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Showing posts from March 24, 2020

असित कुमार हलदार आर्टिस्ट की biography

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 असित कुमार हाल्दार आर्टिस्ट की बायोग्राफी असित कुमार हाल्दार एक कल्पना शील, भावप्रवण चित्रकार के साथ साथ अच्छे साहित्यकार ,शिल्पकार, कला समालोचक,चिंतक,कवि,विचारक भी थे। असित कुमार हाल्दार का प्रारंभिक जीवन--- असित कुमार हलदार का जन्म सन 1890 पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको नामक स्थल में  स्थित टैगोर भवन  के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी नानी रवींद्र नाथ टैगोर की बहन थीं।   असित कुमार हलदार के बाबा  का नाम राखालदास हाल्दार था  जो उस समय लंदन विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय के प्राध्यापक थे, और पिता सुकुमार हाल्दार भी कला में निपुण थे  ,उनकी प्रेरणा से असित कुमार हलदार को भी कला में अभिरुचि जगी। साथ मे वो बचपन से ही ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी पटचित्र कला को गौर से देखा और समझा था।  15 वर्ष की आयु में हाल्दार को कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला मिल गया , यहां पर इनको गुरु के रूप में  अवनींद्र नाथ टैगोर का सानिध्य मिला। उनसे उन्होंने कला की बारीकियों को सीखा,  यहां पर इन्होंने जादू पाल और बकेश्वर पाल से मूर्तिकला सीखी।    यहां आपको पर असित कुमार हाल्दार को अपने कक्षा में अन्

सिंधु सभ्यता की विशेषतायें क्या थीं

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  सिंधु सभ्यता  की विशेषतायें --- हड़प्पा  सभ्यता अपने समकालीन सभ्यताओं मेसोपोटामिया की सभ्यता और मिस्र की  सभ्यताओं से अलग विशेषतायें थीं।  सिंधु सभ्यता का विस्तार-         इस सभ्यता का विस्तार व्यापक था ,ये सभ्यता उत्तर में जम्मू के मांडा तक विस्तृत थी तो दक्षिण में नर्मदा नदी  तट तक      विस्तृत थी   ,उसी तरह पूर्व में आलमगीरपुर स्थल से पश्चिम में बलूचिस्तान तक सुत्कागेंडोर और सोतकाकोह तक विस्तृत थी ।    इस सभ्यता की महत्वपूर्ण विशेषता ये नगरीय सभ्यता थी , सिंधु युगीन  स्थलों की सूची 1450 के आसपास है जिनमे कुछ नगरीय थे और कुछ ग्रामीण भी थे।  सिंधु सभ्यता का नगरीय जीवन की विशेषताऐं-- यदि हम ग्रामीण और नगरीय जीवन में विभेद करें तो पाते है कि कुछ तत्व जो नगरीय जीवन में पाये जाते हैं वो ग्रामीण जीवन में नहीं पाये जाते , सामान्यता ग्रामीण बस्ती का आकार छोटा होता है जो पांच से आठ दस हेक्टयर तक होती हैं जबकि नगरों का विस्तार 20 हेक्टयर से अधिक होता है यदि हम सैंधव कालीन बस्तियों के बारे में  अध्ययन   करें तो पाते हैं की इनका विस्तार 60 से 100 हेक्टेयर  के बीच या उससे भी ज़्याद