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Showing posts from February 12, 2021

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

हड़प्पा या सैन्धव संस्कृति: सम्पूर्ण तथ्य में 100 facts

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हड़प्पा सभ्यता या सैन्धव के सम्पूर्ण तथ्य ----- आज हम पूरी हड़प्पा सभ्यता   को बिंदुवार, तथ्यों से समझने की कोशिश करतें हैं। हड़प्पा संस्कृति का नामकरण हड़प्पा स्थल के कारण हुआ है क्योंकि इस जगह से अत्यधिक पुरातत्व सामग्री प्राप्त हुई है हड़प्पा युगीन कांस्य युगीन सभ्यता है। हड़प्पा सभ्यता का पूरा क्षेत्रफल 1,22,99,600 वर्ग किलोमीटर है। हड़प्पा सभ्यता त्रिभुज के आकार की है। हड़प्पा सभ्यता के अंतर्गत पंजाब सिंधु ,बलूचिस्तान,अफगानिस्तान,कश्मीर,राजस्थान ,गुजरात ,हरियाणा और पश्चिम उत्तरप्रदेश के भाग आते हैं। रेडियो कार्बन विधि से हड़प्पा सभ्यता की तिथि2300-1750 ईसा पूर्व माना जाता है। इस सभ्यता का विकसित काल 2500 से 2200 ईसा पूर्व माना जाता है। सबसे पहले जान मार्शल महोदय ने हड़प्पा सभ्यता को सिंधु सभ्यता का नाम दिया । विद्वान के अनुसार इस सभ्यता के निर्माण में सुमेरियन सभ्यता के लोगों ने योगदान दिया। मार्टिमन व्हीलर के अनुसार हड़प्पा सभ्यता की प्रेरणा मेसोपोटामिया से प्राप्त हुई। अमलानंद घोष के अनुसार हड़प्पा सभ्यता के विकास में स्थानीय सोथी संस्कृति का योगदान था। राखाल दास बनर्जी के अनुसार इस सभ्यता