Posts

Showing posts from January 1, 2021

विलियम मोरिस डेविस भूगोलविद की जीवनी

Image
 विलियम मोरिस डेविस भूगोलविद की जीवनी: मोरिस डेविस का प्रारंभिक जीवन विलियम मोरिस डेविस का जन्म फिलाडेल्फिया  यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका में हुआ था । डेविस ने हारवर्ड  से1869 में स्नातक की उपाधि ग्रहण की,सन 1870 से 1873 तक वह अर्जेंटीना के कार्डोबा के मौसम विज्ञान वेधशाला में सहायक के रूप में काम किया , हार्वर्ड से वापस लौटने के बाद इन्होंने वह भूगर्भीय व भूआकृति विज्ञान का अध्ययन किया,सन 1876 में उसे सहायक प्रोफेसर का शेलर का सहायक बना और उनके साथ रहकर भूगर्भ विज्ञान और भूआकृति विज्ञान का अध्ययन करने लगा 1878 में अस्सिटेंट प्रोफ़ेसर बने और 1899 में प्रोफ़ेसर नियुक्त हुए  1890  विलियम डेविस ने सार्वजनिक  स्कूलों में भूगोल के मानकों को निर्धारित किया उनके अनुसार प्राथमिक विद्यालयों ,माध्यमिक विद्यालयों में भूगोल को विज्ञान की तरह शिक्षा देना चाहिए ,डेविस ने भूगोल को विश्व विद्यालय स्तर पर पढ़ाये जाने के लिए उपयुक्त पाठ्यक्रम बनाने में सहायता प्रदान की। 1904 में वह अमेरिका के सारे प्रशिक्षित भूगोलवेत्ताओं से मुलाकात की ,और इन शिक्षाविदों का संगठन तैयार किया। 1904 में एसोसिएशन ऑफ अमेरिकन जिओग

के सी एस पणिक्कर आर्टिस्ट की जीवनी

Image
के. सी. एस. पणिक्कर आर्टिस्ट की जीवनी के सी एस पंनिकर का जन्म 30 मई सन1911 को केरल के कोयंबटूर नामक स्थान पर हुआ था ,इनके पिता चिकित्सक थे और इनको भी चिकित्सा के क्षेत्र से जोड़ना चाहते थे,परंतु पणिकर डॉक्टरी पेशे में नहीं आना चाहते थे  उनका मन कलाकार एक आर्टिस्ट बनना चाहता था,बचपन से ही उनकी प्राकृतिक दृश्यों में रुचि थी पांच वर्ष तक इन्होंने एक बीमा कम्पनी में तथा तार विभाग में भी कार्य किया ,परंतु अपने अंदर कलाकार बनने की चाहत ने उनको उस कार्य को छोड़ना पड़ा तब 1936 में उन्होंने कला की शिक्षा प्राप्त करने के लिए मद्रास स्कूल ऑफ आर्ट्स में प्रवेश लिया यहां पर उनके कला में विशेष प्रवीणता के कारण छै वर्षीय पाठ्यक्रम में सीधे तीसरे साल में प्रवेश दे दिया गया ,इस समय मद्रास स्कूल ऑफ आर्ट्स में देवी प्रसाद राय चौधरी प्रिंसिपल थे ,उनके ही निर्देशन में पणिकर ने दक्षता के साथ डिप्लोमा प्राप्त किया  । उन्होंने डिप्लोमा परीक्षा में सर्वप्रथम स्थान प्राप्त किया डिप्लोमा लेने के बाद यहीं पढ़ाने भी लगे यहां पर धीरे धीरे प्रमोट होते गए पहले अध्यापक बने फिर 1955 में उपप्राचार्य बने बाद में 1957 में प्र