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अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।

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 अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।  अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी हिंदी में। अकबर पद्मसी को एस. एच. रजा ,F N सूजा, M.F. हुसैन की श्रेणी में रखा जाता है। इन्होंने कई विधाओं में कार्य किया , अकबर पद्मसी ने तैल रंग ,जल रंग ,स्कल्पचर और प्रिंटमेकिंग में , लिथोग्राफी,  में कंप्यूटर ग्राफ़िक्स में कार्य किया। अकबर पदमसी  अकबर पदमसी का प्रारंभिक जीवन -- अकबर पद्मसी का जन्म गुजरात के कच्छ क्षेत्र में एक मुस्लिम खोजा जाति में हुआ था ,इनके पूर्वज पहले राज दरबार मे कविता और गायन वादन किया करते थे जिन्हें चारण कहा जाता था। पद्मसी के बाबा काठियावाड़ क्षेत्र के गांव वघनगर के सरपंच थे तब लोंगों ने उनके अच्छे कार्यों के कारण पदमसी की उपाधि दी थी जो वास्तव में पद्मश्री का अपभ्रंश है।पद्मसी के पिता हसन पदमसी एक जाने माने व्यापारी थे जिनका फर्नीचर का व्यापार था वो बहुत धनी थे उनके दस मकान थे।परंतु इतना होने के बावजूद पदमसी परिवार में कोई पढ़ा लिखा व्यक्ति नहीं था ,तब अकबर पद्मसी जो सात भाइयों में से एक थे  ,इनके एक भाई एलिक पदमसी थे जिन्होंने थियेटर रंगमंच में नाट्यदक्षता से अपनी पहचान बनाई थी  वो थिएटर आर्टिस

सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल

सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल  मोहन जोदड़ो --  मोहनजोदड़ो के भवन में कई इमारतें थीं जो आग में पकाई गई ईंटों से बनीं थीं उदाहरणस्वरूप महा स्नानागार, महाविद्यालय, अन्नागार और सभाकक्ष इसका स्नानागार 12 मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा था और 2.5 मीटर गहरा था,इसके उत्तर और दक्षिण चढ़ने की सीढ़ियाँ थीं,इसकी फर्श और अगल बगल की दीवारों पर बिटुमिन्स की पर्त लगाकर वाटरप्रूफ बनाया गया था इस तालाब के अंदर पानी से भरने के लिए एक कुआँ था  और तालाब की सफाई और पानी निकासी के लिए तालाब के दक्षिण पश्चिम में    एक  तोडा दार (Corbelled) नाली थी।इस जलाशय के चारो जोर बरामदा था और जिसके चारो और कमरे थे।   महाविद्यालय --- कुषाणकालीन स्तूप और स्नानागार के बीच एक बड़ी इमारत के अवशेष पाये गए है, जिसे विद्वानों ने महाविद्यालय कहा है। यह इमारत बहुमञ्जली थी ,कुछ लोग इसे पुरोहित का आवास भी कहते है। अन्नागार(Granary): स्नानागार के दक्षिण पश्चिम दीवार से लगा हुआ  विशाल अन्नगार था जिसका पूरा क्षेत्रफल 55 मीटर×37 मीटर का था  ,इसमें 27 खण्डों में विभाजित एक चबूतरा था जो तीन श्रेणियों में बटा था और हर श्रेणी में नौ नौ खण