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Showing posts from July 16, 2020

जगदीश स्वामीनाथन Jagdeesh Swaminathan Artist ki Jivni

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जगदीश स्वमीनाथन Jagdeesh Swaminathan Artist ki Jivni जगदीश स्वामीनाथ( Jagdeesh Swaminathan ) भारतीय चित्रकला क्षेत्र के वो सितारे थे जिन्होंने अपनी एक अलग फक्कड़ जिंदगी व्यतीत किया ,उन्होंने अपने बहुआयामी व्यक्तित्व में जासूसी उपन्यास भी लिखे तो सिनेमा के टिकट भी बेचें।उन्होंने कभी भी अपनी सुख सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दिया ।   जगदीश स्वामीनाथन का बचपन -(Childhood of Jagdish Swminathan) जगदीश स्वामीनाथन का जन्म 21 जून 1928 को शिमला के एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ।इनके पिता एन. वी. जगदीश अय्यर एक परिश्रमी कृषक थे एवं उनकी माता जमींदार घराने की थी  और तमिलनाडु से ताल्लुक रखते थे। जगदीश स्वामीनाथन उनका प्रारंभिक जीवन शिमला में व्यतीत हुआ था ।शिमला में ही प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की यहां पर इनके बचपन के मित्र निर्मल वर्मा और रामकुमार भी थे। जगदीश स्वामीनाथन बचपन से बहुत जिद्दी स्वभाव के थे,उनकी चित्रकला में रुचि बचपन से थी पर अपनी जिद्द के कारण उन्होंने कला विद्यालय में प्रवेश नहीं लिया। उन्होंने हाईस्कूल पास करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय की PMT परीक्षा (प्री मेडिकल टेस्ट) में

माओत्से तुंग की बायोग्राफी

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माओत्से तुंग की बायोग्राफी (मओत्से तुंग) माओ ज़ेडॉन्ग (मओत्से तुुंग ) नवम्बर, 1893 - सितंबर 9, 1976), आधुनिक चीन के पिता को न केवल चीनी समाज और संस्कृति पर उनके प्रभाव के लिए याद किया जाता है, बल्कि उनके वैश्विक प्रभाव के लिए, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका में राजनीतिक क्रांतिकारी भी शामिल हैं,के लिए भी याद किया जाता है। 1960 और 1970 के दशक में पश्चिमी दुनिया में उन्हें व्यापक रूप से सबसे प्रमुख कम्युनिस्ट सिद्धांतकारों में से एक माना जाता है। उन्हें एक महान कवि के रूप में भी जाना जाता था। प्रारंभिक जीवन 26 दिसंबर, 1893 को चीन के हुनान प्रांत के शाओशन में माओ परिवार के एक बेटे का जन्म हुआ। उन्होंने लड़के का नाम माओत्से तुंग रखा। बच्चे ने पांच साल के लिए गांव के स्कूल में कन्फ्यूशियस क्लासिक्स का अध्ययन किया, लेकिन 13 साल की उम्र में खेत पर पूर्णकालिक मदद करने के लिए इस पढ़ाई को छोड़ दिया। विद्रोही और शायद ख़राब स्वभाव के कारण युवा माओ को कई स्कूलों से निष्कासित कर दिया गया था और वह विद्रोही स्वभाव के कारण कई दिनों के लिए घर से भाग गया था। 1907 में,