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Showing posts from June 8, 2019

DU LLB प्रवेश परीक्षा

 DU-LLB प्रवेश परीक्षा  परीक्षा का नाम - दिल्ली विश्वविद्यालय एलएलबी प्रवेश परीक्षा  लोकप्रिय नाम - DU LL.B प्रवेश परीक्षा  संचालन प्राधिकरण (authority) : विधि संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली  DU LLB प्रवेश परीक्षा पात्रता ---  (i) सामान्य, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (एससी / एसटी) उम्मीदवारों के लिए पात्रता मानदंड अध्यादेश में दिया गया है।  एलएलबी में प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड     (ii) सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उम्मीदवारों के लिए, दिल्ली विश्वविद्यालय या किसी भी अन्य भारतीय या विदेशी विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट / पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री, दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा कम से कम 50% अंकों या समकक्ष ग्रेड के साथ मान्यता प्राप्त।    हालांकि, प्रवेश परीक्षा में सामान्य उम्मीदवारों के लिए अधिसूचित अंकों से ओबीसी उम्मीदवारों के प्रवेश के लिए कट ऑफ अंक 10% तक कम होगा।  (iii) सामान्य उम्मीदवारों के लिए निर्धारित न्यूनतम पात्रता में 5% अंकों की छूट अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में दी जाएगी।  (भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुपालन में पी.वी. इंडीयरसन बनाम भारत संघ

Dayanand Sarashvati , social reformer

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            महर्षि दयानंद सरस्वती की जीवनी दयानंद सरस्वती का जीवन--    हिन्दू धर्म मे व्याप्त बुराइयां 19वीं सदी के ब्रिटिश भारत मे दिखाईं देती थीं, इन्ही बुराइयों को बताकर ईसाई मिशनरियों ने धर्मांतरण का जरिया बना रखा था,इस बीच हिन्दू समाज मे सुधार के लिए स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना 1875 में बम्बई ने की थी,ये आंदोलन उस समय के अन्य समाज आंदोलनों से ज्यादा लोकप्रिय और भिन्न था।                 दयानंद सरस्वती   जी का जन्म 1824 में गुजरात के काठियावाड़ के मौरवी राज्य के  औदिच्य ब्राम्हण परिवार में  महाशिवरात्रि के दिन  हुआ था, इनके पूर्वज लगभग एक हजार साल पूर्व मूलराज सोलंकी नामक गुजरात नरेश के शासन काल में उदीच् (उत्तर) दिशा से आकर गुजरात में बसे थे ,उदीच् दिशा से आने के कारण इन ब्राम्हणो को औदिच्य कहा जाता है , इनकी माता का नाम अमृतबेन(अमूबा) था ,कहीं कहीं माता का नाम यशोदा भी बताया जाता है ,    इनके पिता वेदों के विद्वान और उन्होंने ही उनको वैदिक वांग्मय तथा न्याय दर्शन की दीक्षा दी थी, मूल नक्षत्र में पैदा होने के कारण इनका  बचपन का नाम मूलशंकर  था, स्वा