Posts

Showing posts from February 9, 2020

असित कुमार हलदार आर्टिस्ट की biography

Image
 असित कुमार हाल्दार आर्टिस्ट की बायोग्राफी असित कुमार हाल्दार एक कल्पना शील, भावप्रवण चित्रकार के साथ साथ अच्छे साहित्यकार ,शिल्पकार, कला समालोचक,चिंतक,कवि,विचारक भी थे। असित कुमार हाल्दार का प्रारंभिक जीवन--- असित कुमार हलदार का जन्म सन 1890 पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको नामक स्थल में  स्थित टैगोर भवन  के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी नानी रवींद्र नाथ टैगोर की बहन थीं।   असित कुमार हलदार के बाबा  का नाम राखालदास हाल्दार था  जो उस समय लंदन विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय के प्राध्यापक थे, और पिता सुकुमार हाल्दार भी कला में निपुण थे  ,उनकी प्रेरणा से असित कुमार हलदार को भी कला में अभिरुचि जगी। साथ मे वो बचपन से ही ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी पटचित्र कला को गौर से देखा और समझा था।  15 वर्ष की आयु में हाल्दार को कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला मिल गया , यहां पर इनको गुरु के रूप में  अवनींद्र नाथ टैगोर का सानिध्य मिला। उनसे उन्होंने कला की बारीकियों को सीखा,  यहां पर इन्होंने जादू पाल और बकेश्वर पाल से मूर्तिकला सीखी।    यहां आपको पर असित कुमार हाल्दार को अपने कक्षा में अन्

डिजाइनिंग में करियर,fashion designer कैसे बनें?

Image
पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कई अहम् बदलाव हुए ,जिसके कारण जॉब के नए  रास्ते तैयार हुए हैं, इसलिए अब युवा सिर्फ डॉक्टरी ,इंजीनियरिंग में ही अपना कैरियर नहीं बना रहा बल्कि साथ में कुछ नए क्षेत्रों में अपने क़दम बढ़ा रहा है जिन क्षेत्रों में कुछ नया करने (innovation)के लिए आसमान खुला हो और साथ में कुछ नई  चुनौतियां भी सामनें आएं, इसलिए आज का युवा अपने तीक्ष्ण दिमाग़ का प्रयोग प्रौद्योगिकी  में तेज़ी से आये बदलाव के साथ पैदा हुए रोज़गार के नए क्षेत्रों में कदमताल करना चाह रहा है,आजभौतिक और डिजिटल दुनिया में डिज़ाइन का क्षेत्र नए ट्रेन्ड के रूप में तेज़ी से उभरा है,आज हम घर से लेकर बहार हर क्षेत्र में कुछ नई नई डिज़ाइन की चीजें देखतें है जैसे चार पहिया वाहन के नए नए मॉडल उनकी बेहतरीन डिज़ाइन ,दो पहिया वाहन के आकर्षक फीचर्स, घरों में बेहतरीन अट्रैक्टिव आर्किटेक्ट डिज़ाइन, घरों के अंदर खूबसूरत इंटीरियर डिज़ाइन,बेबसाईट  की डिज़ाइन आदि सभी जगह हम डिज़ाइन की आकर्षक दुनिया से रूबरू होते हैं, आज जब हर उत्पाद को फैक्ट्री से बाज़ार तक पहुंचाने के लिए गलाकाट प्रतिस्पर्धा है तब हर प्रोडक्ट में