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Showing posts from April 7, 2025

भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR): धारा 89 CPC और आर्बिट्रेशन अधिनियम 1996 का विधिक विश्लेषण

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   भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR): धारा 89 CPC और 1996 के अधिनियम का विस्तृत विश्लेषण ​भारत की न्याय प्रणाली में मुकदमों के बोझ को कम करने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान (Alternative Dispute Resolution - ADR) एक अनिवार्य स्तंभ बन चुका है। यह लेख कानूनी पेशेवरों (Advocates) और उनके क्लाइंट्स के लिए धारा 89 CPC और माध्यस्थम अधिनियम की बारीकियों को समझने का एक विस्तृत रोडमैप प्रदान करता है। ​1. धारा 89 CPC: न्यायिक समाधान का नया मार्ग ​सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 89 न्यायपालिका को यह शक्ति प्रदान करती है कि वह मुकदमों को अदालत की औपचारिक कार्यवाही से बाहर सुलझाने के लिए निर्देशित करे। इसका मुख्य दर्शन यह है कि हर विवाद का अंत केवल कोर्ट के फैसले से ही नहीं, बल्कि आपसी सहमति से भी संभव है। यदि न्यायाधीश को लगता है कि पक्षकारों के बीच समझौते की गुंजाइश है, तो वह मामले को मध्यस्थता (Arbitration), सुलह (Conciliation), लोक अदालत या मीडिएशन (Mediation) के लिए भेज सकता है। यह प्रावधान न केवल समय की बचत करता है, बल्कि पक्षकारों के बीच कानून...

IITian Baba: कल्कि अवतार या भ्रमित बुद्धिजीवी?

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 बिलकुल, नीचे आपके दिए गए विचारों के आधार पर एक विश्लेषणात्मक और संतुलित ब्लॉग लेख तैयार किया गया है। यह लेख न केवल IITian Baba के उदय और व्यवहार को समझने का प्रयास करता है, बल्कि उनके कार्यों के पीछे संभावित मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कारणों की पड़ताल भी करता है। 🧠📿 IITian Baba: विज्ञान, अध्यात्म और भ्रम के बीच एक यात्रा 🔺 महाकुंभ में अचानक उठी एक लहर महाकुंभ जैसे आस्था और आध्यात्म से भरे आयोजन में जब किसी युवा को हज़ारों की भीड़ सम्मान देने लगे, तब स्वाभाविक है कि जिज्ञासा जागे — कौन है ये IITian Baba? एक ऐसा व्यक्ति जिसने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक IIT से M.Tech किया, और अब साधु के वस्त्रों में दिखाई दे रहा है, वो भी किसी प्राचीन तपस्वी की भांति नहीं, बल्कि विज्ञान और अध्यात्म के एक अद्भुत मेल की बात करते हुए। ⚗️🕉️ एक नई सोच की उम्मीद जब इन्होंने पहली बार मंच से अपने विचार रखे, तो लगा मानो कोई नया विवेकानंद , कोई आधुनिक ओशो , जन्म ले रहा है — जो वेदों की गहराई को आधुनिक विज्ञान की रोशनी में परख रहा हो। इनके तर्कों में तार्किकता थी, शब्दों में प्...

क्या अमराबाद टाइगर रिज़र्व उजड़ रहा है? तेंदुओं के नाम पर जंगल का विनाश और पर्यावरणीय संकट

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🌿 क्या अमराबाद टाइगर रिज़र्व उजड़ रहा  है? तेंदुओं के नाम पर जंगल का विनाश और  पर्यावरणीय संकट Is Amrabad Tiger Reserve being  destroyed? Forest destruction and  environmental crisis in the name of  leopards लेखक: मनोज द्विवेदी श्रेणी: पर्यावरण संरक्षण | अप्रैल 2025 ✳️ परिचय: भारत का गुप्त हरा खज़ाना – अमराबाद टाइगर रिज़र्व अमराबाद टाइगर रिज़र्व, तेलंगाना राज्य नागरकुरनूल और नलगोंडा जिलों में स्थित नल्लमाला पर्वत श्रृंखला में स्थित एक विशाल और समृद्ध जैवविविधता से युक्त जंगल है, यह लगभग 2,611.4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिससे यह भारत के सबसे बड़े टाइगर रिज़र्व में से एक है।  जो हैदराबाद से मात्र 140 किमी की दूरी पर फैला हुआ है। यह भारत के सबसे बड़े टाइगर रिज़र्व में से एक है और यहाँ आदिवासी जनजीवन, गहरे वन, दुर्लभ बाघ, तेंदुए, भालू, पक्षी, औषधीय पौधे और नदियाँ — सब एक पारिस्थितिक ताने-बाने में जुड़े हैं। इस रिज़र्व में समृद्ध जैव विविधता पाई जाती है, जिसमें कई स्थानिक प्रजातियाँ शामिल हैं। यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख स्तनधारियों में बाघ, ...

ज्योति भट्ट की जीवनी – एक महान प्रिंटमेकर और समकालीन भारतीय कलाकार।Jyoti Bhatt Printmaker Artist ki Jivani

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  ज्योति भट्ट की जीवनी – एक महान प्रिंटमेकर और समकालीन भारतीय कलाकार (हिंदी ब्लॉग लेख – परीक्षापयोगी तथ्यों सहित) प्रस्तावना: भारतीय समकालीन कला की दुनिया में ज्योति भट्ट (Jyoti Bhatt) एक ऐसा नाम है, जिन्होंने प्रिंटमेकिंग (Printmaking), पेंटिंग और फोटोग्राफी के क्षेत्र में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। वे न केवल एक कुशल कलाकार रहे हैं, बल्कि भारतीय लोककलाओं और परंपराओं के संवाहक के रूप में भी जाने जाते हैं। इस लेख में हम उनके जीवन, शिक्षा, कला शैली, प्रमुख कृतियाँ, पुरस्कार और उनके योगदान की विस्तार से चर्चा करेंगे। 🧑‍🎨 ज्योति भट्ट का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा पूरा नाम: ज्योति भाई शंकर भाई भट्ट जन्म तिथि: 12 मार्च 1934 जन्म स्थान: भरूच, गुजरात, भारत राष्ट्रीयता: भारतीय पिता का नाम: शंकरभाई भट्ट ज्योति भट्ट का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। कला के प्रति रुचि उन्हें बचपन से ही थी। उन्होंने अपने रचनात्मक जीवन की शुरुआत गुजरात में की, लेकिन आगे चलकर उन्होंने भारत के साथ-साथ विदेशों में भी कला का गहन अध्ययन किया। 🎓 शैक्षणिक पृष्ठभूमि: संस्थान का नाम ...