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Showing posts from July 12, 2019

असित कुमार हलदार आर्टिस्ट की biography

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 असित कुमार हाल्दार आर्टिस्ट की बायोग्राफी असित कुमार हाल्दार एक कल्पना शील, भावप्रवण चित्रकार के साथ साथ अच्छे साहित्यकार ,शिल्पकार, कला समालोचक,चिंतक,कवि,विचारक भी थे। असित कुमार हाल्दार का प्रारंभिक जीवन--- असित कुमार हलदार का जन्म सन 1890 पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको नामक स्थल में  स्थित टैगोर भवन  के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी नानी रवींद्र नाथ टैगोर की बहन थीं।   असित कुमार हलदार के बाबा  का नाम राखालदास हाल्दार था  जो उस समय लंदन विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय के प्राध्यापक थे, और पिता सुकुमार हाल्दार भी कला में निपुण थे  ,उनकी प्रेरणा से असित कुमार हलदार को भी कला में अभिरुचि जगी। साथ मे वो बचपन से ही ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी पटचित्र कला को गौर से देखा और समझा था।  15 वर्ष की आयु में हाल्दार को कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला मिल गया , यहां पर इनको गुरु के रूप में  अवनींद्र नाथ टैगोर का सानिध्य मिला। उनसे उन्होंने कला की बारीकियों को सीखा,  यहां पर इन्होंने जादू पाल और बकेश्वर पाल से मूर्तिकला सीखी।    यहां आपको पर असित कुमार हाल्दार को अपने कक्षा में अन्

Bio Diversity या जैव विविधता kya hai-kaise bachaayen

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                    हमारे पृथ्वी में एक ही जाति के पौधे में ,जानवरों,जीव जन्तुओं में भारी विविधता  है, यदि हम गौर करें कृषि में तो हमें धान ,दाल और हर खाद्यान्न की कई वैराइटी मिलती है , जिनमे अपनी कुछ निजी विशेषतायें भी होती है,इसी तरह पक्षियों में देखिये उदाहरण तोता लेते है दुनिया भर में तोते अलग अलग चोंच ,रंग,पंख के रंग,उनके आकार ,उनके पंजो में अलग अलग बनावट मिलेगी   घरों में पाले जाने वाले विभिन्न नस्ल के कुत्ते देखतें ही है हम सब , पशुपालन में भैंस ,गाय की  विविध  नस्ल    की दुधारू  जानवरों को श्रेणीबद्ध करतें है ये विविधता "आनुवंशिक विविधता "कहलाती है क्योंकि एक जाति के जीव में जीन्स के   बदलाव से एक नई नस्ल का जीव बनता है जो अपने पूर्वज से भिन्न गुण रखता है , इसीतरह दुनिया भर में एक ही जीव की हजारों प्रजातियां पाई जाती है  सूक्ष्म जीव से लेकर विशाल हाँथी तक के अलग अलग किस्म की प्रजातियाँ  "प्रजाति विविधता "कहलाती है, हमारे पृथ्वी में इस समय 20 हजार चींटियों की जातियां,28 हजार मछलियों की जातियाँ,3 लाख भौंरों की जातियाँ पाई जातीं है,  परंतु ये जा