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Showing posts from April 27, 2020

DU LLB प्रवेश परीक्षा

 DU-LLB प्रवेश परीक्षा  परीक्षा का नाम - दिल्ली विश्वविद्यालय एलएलबी प्रवेश परीक्षा  लोकप्रिय नाम - DU LL.B प्रवेश परीक्षा  संचालन प्राधिकरण (authority) : विधि संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली  DU LLB प्रवेश परीक्षा पात्रता ---  (i) सामान्य, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (एससी / एसटी) उम्मीदवारों के लिए पात्रता मानदंड अध्यादेश में दिया गया है।  एलएलबी में प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड     (ii) सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उम्मीदवारों के लिए, दिल्ली विश्वविद्यालय या किसी भी अन्य भारतीय या विदेशी विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट / पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री, दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा कम से कम 50% अंकों या समकक्ष ग्रेड के साथ मान्यता प्राप्त।    हालांकि, प्रवेश परीक्षा में सामान्य उम्मीदवारों के लिए अधिसूचित अंकों से ओबीसी उम्मीदवारों के प्रवेश के लिए कट ऑफ अंक 10% तक कम होगा।  (iii) सामान्य उम्मीदवारों के लिए निर्धारित न्यूनतम पात्रता में 5% अंकों की छूट अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में दी जाएगी।  (भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुपालन में पी.वी. इंडीयरसन बनाम भारत संघ

सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल

सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल  मोहन जोदड़ो --  मोहनजोदड़ो के भवन में कई इमारतें थीं जो आग में पकाई गई ईंटों से बनीं थीं उदाहरणस्वरूप महा स्नानागार, महाविद्यालय, अन्नागार और सभाकक्ष इसका स्नानागार 12 मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा था और 2.5 मीटर गहरा था,इसके उत्तर और दक्षिण चढ़ने की सीढ़ियाँ थीं,इसकी फर्श और अगल बगल की दीवारों पर बिटुमिन्स की पर्त लगाकर वाटरप्रूफ बनाया गया था इस तालाब के अंदर पानी से भरने के लिए एक कुआँ था  और तालाब की सफाई और पानी निकासी के लिए तालाब के दक्षिण पश्चिम में    एक  तोडा दार (Corbelled) नाली थी।इस जलाशय के चारो जोर बरामदा था और जिसके चारो और कमरे थे।   महाविद्यालय --- कुषाणकालीन स्तूप और स्नानागार के बीच एक बड़ी इमारत के अवशेष पाये गए है, जिसे विद्वानों ने महाविद्यालय कहा है। यह इमारत बहुमञ्जली थी ,कुछ लोग इसे पुरोहित का आवास भी कहते है। अन्नागार(Granary): स्नानागार के दक्षिण पश्चिम दीवार से लगा हुआ  विशाल अन्नगार था जिसका पूरा क्षेत्रफल 55 मीटर×37 मीटर का था  ,इसमें 27 खण्डों में विभाजित एक चबूतरा था जो तीन श्रेणियों में बटा था और हर श्रेणी में नौ नौ खण