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Showing posts from October 10, 2021

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जीवनी हिंदी में Dheerendra Krishna Shastri Biography Hindi me

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  Dheerendra Krishna Shastri का नाम  सन 2023 में तब भारत मे और पूरे विश्व मे विख्यात हुआ जब  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के द्वारा नागपुर में कथावाचन का कार्यक्रम हो रहा था इस दौरान महाराष्ट्र की एक संस्था अंध श्रद्धा उन्मूलन समिति के श्याम मानव उनके द्वारा किये जाने वाले चमत्कारों को अंधविश्वास बताया और उनके कार्यो को समाज मे अंधविश्वास बढ़ाने का आरोप लगाया। लोग धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को बागेश्वर धाम सरकार के नाम से भी संबोधित करते हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की चमत्कारी शक्तियों के कारण लोंगो के बीच ये बात प्रचलित है कि बाबा धीरेंद्र शास्त्री हनुमान जी के अवतार हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बचपन (Childhood of Dhirendra Shastri)  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म मध्यप्रदेश के जिले छतरपुर के ग्राम गढ़ा में 4 जुलाई 1996 में हिन्दु  सरयूपारीण ब्राम्हण परिवार  में हुआ था , इनका गोत्र गर्ग है और ये सरयूपारीण ब्राम्हण है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के पिता का नाम रामकृपाल गर्ग है व माता का नाम सरोज गर्ग है जो एक गृहणी है।धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक छोटा भाई भी है व एक छोटी बहन भी है।छोटे भाई का न

जितिश कल्लट (Jitish Kallat )आर्टिस्ट की जीवनी

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जितिश कल्लट ( Jitish Kallat आर्टिस्ट की जीवनी:-  जितिश  कल्लट   (Jitish Kallat)    का जन्म 14 जुलाई1974 में मुम्बई में हुआ था। आज भी यह मुम्बई में ही रहते है और आज Jitish Kallat 47 साल के हो चुके हैं । यह पेंटिंग ,फोटोग्राफी,मूर्तिकला,कोलाज,इंस्टालेशन,मल्टी मीडिया में काम किया है,2014 के कोच्चि  मुजरिश बिनाले के दूसरे संस्करण के कलात्मक निदेशक थे।   वह इण्डिया फाउंडेशन फ़ॉर द आर्ट न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं। इन्होंने एक कलाकार और आर्टिस्ट रीना सैनी  कल्लट से विवाह किया है। [जितिश कल्लट आर्टिस्ट] शिक्षा और चित्रण कार्य --       Jitish Kallat   जितिष कल्लत ने 1996 में जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट से  फाइन आर्ट की डिग्री प्राप्त की।BFA करने के बाद जितिश कल्लट ने पी. टी. ओ. शीर्षक से केमोल्ड प्रेसकार्ड रोड में पहली एकल प्रदर्शनी लगाई थी।  इनके  प्रारंभिक चित्रों में,जीवन चक्र,मृत्यु,जन्म, आकाशीय,पारिवारिक वंश,के  विषयों में कला कृतियां  दिखाई देतीं हैं ।      बाद में उनके चित्रों का केंद्रीय विषय शहर की छवि हो गई। इनके चित्रों में पॉप चित्रकार भूपेन खक्कर तथा ज्योतिभट्ट की कला शैली के दर्शन हो