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Showing posts from February 8, 2020

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

औरंगजेब के पवेलियन और बादशाही बाग़

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औरंगजेब की पवेलियन व बदशाहीबाग       ये ऐतिहासिक स्थल कानपुर उत्तर प्रदेश के बगल में सटे फतेहपुर जनपद में है , ये स्थल खजुआ नामक एक छोटे से क़स्बे में है ,इस क़स्बे की स्थिति मुग़ल रोड में है ,मुग़ल रोड आगरा से  आज के प्रयागराज या  इलाहाबाद (allahabaad) तक है, इतिहास में नज़र दौड़ाएं तो शाहजहाँ के समय ये एक सराय स्थल था ,यहां पर सेनाएं जब आगरा से चलतीं थी तो यहीं आकर  विश्राम करतीं थी , लश्कर के साथ घोड़े , हांथी होते थे जो यहां चारा और पानी के लिए रुकते थे ,पास में ही सैनिकों के रहने,ठहरने  के लिए, रुकने के लिए एक किले के अंदर कई कमरे बने हैं ।     ये किलेनुमा परिसर के अंदर बन्द संरचनाएँ है जब आप मुग़ल रोड से इस क़स्बे में प्रवेश करते है तो दोनों तरफ चारमीनार जैसे दो ऊँचे विशाल दरवाजे मिलते है ,जो किले के प्रवेश द्वार थे। इस समय ये बिल्डिंग जीर्ण शीर्ण हो रही है ,पुरातत्व विभाग ने संरक्षण का कार्य लगातार किया है और अब भी जारी है इसलिए ये धरोहर अभी भी दिख रही है।     इतिहास में नजऱ दौड़ाएं तो ये खजुआ स्थल का नाम भी आपको मिलता है ,जब शाहजहाँ की बृद्धा वस्था और बिमारी की सूचना मुगलिया सल