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Showing posts from December 28, 2019

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

Full form of BHEL,,भेल का फुल फॉर्म क्या है

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BHEL: भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड Full form of BHEL-- Full form of B.H.E.L= Bharat Heavy Electrical Limited मतलब भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड है। यह भारत की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी में से एक है। यह मुख्य रूप से पावर प्लांट उपकरण का निर्माता है। भेल की स्थापना 1964 में हुई थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली, भारत में है। इतिहास-  1947 में आजादी देश में हर क्षेत्र में विकास की आवश्यकता थी , उस समय कोई उद्यमी अपने ताकत से स्वयं एक बड़ा उद्योग स्थापित करने में सक्षम नहीं था , देश में विकास के लिए पंचवर्षीय योजना के माध्यम से विकास करने के लिए योजना आयोग का गठन किया गया था ,   बीसवीं सदी के अंत तक एक लाख मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था  ,इस दूरगामी लक्ष्य को पाने के लिए , ताप विद्युत् संयत्र , जल विद्युत संयत्र और परमाणु ऊर्जा के लिए बड़े बड़े  गैस   और भाप के टर्बाइन और बड़े बड़े बायलर की जरुरत थी जो उच्च दबाव को सह पाते ,इसके अलावा विद्युत मोटर,जनरेटर ,स्वचालन नियंत्रण प्रणाली  के निर्माण की जरूरत के लिए भारत सरकार ने भारी विद्युत उपस्करों क