हुआ ,इस बीच वह ख़र्च चलाने के लिए बच्चों की कहानियां लिखीं ,बच्चों की पुस्तकें लिखी किसी तरह जीवन यापन किया , 1873 में वह पति से पूर्णतया कानूनी रूप से अलग हो गईं , उन्होंने इसाई धर्म मे आई बुराइयां जो चर्च द्वारा आंध्विश्वास के रूप में फैलाई जा रहीं थी प्रखर आलोचना की, ईसाइयत से मन हटने के कारण वह आयरलैंड में मैडम ब्लाटावस्की और कर्नल अलका