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Showing posts from December 28, 2019

राम वी. सुतार मूर्तिकार की जीवनी

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 राम वी सुतार मूर्तिकार की जीवनी---- राम वी सुतार का प्रारंभिक जीवन ---राम वी सुतार का जन्म 19 फरवरी 1925 को जिला धूलिया  ग्राम गुंदूर महाराष्ट्र में हुआ था राम जी सुतार भारत के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार है इनका पूरा नाम राम वन जी सुतार है ,इनके पिता गाँव मे ग़रीब परिवार से थे ,इनका विवाह 1957 में प्रमिला से हुआ ,इनके पुत्र का नाम अनिल रामसुतार है जो पेशे से वास्तुकार हैं और नोयडा में रहते हैं।   शिक्षा -- इनकी शिक्षा इनके गुरु रामकृष्ण जोशी से प्रेरणा लेकर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट में हुआ,1953 में इनको इसी कॉलेज से मोडलिंग विधा में गोल्ड मेडल मिला। कार्य - 1958 में आप सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के दृश्य श्रव्य विभाग में तकनीकी सहायक भी रहे 1959 में आपने स्वेच्छा से सरकारी नौकरी त्याग दी और पेशेवर मूर्तिकार बन गए  मोडलर के रूप में औरंगाबाद  आर्कियोलॉजी मे  रहते हुए 1954 से 1958 तक आपने अजंता और एलोरा की प्राचीन  मूर्तियों की पुनर्स्थापन का काम किया।   आप द्वारा निर्मित कुछ मूर्तियां इस प्रकार है -- आपने 150 से अधिक देशों में गांधी जी की मूर्तियां को बनाया --आपने 45 फुट ऊंची चंबल नदी मूर्

Full form of BHEL,,भेल का फुल फॉर्म क्या है

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BHEL: भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड Full form of BHEL-- Full form of B.H.E.L= Bharat Heavy Electrical Limited मतलब भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड है। यह भारत की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी में से एक है। यह मुख्य रूप से पावर प्लांट उपकरण का निर्माता है। भेल की स्थापना 1964 में हुई थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली, भारत में है। इतिहास-  1947 में आजादी देश में हर क्षेत्र में विकास की आवश्यकता थी , उस समय कोई उद्यमी अपने ताकत से स्वयं एक बड़ा उद्योग स्थापित करने में सक्षम नहीं था , देश में विकास के लिए पंचवर्षीय योजना के माध्यम से विकास करने के लिए योजना आयोग का गठन किया गया था ,   बीसवीं सदी के अंत तक एक लाख मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था  ,इस दूरगामी लक्ष्य को पाने के लिए , ताप विद्युत् संयत्र , जल विद्युत संयत्र और परमाणु ऊर्जा के लिए बड़े बड़े  गैस   और भाप के टर्बाइन और बड़े बड़े बायलर की जरुरत थी जो उच्च दबाव को सह पाते ,इसके अलावा विद्युत मोटर,जनरेटर ,स्वचालन नियंत्रण प्रणाली  के निर्माण की जरूरत के लिए भारत सरकार ने भारी विद्युत उपस्करों क