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Showing posts from March 13, 2025

योगी आदित्यनाथ की जीवनी: संन्यास से सत्ता तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का सफर

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योगी आदित्यनाथ की जीवनी: संन्यास से सत्ता तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का सफर योगी आदित्यनाथ को आज पूरा भारत जानता है क्योंकि उन्होंने उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री पद में रहते हुए सुशासन का ऐसा मॉडल दिया है जिसकी प्रशंसा उत्तरप्रदेश के निवासी तो करते ही है पूरे भारत के हर स्टेट में गुंडा गर्दी और माफिया राज में में नकेल कसने के लिए योगी मॉडल की जरूरत बताई जा रही है ,आज उत्तर प्रदेश में गुंडा माफिया या तो सरेंडर कर चुके हैं या दूसरे प्रदेश में जाकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे, क्या मजाल कि वह दुबारा उत्तरप्रदेश की तरफ रुख करें,आज उत्तर प्रदेश में महिलाएं बेटियां निश्चिंत होकर मार्केट में खरीददारी करती है, महिलाएं  जॉब कर रहीं है, लड़कियां शाम होने तक कोचिंग ट्यूशन पढ़ती हैं पर उनको गुंडों लफंगों का डर नहीं सताता।  योगी आदित्यनाथ   सात भाइयों बहनों के पांचवें नंबर के ये भैया उत्तराखंड  के पौड़ी गढ़वाल में 5 जून 1972 में फॉरेस्ट रेजर आनंद सिंह बिष्ट के यहां जन्में थे  वह भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता माने जाते हैं, उन्होंने सत्ता संभालते ही हिं...

पूज्य प्रेमानंद महाराज की जीवनी।Premanand Maharaj Biography

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प्रेमानंद महाराज की जीवनी।Premanand Maharaj Biography   प्रेमानंद जी महाराज को श्रीकृष्ण का अवतार कहा जा रहा है इनकी दोनों किडनी खराब हो चुकी है पंद्रह साल पूर्व डॉक्टरों ने बताया था जी उनका जीवन अधिकतम पांच साल और है परंतु ,ये मानते हैं कि उनके अंदर कुछ ऐसा है जो उनसे सब कुछ करवाता है।विराट शर्मा और अनुष्का शर्मा भी इनका आशीर्वाद ले चुके हैं।मशहूर शिक्षक ओझा सर भी इनकी तरफ करते नहीं थकते ।क्या सच में बाबा भगवान के अवतार हैं ,बाबा की जीवनयात्रा क्या  रही,आइए समझते हैं इनके बारे में इस लेख से।       प्रेमानंद जी महाराज जिनका जन्म 1969 में हुआ ,कानपुर के सरसौल ब्लॉक के अखरी गांव में शम्भू  कुमार पांडे के घर में हुआ था ।इनकी माता का नाम रमा देवी था।बचपन में इनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था,वह प्रारंभिक जीवन से ही पीले वस्त्र पहनने लगे ,जिसके वजह से उनको आसपास के लोग पीले बाबा के नाम से पुकारने लगे।प्रेमानंद जी का बचपन से ही आध्यात्मिक झुकाव था ,वह मात्र तीन वर्ष की उम्र से ही हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे ,उनके इस आध्यात्मिक प्रवृति का कारण इनके पिता और बाबा ...