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Showing posts from July 18, 2019

असित कुमार हलदार आर्टिस्ट की biography

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 असित कुमार हाल्दार आर्टिस्ट की बायोग्राफी असित कुमार हाल्दार एक कल्पना शील, भावप्रवण चित्रकार के साथ साथ अच्छे साहित्यकार ,शिल्पकार, कला समालोचक,चिंतक,कवि,विचारक भी थे। असित कुमार हाल्दार का प्रारंभिक जीवन--- असित कुमार हलदार का जन्म सन 1890 पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको नामक स्थल में  स्थित टैगोर भवन  के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी नानी रवींद्र नाथ टैगोर की बहन थीं।   असित कुमार हलदार के बाबा  का नाम राखालदास हाल्दार था  जो उस समय लंदन विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय के प्राध्यापक थे, और पिता सुकुमार हाल्दार भी कला में निपुण थे  ,उनकी प्रेरणा से असित कुमार हलदार को भी कला में अभिरुचि जगी। साथ मे वो बचपन से ही ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी पटचित्र कला को गौर से देखा और समझा था।  15 वर्ष की आयु में हाल्दार को कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला मिल गया , यहां पर इनको गुरु के रूप में  अवनींद्र नाथ टैगोर का सानिध्य मिला। उनसे उन्होंने कला की बारीकियों को सीखा,  यहां पर इन्होंने जादू पाल और बकेश्वर पाल से मूर्तिकला सीखी।    यहां आपको पर असित कुमार हाल्दार को अपने कक्षा में अन्

Vidhan sabha adhyaksh ka praavdhaan ,bharat ke rajyo mein

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               मित्रों   आज  कर्नाटक के  कुमारस्वामी के  समर्थन में विधायक छिटक कर दूर भागे जा रहे  है , सरकार बचाने के लिए सभी हथकंडे अपनाये जा रहे , सुप्रीमकोर्ट भी गए विधानसभा अध्यक्ष के रवैय्ये को लेकर , इस  सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट ने कहा की विधान सभा अध्यक्ष को निर्णय देने में समय से नही बंधा  जा सकता  ।              इसलिए इस करंट issue में विधानसभा अध्यक्ष की शक्तियों को जानना आवश्यक हो गया है।                       ::    विधान सभा अध्यक्ष   ::     भारत  की आजादी के बाद  संविधान निर्माताओं ने देश की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए केन्द्रीय स्तर पर जहाँ संसद की व्यवस्था की वहीं राज्यों के स्तर पर विधानसभा का गठन किया गया,इसके अतिरिक्त लोकसभा में कार्यवाही सञ्चालन के लिए और गरिमा बनाये रखने के लिए लोकसभा अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष का प्रावधान किया गया ,विधानसभा अध्यक्ष की विधानसभा की पूरी कार्यवाही जैसे प्रश्न काल , शून्यकाल , आदि के समय नियमानुसार सदस्यों को उनके तारांकित और अतारांकित  प्रश्नो के अनुसार प्रश्न पूंछने का निर्दिष्ट नियम देना , जवाब में मंत्री क