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Showing posts from January 5, 2022

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

Vikas bhattacharjee|विकास भट्टाचार्जी आर्टिस्ट की जीवनी

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                  चित्रकार विकास भट्टाचार्जी की जीवनी -  ( Biography of Artist  Vikas Bhattacharjee)                           विकास भट्टाचार्जी चित्रकार  की जीवनी हिंदी में--              ।21 जून 1940 से 18 दिसंबर 2006। बिकास भट्टाचार्जी (21 जून 1940 - 18 दिसंबर 2006) पश्चिम बंगाल के कोलकाता के एक भारतीय चित्रकार थे।  अपने चित्रों के माध्यम से, उन्होंने औसत मध्यवर्गीय बंगाली के जीवन को चित्रित किया - उनकी आकांक्षाओं, अंधविश्वासों, पाखंड और भ्रष्टाचार को चित्रित किया  और यहां तक ​​कि कोलकाता  में तथा उसके आसपास में जो हिंसा होती है उसको चित्रित किया ,  उन्होंने तेल, एक्रेलिक, वाटर-कलर, कॉन्टे और कोलाज में काम किया।        2003 में, उन्हें ललित कला अकादमी, भारत की राष्ट्रीय कला अकादमी, ललित कला अकादमी फैलोशिप के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जन्म और शिक्षा --( Birth and Education) विकास भट्टाचार्यजी का जन्म 21 जून 1940 को कोलकाता में हुआ था जब  विकास भट्टाचार्यजी बहुत छोटे थे तभी उनके पिता की असामयिक मृत्यु हो गई थी इसके कारण उनका जीवन बचपन से संघर्ष और अभाव में ही बीता जिसका