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Showing posts from December 28, 2019

अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।

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 अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।  अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी हिंदी में। अकबर पद्मसी को एस. एच. रजा ,F N सूजा, M.F. हुसैन की श्रेणी में रखा जाता है। इन्होंने कई विधाओं में कार्य किया , अकबर पद्मसी ने तैल रंग ,जल रंग ,स्कल्पचर और प्रिंटमेकिंग में , लिथोग्राफी,  में कंप्यूटर ग्राफ़िक्स में कार्य किया। अकबर पदमसी  अकबर पदमसी का प्रारंभिक जीवन -- अकबर पद्मसी का जन्म गुजरात के कच्छ क्षेत्र में एक मुस्लिम खोजा जाति में हुआ था ,इनके पूर्वज पहले राज दरबार मे कविता और गायन वादन किया करते थे जिन्हें चारण कहा जाता था। पद्मसी के बाबा काठियावाड़ क्षेत्र के गांव वघनगर के सरपंच थे तब लोंगों ने उनके अच्छे कार्यों के कारण पदमसी की उपाधि दी थी जो वास्तव में पद्मश्री का अपभ्रंश है।पद्मसी के पिता हसन पदमसी एक जाने माने व्यापारी थे जिनका फर्नीचर का व्यापार था वो बहुत धनी थे उनके दस मकान थे।परंतु इतना होने के बावजूद पदमसी परिवार में कोई पढ़ा लिखा व्यक्ति नहीं था ,तब अकबर पद्मसी जो सात भाइयों में से एक थे  ,इनके एक भाई एलिक पदमसी थे जिन्होंने थियेटर रंगमंच में नाट्यदक्षता से अपनी पहचान बनाई थी  वो थिएटर आर्टिस

Full form of BHEL,,भेल का फुल फॉर्म क्या है

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BHEL: भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड Full form of BHEL-- Full form of B.H.E.L= Bharat Heavy Electrical Limited मतलब भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड है। यह भारत की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी में से एक है। यह मुख्य रूप से पावर प्लांट उपकरण का निर्माता है। भेल की स्थापना 1964 में हुई थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली, भारत में है। इतिहास-  1947 में आजादी देश में हर क्षेत्र में विकास की आवश्यकता थी , उस समय कोई उद्यमी अपने ताकत से स्वयं एक बड़ा उद्योग स्थापित करने में सक्षम नहीं था , देश में विकास के लिए पंचवर्षीय योजना के माध्यम से विकास करने के लिए योजना आयोग का गठन किया गया था ,   बीसवीं सदी के अंत तक एक लाख मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था  ,इस दूरगामी लक्ष्य को पाने के लिए , ताप विद्युत् संयत्र , जल विद्युत संयत्र और परमाणु ऊर्जा के लिए बड़े बड़े  गैस   और भाप के टर्बाइन और बड़े बड़े बायलर की जरुरत थी जो उच्च दबाव को सह पाते ,इसके अलावा विद्युत मोटर,जनरेटर ,स्वचालन नियंत्रण प्रणाली  के निर्माण की जरूरत के लिए भारत सरकार ने भारी विद्युत उपस्करों क