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Showing posts from November 2, 2019

Squat व्यायाम क्या है,SQUAT पांच फ़ायदे।

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 SQUAT व्यायाम क्या है -  आप squat व्यायाम से शरीर को फिट रख सकतें हैं वैसे तो शरीर को फिट रखने के लिए बहुत सी exercise करते है , जो आपको चुस्त दुरुस्त रखतीं है, आपकी मसल्स को मजबूती प्रदान करता है ,परंतु सारी एक्सरसाइज के बाद भी आपने अपने दैनिक अभ्यास में squat को सम्मिलित नहीं किया तो आप बहुत कुछ छोड़ रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि आप आज से ही sqaut को अपने रोज के एक्सरसाइज में सम्मिलित करें । यह अभ्यास महिला और पुरुष दोनों के लिए फायदेमंद है। इस एक्सरसाइज में प्रारम्भ में आपको समस्या आ सकती है परंतु धीरे धीरे रोज़ाना अभ्यास से ये बहुत सरल लगने लगता है। प्रारम्भ में आप इसको करने में किसी चीज का सहारा लेकर कर सकते हैं ,परंतु बाद में आप धीरे धीरे बिना सहारे का अभ्यास कर सकते हैं। इस एक्सरसाइज की विशेषता यह है कि इसे कहीं भी बिना इक्विपमेंट के  भी किया जा सकता है। यह एक्सरसाइज केवल  शरीर के एक भाग को ही मजबूत नही करता बल्कि पूरे शरीर को संतुलित रूप से मजबूत करता है,साधारण तौर पर ऐसा लगता है कि इस एक्सरसाइज से केवल टाँगों(legs)को मज़बूती मिलती है परंतु ऐसी बात नहीं है इस एक्सरसाइज से पूरा शर

नव पाषाण काल का इतिहास Neolithic age-nav pashan kaal

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 नव पाषाण काल मे मानव सभ्यता :Neolithic age   यूनानी भाषा मे neo का अर्थ होता है नवीन तथा लिथिक का अर्थ होता है पत्थर, इसलिए इस काल को नवपाषाण काल कहते हैं , इस काल की सभ्यता भारत के  लगभग संम्पूर्ण भाग में फैली थी ,  सर्वप्रथम ला मेसुरियर ने इस काल का प्रथम पत्थर का उपकरण 1860 में मेसुरियर ने उत्तर प्रदेश के टोंस नदी घाटी से प्राप्त किया  , इस समय के बने  प्रस्तर औजार गहरे ट्रैप( dark trap rock)के बने थे , इनमे विशेष प्रकार की पालिश की जाती थी प्रागैतिहासिक काल का सबसे विकसित काल नव पाषाण काल था , इसका समय लगभग सात हजार  वर्ष पूर्व माना जाता है , विश्व भर में इस काल मे कृषि  कार्यों   का प्रयोग मनुष्य ने शुरू कर दिया था, अर्थात अब मानव भोजन के लिए शिकार पर आधारित न रहकर उत्पादक बन चुका था , यानि मनुष्य अब खाद्य संग्राहक से खाद्य उत्पादक बन चुका था। विस्तार---              भारत मे अनेक नव पाषाण कालीन संस्कृतियों के प्रमाण मिलतें हैं जिनमे सबसे पहला मेहरगढ़ स्थल है  जो  सिन्धु और बलूचिस्तान में मिलता है ,इसका समय ईसा पूर्व 7000 साल  पहले कृषि उत्पादन शुरू हो चुका था यानी आज