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अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।

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 अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।  अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी हिंदी में। अकबर पद्मसी को एस. एच. रजा ,F N सूजा, M.F. हुसैन की श्रेणी में रखा जाता है। इन्होंने कई विधाओं में कार्य किया , अकबर पद्मसी ने तैल रंग ,जल रंग ,स्कल्पचर और प्रिंटमेकिंग में , लिथोग्राफी,  में कंप्यूटर ग्राफ़िक्स में कार्य किया। अकबर पदमसी  अकबर पदमसी का प्रारंभिक जीवन -- अकबर पद्मसी का जन्म गुजरात के कच्छ क्षेत्र में एक मुस्लिम खोजा जाति में हुआ था ,इनके पूर्वज पहले राज दरबार मे कविता और गायन वादन किया करते थे जिन्हें चारण कहा जाता था। पद्मसी के बाबा काठियावाड़ क्षेत्र के गांव वघनगर के सरपंच थे तब लोंगों ने उनके अच्छे कार्यों के कारण पदमसी की उपाधि दी थी जो वास्तव में पद्मश्री का अपभ्रंश है।पद्मसी के पिता हसन पदमसी एक जाने माने व्यापारी थे जिनका फर्नीचर का व्यापार था वो बहुत धनी थे उनके दस मकान थे।परंतु इतना होने के बावजूद पदमसी परिवार में कोई पढ़ा लिखा व्यक्ति नहीं था ,तब अकबर पद्मसी जो सात भाइयों में से एक थे  ,इनके एक भाई एलिक पदमसी थे जिन्होंने थियेटर रंगमंच में नाट्यदक्षता से अपनी पहचान बनाई थी  वो थिएटर आर्टिस

CRPF का full form क्या है ,CRPF क्या है

CRPF का full form क्या है ,CRPF क्या है CRPF का full form Centre reserve police force सी आर पी एफ सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है यह 27 जुलाई 1939 को क्राउन रिप्रेजेन्टेटिव पुलिस के रूप में अस्तित्व में आया था , परंतु भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यह केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल बना और तब से इस बल की क्षमताओं और ताकत में बहुत ज़्यादा बृद्धि हुई है। इस समय इस फ़ोर्स में 195 एक्सक्यूटिव बटालियन,02 आपदा प्रबंधन  बटालियन, 3 महिला बटालियन,10 आर ए एफ  बटालियन,05  सिंगनल बटालियन,10 कोबरा बटालियन,1 स्पेशल ड्यूटी ग्रुप,1 पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप,40 ग्रुप सेण्टर,15 प्रशिक्षण संस्थान सहित कुल 226 बटालियन हैं, यह गृह मंत्रालय के अंतर्गत आदेशित होता है।       सी आर पी एफ की प्राथमिक भूमिका, कानून व्यवस्था बनाये रखने में राज्यों की पुलिस कार्यवाही में सहायता करना,नक्सल पभावित राज्यों में नक्सल विरोधी कार्यवाही और विद्रोह के रोकथाम में राज्य की सहायता करना। निष्पक्ष चुनाव करवाने में सी आर पी ऍफ़ की तैनाती होती है, संसद भवन की रक्षा के लिए 2001 में इसकी तैनाती हुई। इसके अलावा वैष्णो मन्दिर क