Posts

Showing posts from July 2, 2019

असित कुमार हलदार आर्टिस्ट की biography

Image
 असित कुमार हाल्दार आर्टिस्ट की बायोग्राफी असित कुमार हाल्दार एक कल्पना शील, भावप्रवण चित्रकार के साथ साथ अच्छे साहित्यकार ,शिल्पकार, कला समालोचक,चिंतक,कवि,विचारक भी थे। असित कुमार हाल्दार का प्रारंभिक जीवन--- असित कुमार हलदार का जन्म सन 1890 पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको नामक स्थल में  स्थित टैगोर भवन  के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी नानी रवींद्र नाथ टैगोर की बहन थीं।   असित कुमार हलदार के बाबा  का नाम राखालदास हाल्दार था  जो उस समय लंदन विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय के प्राध्यापक थे, और पिता सुकुमार हाल्दार भी कला में निपुण थे  ,उनकी प्रेरणा से असित कुमार हलदार को भी कला में अभिरुचि जगी। साथ मे वो बचपन से ही ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी पटचित्र कला को गौर से देखा और समझा था।  15 वर्ष की आयु में हाल्दार को कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला मिल गया , यहां पर इनको गुरु के रूप में  अवनींद्र नाथ टैगोर का सानिध्य मिला। उनसे उन्होंने कला की बारीकियों को सीखा,  यहां पर इन्होंने जादू पाल और बकेश्वर पाल से मूर्तिकला सीखी।    यहां आपको पर असित कुमार हाल्दार को अपने कक्षा में अन्

Pipal ke pend se 24 hour oxygen kaise?

Image
       Pipal ke pend se 24 hour oxygen kaise?  पीपल के पेड़ से 24 ऑवर ऑक्सीजन  कैसे निकलती है?                              पीपल रात को भी ऑक्सीजन कैसे छोड़ता है!!    पीपल  24 घण्टे ऑक्सीजन छोड़ता है    !!    पीपल का पेड़ कैसे 24 ऑवर ऑक्सीजन छोड़ता है जबकि अन्य पेंड तो सिर्फ दिन में ही ऑक्सीजन छोड़ते हैं ,रात को कॉर्बन डाई ऑक्साइड को छोड़ते हैं ,ये बात आप सब जानते है  , तो इस गूढ़ प्रश्न को समझने के लिए हमे पौधों के भोजन बनाने वाली प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण को समझना होगा जिस प्रक्रिया से पौधे सूर्य की उपस्थित में भोजन का निर्माण करते हैं। प्रकाश संश्लेषण भी तीन प्रकार का होता है ,इसमे पत्तियों के निचली सतह पर छोटे छोटे छिद्र होते है जिन्हें स्टोमेटा कहते हैं ।              :: प्रकाश संश्लेषण के प्रकार ::                     प्रकाश संश्लेषण की क्रिया तीन तरह की होती है पहली C3 दूसरी C4 तीसरी CAM प्रकार की ।  "CAM"  का वैज्ञानिक भाषा मे "क्रासुलेसियन पाथवे" कहा जाता है।              पहले प्रकार में सामान्य पौधे आते है जो इस विधि से प्रकाश संश्लेषण करते है    ।