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Showing posts from August 25, 2021

Review of fact history four बुक|किरण प्रकाशन|आर्य कॉप्टिशन| ज्ञान पुस्तक|महेश बरनवाल

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  Review of fact history four बुक: ज्ञान पुस्तक,महेश बरनवाल किरण प्रकाशन,आर्य कॉप्टिशन विषय प्रवेश--  यदि कोई छात्र इंटरमीडिट के एग्जाम पास करने के बाद कॉम्पटीशन लाइन में प्रवेश करता है तो उसे पुस्तको के चयन में बहुत कंफ्यूज़न होता है। इस review से इतिहास की सही बुक लेने में मदद मिलेगी। Review of four books  आज हम बाज़ार में उपलब्ध चार फैक्ट आधारित बुक्स का रिव्यु करता हूँ ।  क्योंकि ज़्यादातर वनडे एग्जाम रेलवे,एस एस सी, लेखपाल या पटवारी का एग्जाम ग्राम विकास अधिकारी ,कांस्टेबल का एग्जाम,SI का एग्जाम,असिस्टेन्स टीचर्स,DSSB आदि के एग्जाम में इतिहास के फैक्चुअल प्रश्न पूंछे जाते हैं हालांकि वो GS पर आधारित हैं पर उन प्रश्नों हल करने के लिए भी कुछ डीप स्टडी जरूरी है। इसके लिए आप या तो आप ख़ुद नोट्स तैयार करें या फ़िर इन बुक्स की मदद लेकर विभिन्न वनडे एग्जाम में हिस्ट्री के प्रश्नों को आसानी से सही कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।  पहली पुस्तक की बात करते है जो इतिहास के फैक्ट पर आधारित है। ज्ञान इतिहास की । इस पुस्तक का संंपादन ज्ञान चंद यादव ने किया है।    इस बुक में इतिहास के बिन्दुओं को क्रमब

विनोद बिहारी मुखर्जी एक भित्ति चित्रकार

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  विनोद बिहारी मुखर्जी एक भित्ति चित्रकार की जीवनी :   विनोद  बिहारी मुखर्जी (7 फरवरी 1904 -11 नवंबर 1980) पश्चिम बंगाल राज्य के एक भारतीय कलाकार थे।  मुखर्जी भारतीय आधुनिक कला के अग्रदूतों में से एक थे और प्रासंगिक आधुनिकतावाद के एक प्रमुख व्यक्ति थे।      वह आधुनिक भारत के शुरुआती कलाकारों में से एक थे जिन्होंने कलात्मक अभिव्यक्ति की एक विधा के रूप में भित्ति चित्रों को अपनाया।       उनके सभी भित्ति चित्र वास्तुकला की अग्रणी बारीकियों के माध्यम से पर्यावरण की सूक्ष्म समझ को दर्शाते हैं। :विनोद बिहारी मुखर्जी:   विनोद बिहारी मुखर्जी भारत के आधुनिक अग्रदूत कलाकारों में एक थे,वह आधुनिक भारत के प्रारंभिक कलाकारों में एक थे ,उन्होंने अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के रूप में भित्ति चित्रण को अपनाया।       जन्म - - विनोद बिहारी मुखर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल में 7 फरवरी 1904 बहला नामक स्थान पर हुआ था,उनका पैतृक गांव हुगली जिले के गरालगच्छ गांव में हुआ था।       मुखर्जी का जन्म आंखों की गंभीर समस्या के साथ हुआ था।  प्रारम्भ में उनको एक आँख में सिर्फ कुछ दूरी तक दिखता था और दूसरी आँख से जरा भी नहीं